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भाजपा कार्यकर्ता ना आरक्षण सिर्फ जिताऊ पर लगाया दांव
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बाराबंकी। जिले के 15 ब्लॉक प्रमुख के पदों पर भारतीय जनता पार्टी ने नामांकन के एक दिन पहले 14 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। जारी सूची में नजर डालें तो पार्टी ने न तो कार्यकर्ताओं को तरजीह दी और न तो अनारक्षित सीटों पर सामान्य वर्ग का प्रत्याशी उतारा। बल्कि चयन में सिर्फ जिताऊ प्रत्याशी पर दांव लगाया है।
मुकाबला कैसा होगा यह तो 10 जुलाई को ही पता चलेगा। किंतु उम्मीदवारों की सूची जारी करने से कुछ घंटे पहले ही सदस्यता लेने वाले को टिकट मिल गया। इसे लेकर पार्टी दावा चाहे जो करे किंतु देव तुल्य कहा जाने वाला कार्यकर्ता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। पार्टी के तर्क चाहे जो हों पर जिन्हें टिकट दिया गया है। उनमें से अधिकांश सत्ता के साथ दल बदलते आए हैं। यही नहीं शहर की बंकी ब्लॉक में कोई प्रत्याशी न उतारने की वजह भी राजनीतिक हलकों में तलाशे जा रहे हैं।
ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को लेकर बृहस्पतिवार को नामांकन और नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक चाक चौबंद व्यवस्था के जहां इंतजाम किए गए हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा और सपा ने इन सीटों पर कब्जा करने के लिए जोड़तोड़ तेज कर दी है। सपा सात उम्मीदवार पहले घोषित कर चुकी है तो भाजपा ने बुधवार दोपहर 15 में 14 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद सपा ने अपने अन्य उम्मीदवारों की सूची जारी करने के लिए कवायद तेज की है।
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भाजपा की जारी सूची पर नजर डालें तो कार्यकर्ताओं की न निष्ठा देखी गई और न ही घोषित आरक्षण पर सामान्य वर्ग के पूरे उम्मीदवार उतारे गए। सिर्फ जिताऊ पर दांव लगाने का फार्मूला अपना कर कुछ समय पहले ही सदस्यता ग्रहण करने वालों का नाम सूची में शामिल किया गया। इसे लेकर टिकट के दावेदार पार्टी के कार्यकर्ता अपने को ठगा ही नहीं महसूस कर रहे हैं बल्कि भीतर ही भीतर उनमें आक्रोश है।
14 में 5 ऐसे उम्मीदवार शामिल हैं जो पंचायत चुनाव संपंन होने के बाद भाजपा में शामिल हुए। यही नहीं आरक्षण में अनारक्षित सीट देवा, निंदूरा, बनीकोडर में पिछड़े और दलित वर्ग का प्रत्याशी उतारा गया है। पार्टी का तर्क चाहे जो हो किंतु इन तथ्यों से साफ है कि भाजपा सिर्फ और सिर्फ जीत को आधार मानकर टिकट जारी किए हैं।
दल बदल में माहिर रहे हैं अधिकांश उम्मीदवार
भाजपा के 14 प्रत्याशियों की सूची पर नजर डाली जाए तो शायद कहने भर को ही कुछ नाम हों जिनका पार्टी से पुराना नाता रहा हो। अधिकांश एंसे हैं जो समय-समय पर दल बदलते रह हैं किंतु धन और जन बल में संपंन होने के कारण इन्हें हर दल अपनी गोदी में बिठाता रहा है। खास कर सत्ता बदलते ही रूख भांप कर यह अपना पाला बदल लेते हैं।
ब्लॉक का नाम आरक्षण प्रत्याशी का नाम
1- त्रिवेदीगंज अनुु. जाति महिला पूनम रावत
2- दरियाबाद अनारक्षित आकाश पांडेय
3- देवा अनारक्षित धर्मेंद्र दव
4- निंदूरा अनारक्षित अनूप रावत
5- पूरेडलई अनारक्षित रत्नेश सिंह
6- फतेहपुर अन्य पिछड़ा वर्ग ओमप्रकाश वर्मा
7- बनीकोडर महिला उर्मिला वर्मा
8- मसौली अन्य पिछड़ा वर्ग अंशू वर्मा
9- रामनगर अनारक्षित संजय तिवारी
10-सूरतगंज अन्य पिछड़ा वर्ग लकी सिंह
