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कांग्रेस 32, सपा 21, भाजपा 17 बार जीत चुकी है चुनाव
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बाराबंकी। जिले की राजनीति ने तमाम उतार-चढ़ाव देखे हैं। मतदाताओं का मूड कभी भी नेता और राजनीतिक दल नहीं भांप पाए। इसीलिए किसी चुनाव में जिले में एक ही दल का दबदबा रहा तो अगले ही चुनाव में मतदाताओं ने उसे अर्श से फर्श पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
आजादी के बाद से अब तक हुए विधानसभा चुनाव की बात करें तो सबसे ज्यादा बार जीतने का रिकॉर्ड कांग्रेस पार्टी के नाम है। जबकि बतौर दल समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर और भाजपा तीसरे नंबर पर रही है। कभी जनता पार्टी का भी दबदबा रहा है।
आजादी के बाद जिले में 8 विधानसभा क्षेत्र थे। 1952 से 57 तक की पहली विधानसभा में 8 में से 6 सीटें कांग्रेस को मिली थी। अब तक के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने जिले को 32 बार विधायक दिए। आंकड़ों पर गौर करें तो सपा 21 बार विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव जीती। जबकि दो उपचुनाव का श्रेय भी सपा के पास है। सपा से पहले जनता पार्टी का दबदबा रहा।
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जिले में जनता पार्टी से 12 बार विधायक निर्वाचित हुए। भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो 17 बार इस पार्टी के विधायक निर्वाचित हुए और भाजपा से पहले तीन विधायक भारतीय जनसंघ से भी चुने गए थे। सोशलिस्ट पार्टी से 8, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से 6, जनता एस चरण सिंह पार्टी से 3 विधायक जिले को मिले। इसी तरह भारतीय क्रांति दल ने पहली विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कुल 6 विधायक जिले को दिए।
जिले में अब तक हुए पांच निर्दलीय विधायक
जिले को अब तक 5 निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए। 1962 में हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से राम किशोर त्रिपाठी निर्दलीय विधायक के रूप में चुने गए। इसके बाद 1967 से 1968 तक तब जिले में पूरी तरह शामिल रही रुदौली विधानसभा क्षेत्र से चंद्र कुमार द्विवेदी निर्दलीय विधायक रहे।
1969 से 1974 तक मसौली से मुस्तफा कामिल किदवई, 1977 से 1980 तक हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सुंदरलाल दीक्षित, 1985 से 1989 तक दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र से राजीव कुमार सिंह ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी।
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आजादी के बाद से अब तक हुए विधानसभा चुनाव की बात करें तो सबसे ज्यादा बार जीतने का रिकॉर्ड कांग्रेस पार्टी के नाम है। जबकि बतौर दल समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर और भाजपा तीसरे नंबर पर रही है। कभी जनता पार्टी का भी दबदबा रहा है।
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आजादी के बाद जिले में 8 विधानसभा क्षेत्र थे। 1952 से 57 तक की पहली विधानसभा में 8 में से 6 सीटें कांग्रेस को मिली थी। अब तक के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस ने जिले को 32 बार विधायक दिए। आंकड़ों पर गौर करें तो सपा 21 बार विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव जीती। जबकि दो उपचुनाव का श्रेय भी सपा के पास है। सपा से पहले जनता पार्टी का दबदबा रहा।
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जिले में जनता पार्टी से 12 बार विधायक निर्वाचित हुए। भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो 17 बार इस पार्टी के विधायक निर्वाचित हुए और भाजपा से पहले तीन विधायक भारतीय जनसंघ से भी चुने गए थे। सोशलिस्ट पार्टी से 8, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से 6, जनता एस चरण सिंह पार्टी से 3 विधायक जिले को मिले। इसी तरह भारतीय क्रांति दल ने पहली विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कुल 6 विधायक जिले को दिए।
जिले में अब तक हुए पांच निर्दलीय विधायक
जिले को अब तक 5 निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए। 1962 में हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से राम किशोर त्रिपाठी निर्दलीय विधायक के रूप में चुने गए। इसके बाद 1967 से 1968 तक तब जिले में पूरी तरह शामिल रही रुदौली विधानसभा क्षेत्र से चंद्र कुमार द्विवेदी निर्दलीय विधायक रहे।
1969 से 1974 तक मसौली से मुस्तफा कामिल किदवई, 1977 से 1980 तक हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सुंदरलाल दीक्षित, 1985 से 1989 तक दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र से राजीव कुमार सिंह ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी।