फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Order to pay compensation for two deaths due to electric shock

Barabanki News: करंट से हुई दो मौतों पर मुआवजा देने का आदेश

Fri, 01 Aug 2025 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 01 Aug 2025 01:23 AM IST
विज्ञापन
Order to pay compensation for two deaths due to electric shock
बाराबंकी। सिविल कोर्ट परिसर के एडीआर भवन में स्थित स्थाई लोक अदालत अधिकरण ने करंट से हुई एक चौकीदार व श्रमिक की मौत के मामले में आश्रितों को मुआवजा क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में हादसे को लेकर पराग डेयरी और बिजली निगम की जिम्मेदारी तय की है। इसके तहत पराग प्रबंधन मृतक आश्रित को 7.45 लाख व बिजली निगम 6.08 लाख रुपये बतौर मुआवजा राशि देगा।
विज्ञापन

हैदरगढ़ क्षेत्र के मवईया कला मजरे बहादुरपर की निवासी सरोज कुमारी के पति सुरेश गौतम एक निजी सुरक्षा एजेंसी के तहत पराग डेयरी (अवसीतन केंद्र) हैदरगढ़ में चौकीदार थे। 12 दिसंबर 2017 को परिसर स्थित ट्यूबवेल की मोटर में उतरे करंट की चपेट में आने से सुरेश की मौत हो गई थी। बिजली विभाग ने यह कहते हुए किसी भी प्रकार का मुआवजा देने से इंकार कर दिया कि घटना पराग डेयरी के परिसर में उनके निजी उपकरण से उतरे करंट के लगने से हुई है।
विज्ञापन

पराग डेयरी प्रबंधन ने यह कहकर किनारा कस लिया कि सुरेश उनकी संस्था का कर्मचारी नहीं था। निजी संस्था की ओर से उसे तैनात किया गया था। 28 जुलाई 2020 को पत्नी सरोज कुमारी ने स्थाई लोक अदालत अधिकरण में मुआवजा दिलवाने के लिए वाद दायर किया। साक्ष्य व गवाही के आधार पर स्थाई लोक अदालत अधिकरण के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह यादव, सदस्य डॉ. अर्चना पांडेय व अरुणेश मिश्र की पीठ ने इस मामले में पराग डेयरी की जिम्मेदार तय करते हुए प्रबंधन को 7.45 लाख रुपये का भुगतान मृतक के आश्रित को करने का आदेश दिया। उक्त धनराशि पर दावा दाखिल किए जाने की तिथि से सात प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत के आदेश से सरोव कुमारी व उनकी चार पुत्रियां अनामिका, प्रियंका, वर्षा, मोहिनी व पुत्र शिवांश को न्याय मिला है। एक अन्य मामले में हैदरगढ़ क्षेत्र के पूरे शुक्लन पोस्ट गौरा निवासी श्रमिक अरुण कुमार अपने साथी कुलदीप के साथ सात जुलाई 2021 को हैदरगढ़ में भिटरिया मार्ग पर बीएसएनएल की केबिल के लिए नाली खोदने का काम कर रहे थे।

इसी दौरान एक ढाबा व पंचर की दुकान के मध्य पड़े बिजली के तार में उतरे करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी। बिजली विभाग ने मृतक की पत्नी को किसी भी तरह की क्षतिपूर्ति देने से इंकार कर दिया। विवश होकर पत्नी पूर्णिमा ने स्थायी लोक अदालत में एक दिसंबर 2022 को मुआवजा के दावे का वाद दाखिल किया। कोर्ट की न्यायिक पीठ ने मौत के लिए बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए मृत के आश्रित को 6.08 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed