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पूर्व प्रधान की संदिग्ध हालात में मौत
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बाराबंकी। रामनगर थाना क्षेत्र के ददौरा गांव में एक बुजुर्ग पूर्व प्रधान का शव संदिग्ध हालात में उसी के घर में मिला। उसके चेहरे समेत शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। मृतक के बड़े दामाद ने अपने साढ़ू पर हत्या करने की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
रामनगर थाना क्षेत्र के ददौरा गांव निवासी पूर्व प्रधान जगजीवन प्रसाद (77) के केवल तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी उर्मिला का विवाह नहीं हुआ है। उससे छोटी बेटी निर्मला का विवाह देवा थाना क्षेत्र के सरसौंदी गांव में जगदीश हुआ है। तीसरे नंबर की बेटी शकुंतला पिता के गांव में ही एक दूसरे मकान में बड़ी बहन उर्मिला के साथ रहती है। जगजीवन गांव के अंदर बने अपने मकान में अकेले रहते थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे जगजीवन के पड़ोसी राम मनोहर ने उसे आवाज दी।
दरवाजा खटखटाया मगर अंदर से कोई आहट नहीं मिली। काफी देर बाद भी अंदर से कोई जवाब न मिलने पर राम मनोहर ने गांव में ही रहने वाले उसके दामाद राममिलन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे राममिलन जब दीवार फांदकर घर के अंदर गए तो चीखते हुए वापस आए। उसी ने अंदर से दरवाजा खोला और लोग अंदर पहुंचे तो जगजीवन का शव औंधे मुंह पड़ा था। सूचना पाने के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। जगजीवन के चेहरे और शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे।
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थाली में उसका खाना निकला रखा था जो वह खा नहीं पाया था। ऐसा लग रहा था कोई दीवार फांदकर अंदर आया और हत्या करके चला गया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने खाने का नमूना सुरक्षित कर लिया है। एएसपी एसपी पूर्णेंदु सिंह व सीओ दिनेश दुबे ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
मृतक के सरसौंदी निवासी दामाद जगदीश ने ददौरा गांव में ही रहने वाले अपने साढ़ू राममिलन पर हत्या की आशंका जाहिर की है। प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। परिवारीजनों से भी पूछताछ हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दो बेटियों के नाम की थी वसीयत
मृतक जगजीवन ने कुछ साल पहले अपनी पांच-पांच बीघा जमीन अपनी दो बेटियों निर्मला व शकुंतला के नाम वसीयत कर दी थी। करीब छह माह पहले जगजीवन ने बची हुई जमीन व घर केवल निर्मला के नाम पर कर दिया था। इससे गांव में ही रहने वाला राममिलन अपने ससुर जगजीवन से नाराज चल रहा था। जगजीवन के दूूसरे दामाद जगदीश का आरोप है कि उसके साढ़ू ने जगजीवन को मारने की धमकी भी दी थी।
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रामनगर थाना क्षेत्र के ददौरा गांव निवासी पूर्व प्रधान जगजीवन प्रसाद (77) के केवल तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी उर्मिला का विवाह नहीं हुआ है। उससे छोटी बेटी निर्मला का विवाह देवा थाना क्षेत्र के सरसौंदी गांव में जगदीश हुआ है। तीसरे नंबर की बेटी शकुंतला पिता के गांव में ही एक दूसरे मकान में बड़ी बहन उर्मिला के साथ रहती है। जगजीवन गांव के अंदर बने अपने मकान में अकेले रहते थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे जगजीवन के पड़ोसी राम मनोहर ने उसे आवाज दी।
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दरवाजा खटखटाया मगर अंदर से कोई आहट नहीं मिली। काफी देर बाद भी अंदर से कोई जवाब न मिलने पर राम मनोहर ने गांव में ही रहने वाले उसके दामाद राममिलन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे राममिलन जब दीवार फांदकर घर के अंदर गए तो चीखते हुए वापस आए। उसी ने अंदर से दरवाजा खोला और लोग अंदर पहुंचे तो जगजीवन का शव औंधे मुंह पड़ा था। सूचना पाने के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। जगजीवन के चेहरे और शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे।
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थाली में उसका खाना निकला रखा था जो वह खा नहीं पाया था। ऐसा लग रहा था कोई दीवार फांदकर अंदर आया और हत्या करके चला गया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने खाने का नमूना सुरक्षित कर लिया है। एएसपी एसपी पूर्णेंदु सिंह व सीओ दिनेश दुबे ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
मृतक के सरसौंदी निवासी दामाद जगदीश ने ददौरा गांव में ही रहने वाले अपने साढ़ू राममिलन पर हत्या की आशंका जाहिर की है। प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। परिवारीजनों से भी पूछताछ हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दो बेटियों के नाम की थी वसीयत
मृतक जगजीवन ने कुछ साल पहले अपनी पांच-पांच बीघा जमीन अपनी दो बेटियों निर्मला व शकुंतला के नाम वसीयत कर दी थी। करीब छह माह पहले जगजीवन ने बची हुई जमीन व घर केवल निर्मला के नाम पर कर दिया था। इससे गांव में ही रहने वाला राममिलन अपने ससुर जगजीवन से नाराज चल रहा था। जगजीवन के दूूसरे दामाद जगदीश का आरोप है कि उसके साढ़ू ने जगजीवन को मारने की धमकी भी दी थी।