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सखियां बनीं ‘शेरनी’ तो सरपट दौड़ा बाघ
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Mon, 19 Mar 2018 06:40 PM IST
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सावित्री और जीनत की जिंदगी बचाने में उनके साथ गईं महिलाओं की हिम्मत काम आई। खेत से लौटते समय हमला होने पर महिलाओं ने बाघ पर जवाबी हमला कर दिया। इससे बाघ को मुंह मोड़ना पड़ना गया।
उदयपुर की आठ महिलाएं क्रमश: विमला, ओमवती, नंदरानी, सुनतारा, संगीता देवी, कुंवरवती, सावित्री और जीनत दो वक्त की रोटी कमाने के लिए मजदूरी करने घर से निकली थीं। नूरपुर निवासी मोबिन के खेत में मसूर उखाड़ने के बाद दोपहर करीब एक बजे सभी महिलाएं आपस में बातें करतीं हुई घर आ रहीं थी। नलकूप पर पानी पीने के दौरान पीछे खड़ी सावित्री के अचानक चीखने पर महिलाओं ने देखा तो एक बाघ सावित्री देवी की गर्दन पकड़कर गिरा रहा है। बाघ को देख एक पल को महिलाएं घबरा गईं लेकिन अगले ही पल उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया और बाघ पर मिट्टी के ढेले मारने लगीं। इस पर बाघ ने सावित्री को छोड़ दिया। महिलाओं ने जैसे ही सावित्री को उठाने का प्रयास किया फिर बाघ ने पुन: एक अन्य महिला जीनत पर हमला कर दिया। बाघ ने जीनत का सिर अपने दांतों में दबा लिया और उसे खींचने लगा। जीनत को मौत के मुंह देख महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाना जारी रखा। इस दौरान करीब 200 मीटर दूर स्थित गांव के लोग भी लाठी डंडे लेकर शोर मचाते हुए पहुंच गए। जिस पर बाघ जीनत को छोड़कर भाग गया। यदि महिलाएं हिम्मत न दिखाती तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। हिम्मत कर महिलाओं ने अपनी साथियों को तो बचा लिया लेकिन उनके दिलो दिमाग में बाघ की दहशत अभी भी कायम है
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उदयपुर की आठ महिलाएं क्रमश: विमला, ओमवती, नंदरानी, सुनतारा, संगीता देवी, कुंवरवती, सावित्री और जीनत दो वक्त की रोटी कमाने के लिए मजदूरी करने घर से निकली थीं। नूरपुर निवासी मोबिन के खेत में मसूर उखाड़ने के बाद दोपहर करीब एक बजे सभी महिलाएं आपस में बातें करतीं हुई घर आ रहीं थी। नलकूप पर पानी पीने के दौरान पीछे खड़ी सावित्री के अचानक चीखने पर महिलाओं ने देखा तो एक बाघ सावित्री देवी की गर्दन पकड़कर गिरा रहा है। बाघ को देख एक पल को महिलाएं घबरा गईं लेकिन अगले ही पल उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया और बाघ पर मिट्टी के ढेले मारने लगीं। इस पर बाघ ने सावित्री को छोड़ दिया। महिलाओं ने जैसे ही सावित्री को उठाने का प्रयास किया फिर बाघ ने पुन: एक अन्य महिला जीनत पर हमला कर दिया। बाघ ने जीनत का सिर अपने दांतों में दबा लिया और उसे खींचने लगा। जीनत को मौत के मुंह देख महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाना जारी रखा। इस दौरान करीब 200 मीटर दूर स्थित गांव के लोग भी लाठी डंडे लेकर शोर मचाते हुए पहुंच गए। जिस पर बाघ जीनत को छोड़कर भाग गया। यदि महिलाएं हिम्मत न दिखाती तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। हिम्मत कर महिलाओं ने अपनी साथियों को तो बचा लिया लेकिन उनके दिलो दिमाग में बाघ की दहशत अभी भी कायम है
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