24 लाख पात्रों को नहीं मिले राशन कार्ड
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यहीं नहीं अंत्योदय योजना के पूराने कार्डों पर ही लाभार्थियों को राशन दिया जा रहा है। इसके अलावा चयनित लाभार्थियों और गलत नामों के संशोधन की प्रक्रिया भी चल रही है। लेकिन चयनित लाभार्थियों को राशन कार्ड कब तक दिए जाएंगे इसका संतोषजनक जवाब अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं।
जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 01 मार्च 2016 से लागू किया गया। जिस समय अधिनियम को लागू किया गया था उस समय पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों की संख्या 18 लाख के आस-पास थी और अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 1 लाख 13 हजार के आस-पास बताई गई थी। लेकिन कई चरणों में कराए गए सत्यापन और वास्तविक पात्रों की फीडिंग के बाद यह संख्या अब 24 लाख 63 हजार के आस-पास पहुंच गई है।
लेकिन इनमें से राशन का वितरण पूर्व में चयनित लाभार्थियों में ही किया जा रहा है। क्योंकि राशन कार्ड के तरह की जो पर्ची जारी की गई है वह इन्हीं लाभार्थियों के पास है। इसके अलावा राशन का आवंटन भी पहले जितना ही मिल रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अन्य लाभार्थियों को राशन दिया जा सकेगा।
पूराने अंत्योदय कार्डों पर दिया जा रहा राशन
जिले की आबादी करीब 32 लाख 60 हजार 699 है। इनमें से 24 लाख 63 हजार पात्रों के नाम पात्र गृहस्थी में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा अन्त्योदय कार्ड धारक भी हैं। अंत्योदय कार्डधारकों को पुराने कार्ड पर ही राशन दिया जा रहा है। जबकि पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों को अभी तक राशन कार्ड जारी नहीं किए जा सके हैं। विभाग का कहना कि अभी तक शासन स्तर से इस संबंध में कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुए हैं।
शासन के निर्देश पर पूर्व में चयनित पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों राशन कार्ड के तरह की पर्ची का वितरण करा दिया गया है। इसी के आधार पर राशन का वितरण भी कराया जा रहा है। नए सिरे से जिन लाभार्थियों का चयन हो रहा है उनका आवंटन जल्द ही मिल जाएगा। लाभार्थियों को राशन कार्ड कब तक वितरित किए जाएंगे इस बाबत अभी तक शासन से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। -सुरेश कुमार, एआरओ सदर