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ठंड से राहत नहीं, ठिठुर रहे लोग

Sat, 14 Jan 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Sat, 14 Jan 2017 11:41 PM IST
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No respite from cold, shivering people
अलाव तापते लोग - फोटो : अमर उजाला
दोपहर में खिल रही अच्छी धूप में भले ही लोग राहत महसूस कर रहे हैं लेकिन भोर व शाम में भीषण ठंड से शनिवार को भी राहत नहीं मिली। जहां तहां लोग भीषण ठंड में ठिठुरते नजर आए। शनिवार को न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से छह डिग्री कम रहा। शाम ढलते ही फिर से गलन बढ़ गई। जिससे लोग घरों में कैद हो गए। कृषि वैज्ञानिकों ने पाला पड़ने पर गेहूं व आलू की फसल को नुकसान होने की संभावना जताई है।
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शनिवार की भोर भी मौसम में सुधार नहीं हुआ। भोर में भीषण ठंड रही तो दोपहर में खिली धूप में लोगों ने राहत महसूस की। बच्चों से पार्क व खेल मैदान गुलजार रहे। शाम ढलते ही फिर से गलन बढ़ गई। जिससे लोग घरों में दुबक गए। भीषण ठंड व गलन के चलते लोग बेहाल रहे। घर के बाहर लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
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अलाव नहीं जलने से रिक्शा चालक और श्रमिक परेशान रहे। पटरी दुकानदार आसपास के कूड़े के ढेर को जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश की। शनिवार की भोर न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 6 डिग्री कम रहा। अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।    
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बढ़ी पाला पड़ने की संभावना
मौसम की मौजूदा स्थिति फसलों के लिए काफी मुफीद है। लेकिन भोर में हो रही भीषण ठंड व दोपहर में हो रही अच्छी धूप से पाला पड़ने के आसार बढ़ गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र हैंदरगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेपी सिंह कहते हैं कि वर्तमान मौसम फसलों के लिए काफी अच्छा है। लेकिन जिस तरह से मौसम है उससे पाला पड़ने की संभावना बढ़ रही है। अब पाला पड़ा तो गेहूं व आलू की फसलों को नुकसान होगा।


ऐसे में गेहूं की फसल को बचाने के लिए किसान खेतों की हल्की सिंचाई कर सकते हैं। इसके अलावा जिस दिशा से हवा बह रही है उसकी विपरीत दिशा में किसान खेत के किनारे धुंआ करते हो तापमान में गिरावट का कम असर होगा। आलू को झुलसा रोग से बचाने के लिए डाईथेन जेड-78 या रिडोमिल की दो ग्राम मात्रा को एक लीटर पानी में घोल कर छिड़काव कर सकते हैं।
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