11- सिद्धौर अनुसूचित जाति महिला आरती रावत
12- सि.गौसपुर अन्य पिछड़ा वर्ग महिला सपना चौहान
13- हैदरगढ़ अनुसूचित जाति देशराज रावत
14- हरख अनुसूचित जाति रवि रावत
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मुकाबला कैसा होगा यह तो 10 जुलाई को ही पता चलेगा। किंतु उम्मीदवारों की सूची जारी करने से कुछ घंटे पहले ही सदस्यता लेने वाले को टिकट मिल गया। इसे लेकर पार्टी दावा चाहे जो करे किंतु देव तुल्य कहा जाने वाला कार्यकर्ता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। पार्टी के तर्क चाहे जो हों पर जिन्हें टिकट दिया गया है। उनमें से अधिकांश सत्ता के साथ दल बदलते आए हैं। यही नहीं शहर की बंकी ब्लॉक में कोई प्रत्याशी न उतारने की वजह भी राजनीतिक हलकों में तलाशे जा रहे हैं।
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ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को लेकर बृहस्पतिवार को नामांकन और नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक चाक चौबंद व्यवस्था के जहां इंतजाम किए गए हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा और सपा ने इन सीटों पर कब्जा करने के लिए जोड़तोड़ तेज कर दी है। सपा सात उम्मीदवार पहले घोषित कर चुकी है तो भाजपा ने बुधवार दोपहर 15 में 14 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। भाजपा की सूची जारी होने के बाद सपा ने अपने अन्य उम्मीदवारों की सूची जारी करने के लिए कवायद तेज की है।
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भाजपा की जारी सूची पर नजर डालें तो कार्यकर्ताओं की न निष्ठा देखी गई और न ही घोषित आरक्षण पर सामान्य वर्ग के पूरे उम्मीदवार उतारे गए। सिर्फ जिताऊ पर दांव लगाने का फार्मूला अपना कर कुछ समय पहले ही सदस्यता ग्रहण करने वालों का नाम सूची में शामिल किया गया। इसे लेकर टिकट के दावेदार पार्टी के कार्यकर्ता अपने को ठगा ही नहीं महसूस कर रहे हैं बल्कि भीतर ही भीतर उनमें आक्रोश है।
14 में 5 ऐसे उम्मीदवार शामिल हैं जो पंचायत चुनाव संपंन होने के बाद भाजपा में शामिल हुए। यही नहीं आरक्षण में अनारक्षित सीट देवा, निंदूरा, बनीकोडर में पिछड़े और दलित वर्ग का प्रत्याशी उतारा गया है। पार्टी का तर्क चाहे जो हो किंतु इन तथ्यों से साफ है कि भाजपा सिर्फ और सिर्फ जीत को आधार मानकर टिकट जारी किए हैं।
दल बदल में माहिर रहे हैं अधिकांश उम्मीदवार
भाजपा के 14 प्रत्याशियों की सूची पर नजर डाली जाए तो शायद कहने भर को ही कुछ नाम हों जिनका पार्टी से पुराना नाता रहा हो। अधिकांश एंसे हैं जो समय-समय पर दल बदलते रह हैं किंतु धन और जन बल में संपंन होने के कारण इन्हें हर दल अपनी गोदी में बिठाता रहा है। खास कर सत्ता बदलते ही रूख भांप कर यह अपना पाला बदल लेते हैं।
ब्लॉक का नाम आरक्षण प्रत्याशी का नाम
1- त्रिवेदीगंज अनुु. जाति महिला पूनम रावत
2- दरियाबाद अनारक्षित आकाश पांडेय
3- देवा अनारक्षित धर्मेंद्र दव
4- निंदूरा अनारक्षित अनूप रावत
5- पूरेडलई अनारक्षित रत्नेश सिंह
6- फतेहपुर अन्य पिछड़ा वर्ग ओमप्रकाश वर्मा
7- बनीकोडर महिला उर्मिला वर्मा
8- मसौली अन्य पिछड़ा वर्ग अंशू वर्मा
9- रामनगर अनारक्षित संजय तिवारी
10-सूरतगंज अन्य पिछड़ा वर्ग लकी सिंह
11- सिद्धौर अनुसूचित जाति महिला आरती रावत
12- सि.गौसपुर अन्य पिछड़ा वर्ग महिला सपना चौहान
13- हैदरगढ़ अनुसूचित जाति देशराज रावत
14- हरख अनुसूचित जाति रवि रावत