फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Identify those who oppose Vande Mataram after taking advantage of schemes: Yogi

उनको पहचाने जो योजनाओं का लाभ लेकर करते वंदे मातरम का विरोध : योगी

Wed, 12 Nov 2025 12:46 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Nov 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
Identify those who oppose Vande Mataram after taking advantage of schemes: Yogi
बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब ऐसे चेहरों को पहचानिए जो वंदे मातरम कहने से कतराते हैं, मगर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सबसे पहले कतार में खड़े हो जाते हैं।
विज्ञापन

वंदे मातरम भारत की आजादी का यज्ञ मंत्र था। हमारे वीर क्रांतिकारी इस मंत्र को गाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए। अगर इसका कोई विरोध करता है तो यह राष्ट्र का विरोध है। सीएम योगी मंगलवार को कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर कस्बे में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता यात्रा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरदार पटेल का जीवन देश की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक था। योगी ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को जब भारत का विभाजन हुआ, तो यह कांग्रेस की एक ऐतिहासिक भूल थी। उस समय की कांग्रेस सरकार ने रियासतों को खुली छूट दी थी कि वे चाहे तो पाकिस्तान में जाएं या स्वतंत्र रहें। ऐसे कठिन समय में सरदार पटेल ने अपने साहस और दूरदृष्टि से 560 रियासतों को भारत में मिलाकर एक भारत का निर्माण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सरदार पटेल प्रधानमंत्री बनें, क्योंकि आजादी के बाद जब राज्यों से राय मांगी गई थी, तब 15 में से 14 राज्यों ने पटेल का समर्थन किया था, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें प्रधानमंत्री बनने नहीं दिया। सीएम ने कहा कि आज यदि सरदार पटेल का सच्चा सम्मान हुआ है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है। गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर पीएम मोदी ने उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान का भी सच्चा सम्मान किया है। सरकार ने विदेश में स्थित वह भवन खरीदा है, जहां अंबेडकर जी पढ़ाई करते थे। अब उन सभी स्थलों को स्मारक में बदला जा रहा है ताकि नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके।

_____

महमूदाबाद के नवाब पर निशाना, बाेले-शत्रु संपत्ति अब भारत की
मुख्यमंत्री ने मंच से सीतापुर की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहीं से चार–पांच किमी दूर महमूदाबाद है, जहां का नवाब जिन्ना की पार्टी का कोषाध्यक्ष था। वह खाता था हिंदुस्तान में मगर पैसे का इंतजाम करता था पाकिस्तान के लिए। आखिरकार वहीं चला गया। ऐसे नवाबों के वंशज फिर से भारत में पैर जमाने की कोशिश में हैं, लेकिन उनकी संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित की जा चुकी हैं। अब वे देश की संपत्ति हैं। हिंदुस्तान के नागरिकों की संपत्ति।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed