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दाल में सिंथेटिक कलर तो तेल भी खाने योग्य नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Wed, 04 May 2016 12:12 AM IST
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दाल
- फोटो : DEMO Pics
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तमाम प्रयासों के बाद भी एफएसडीए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोक नहीं पा रहा है। खाद्य पदार्थों में घातक तत्वों की मिलावट कर उन्हें बाजार में खपाया जा रहा है। हाल ही में चार नमूनों की जांच रिपोर्ट में ऐसे तत्वों की मिलावट की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग विक्रेताओं के खिलाफ अदालत में वाद दायर करने की तैयारी में है।
देवीगंज निवासी दिलीप की दुकान से एफएसडीए की टीम ने बर्फी का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में बर्फी में एल्मुनियम की मिलावट पाई गई है। मोहम्मदपुर बिशुनपुर से मो. आलम की दुकान से भरा गया अरहर की दाल का नमूना फेल हो गया है।
दाल में सिंथेटिक कलर मिलाए जाने की पुष्टि हुई है। इसी प्रकार रामपुर सआदतगंज से मो. इमरान की दुकान से भरा गया छेना का नमूना भी जांच में फेल हो गया है छेना में एल्मुनियम की मिलावट पाई गई है।
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इसी प्रकार कोठी क्षेत्र के सेमरावां से इमरान की दुकान से भरा गया सरसों तेल का नमूना भी जांच में फेल हो गया है। सरसों के तेल में ऐसे तत्वाें की मिलावट पाई गई है जो खाने योग्य नहीं है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस तेल में संस्पेंडेड मैटर के मिलाए जाने की पुष्टि हुई है।
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देवीगंज निवासी दिलीप की दुकान से एफएसडीए की टीम ने बर्फी का नमूना भरकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में बर्फी में एल्मुनियम की मिलावट पाई गई है। मोहम्मदपुर बिशुनपुर से मो. आलम की दुकान से भरा गया अरहर की दाल का नमूना फेल हो गया है।
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दाल में सिंथेटिक कलर मिलाए जाने की पुष्टि हुई है। इसी प्रकार रामपुर सआदतगंज से मो. इमरान की दुकान से भरा गया छेना का नमूना भी जांच में फेल हो गया है छेना में एल्मुनियम की मिलावट पाई गई है।
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इसी प्रकार कोठी क्षेत्र के सेमरावां से इमरान की दुकान से भरा गया सरसों तेल का नमूना भी जांच में फेल हो गया है। सरसों के तेल में ऐसे तत्वाें की मिलावट पाई गई है जो खाने योग्य नहीं है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस तेल में संस्पेंडेड मैटर के मिलाए जाने की पुष्टि हुई है।