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सवा लाख कार्डधारकों को नहीं मिलेगी कोटे की चीनी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 25 Mar 2017 11:54 PM IST
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बीजपुर बाजार स्थित कोटे की दूकान पर हंगामे के दौरान उमड़ी कार्डधारकों की भीड़।
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शासन ने अप्रैल माह से पात्र गृहस्थी व अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली चीनी बंद कर दी है। जिससे अब कार्डधारकों को भी बाजार से चीनी खरीदनी पडे़गी। चीनी पर सब्सिडी बंद कर देने के बाद जिले के मिलों से निकासी व विपणन गोदामों से भंडारण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
पांच दिनों बाद शुरू हो रहे अप्रैल माह से अनाज के साथ चीनी लेने वाले अंत्योदय कार्डधारकों को अब दुकानों से 40 रुपए प्रतिकिलों की दर से चीनी खरीदनी पड़ेगी। अभी तक कार्ड धारक प्रतिमाह आठ सौ ग्राम चीनी का सब्सिडी के तौर पर मार्केट रेट से काफी कम मूल्य पर मिल जाती थी।
भले ही इस आठ सौ ग्राम चीनी से महीने भर की मिठास न मिलती हो लेकर एक सहारा जरूर मिल जाता था। जो अब अगले माह से बंद हो जाएगा।
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वर्तमान समय में कुल 1295 राशन की दुकानें संचालित हैं। जिन पर प्रतिमाह 863 मीट्रिक टन चीनी कोटेदारों द्वारा वितरित की जाती थी। जिसका सीधा लाभ एक लाख 18 हजार अंत्योदय कार्डधारक परिवारों को होता था। चीनी बंद होने जाने के बाद इन कार्डधारकों को अब बाजार मूल्य से 40 से 42 रुपए प्रति किलो की दर से चीनी खरीदनी पड़ सकती है।
वहीं अनाज के साथ मिलने वाली चीनी के बंद होने से एक लाख 18 हजार लोग इससे सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। शासन से मिले दिशा-निर्देशों के बाद प्रशासन ने इस संबंध में जरूरी निर्देश विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को दिए जा चुके हैं।
अप्रैल माह से चीनी बंद कर दिए जाने के निर्देश प्राप्त हुए है। सभी कोटेदारों को पूरी प्रक्रिया से अवगत करा दिया गया है। उठान के लिए जो बिल जनरेट किए गए है उनमें चीनी का कोटा शून्य कर निल कर दिया गया है। केवल गेंहू व चावल का पैसा जमा कराया जा रहा है।विनोद कुमार सिंह, प्रभारी -डीएसओ, बाराबंकी।
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पांच दिनों बाद शुरू हो रहे अप्रैल माह से अनाज के साथ चीनी लेने वाले अंत्योदय कार्डधारकों को अब दुकानों से 40 रुपए प्रतिकिलों की दर से चीनी खरीदनी पड़ेगी। अभी तक कार्ड धारक प्रतिमाह आठ सौ ग्राम चीनी का सब्सिडी के तौर पर मार्केट रेट से काफी कम मूल्य पर मिल जाती थी।
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भले ही इस आठ सौ ग्राम चीनी से महीने भर की मिठास न मिलती हो लेकर एक सहारा जरूर मिल जाता था। जो अब अगले माह से बंद हो जाएगा।
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वर्तमान समय में कुल 1295 राशन की दुकानें संचालित हैं। जिन पर प्रतिमाह 863 मीट्रिक टन चीनी कोटेदारों द्वारा वितरित की जाती थी। जिसका सीधा लाभ एक लाख 18 हजार अंत्योदय कार्डधारक परिवारों को होता था। चीनी बंद होने जाने के बाद इन कार्डधारकों को अब बाजार मूल्य से 40 से 42 रुपए प्रति किलो की दर से चीनी खरीदनी पड़ सकती है।
वहीं अनाज के साथ मिलने वाली चीनी के बंद होने से एक लाख 18 हजार लोग इससे सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। शासन से मिले दिशा-निर्देशों के बाद प्रशासन ने इस संबंध में जरूरी निर्देश विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को दिए जा चुके हैं।
अप्रैल माह से चीनी बंद कर दिए जाने के निर्देश प्राप्त हुए है। सभी कोटेदारों को पूरी प्रक्रिया से अवगत करा दिया गया है। उठान के लिए जो बिल जनरेट किए गए है उनमें चीनी का कोटा शून्य कर निल कर दिया गया है। केवल गेंहू व चावल का पैसा जमा कराया जा रहा है।विनोद कुमार सिंह, प्रभारी -डीएसओ, बाराबंकी।