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पैरेंट्स ने कमिश्नर को घेरा तो बोले- डीएम सुनेंगे

Thu, 31 May 2018 01:40 AM IST
Updated Thu, 31 May 2018 01:40 AM IST
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पैरेंट्स ने कमिश्नर को घेरा तो बोले- डीएम सुनेंगे
फोटो- भानु
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फ्लैग- फीस अध्यादेश लागू करने का मामला
पेरेंट्स ने कमिश्नर को घेरा तो बोले- डीएम सुनेंगे
-महिला जागृति मंच की मनु नीरज के साथ महिलाओं ने स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर विरोध जातया
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। राज्य सरकार का फीस अध्यादेश लागू ना करने का मामला एक बार पेरेंट्स ने महिला जागृति मंच के बैनर तले कमिश्नर के समक्ष उठाया। इस मुद्दे पर अपनी घेराबंदी होते देख कमिश्नर बोले- उन्होंने जिलाधिकारी को इस संबंध में आर्डर कर दिया है। वही इस मामले को देखेंगे। हालांकि डीएम ने थोड़ी देर बाद ही स्पष्ट कर दिया कि अभी उनके पास मंडलायुक्त का कोई आदेश नहीं आया है, हो सकता है डाक में हो।
राज्य सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस वसूली, यूनिफार्म, किताबें, मोजे-जूते खास दुकानों या स्कूल से ही खरीदने के नाम होने वाले पेरेंट्स के शोषण को रोकने के लिए नौ अप्रैल को प्रदेश में फीस नियंत्रण अध्यादेश लागू कर दिया था। अमर उजाला ने दो माह तक इस मुद्दे पर अभियान चलाकर अभिभावकों को शोषण के प्रति जागरूक किया। बुधवार को महिला जागृति मंच की मनु नीरज की अगुवाई में तमाम महिला अभिभावक कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन से मिलकर उन्हें प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ ज्ञापन देने गईं। महिलाओं ने कमिश्नर से कहा कि वे पहले भी उनसे दो बार मिल चुकी हैं और प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली और फीस नियंत्रण अध्यादेश लागू न करने के संबंध में भी अवगत करा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। मनु नीरज ने कहा कि प्राइवेट स्कूल मेंटीनेंस समेत हफ्ते में तीन दिन यूनिफार्म बदलवाकर तो कभी किसी बहाने शोषण करते हैं। इन स्कूलों में पढ़ाने वाले अधिकांश परिवार गरीब और मध्यमवर्गीय हैं। अगर प्रशासन का यही हाल रहा तो यह पेरेंट्स अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं दिला पाएंगे। अन्य महिलाओं ने कमिश्नर से कहा कि मंडलीय कमेटी में वह सुप्रीम पॉवर हैं, फिर भी अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है। अभिभावकों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने अब भी ढिलाई बरती तो महिलाएं अन्य पेरेंट्स के साथ सड़कों पर उतरेंगी।
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मंडलायुक्त का आदेश नहीं मिला
जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि फीस नियंत्रण अध्यादेश के संबंध में अभी मंडलायुक्त का आदेश उन्हें नहीं मिला है। जैसे ही आदेश मिलेगा, वह अनुपालन कराएंगे। अध्यादेश के बिंदुओं का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई होगी।
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