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उनको पहचाने जो योजनाओं का लाभ लेकर करते वंदे मातरम का विरोध : योगी
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बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब ऐसे चेहरों को पहचानिए जो वंदे मातरम कहने से कतराते हैं, मगर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सबसे पहले कतार में खड़े हो जाते हैं।
वंदे मातरम भारत की आजादी का यज्ञ मंत्र था। हमारे वीर क्रांतिकारी इस मंत्र को गाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए। अगर इसका कोई विरोध करता है तो यह राष्ट्र का विरोध है। सीएम योगी मंगलवार को कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर कस्बे में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता यात्रा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरदार पटेल का जीवन देश की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक था। योगी ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को जब भारत का विभाजन हुआ, तो यह कांग्रेस की एक ऐतिहासिक भूल थी। उस समय की कांग्रेस सरकार ने रियासतों को खुली छूट दी थी कि वे चाहे तो पाकिस्तान में जाएं या स्वतंत्र रहें। ऐसे कठिन समय में सरदार पटेल ने अपने साहस और दूरदृष्टि से 560 रियासतों को भारत में मिलाकर एक भारत का निर्माण किया।
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कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सरदार पटेल प्रधानमंत्री बनें, क्योंकि आजादी के बाद जब राज्यों से राय मांगी गई थी, तब 15 में से 14 राज्यों ने पटेल का समर्थन किया था, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें प्रधानमंत्री बनने नहीं दिया। सीएम ने कहा कि आज यदि सरदार पटेल का सच्चा सम्मान हुआ है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है। गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर पीएम मोदी ने उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान का भी सच्चा सम्मान किया है। सरकार ने विदेश में स्थित वह भवन खरीदा है, जहां अंबेडकर जी पढ़ाई करते थे। अब उन सभी स्थलों को स्मारक में बदला जा रहा है ताकि नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके।
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महमूदाबाद के नवाब पर निशाना, बाेले-शत्रु संपत्ति अब भारत की
मुख्यमंत्री ने मंच से सीतापुर की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहीं से चार–पांच किमी दूर महमूदाबाद है, जहां का नवाब जिन्ना की पार्टी का कोषाध्यक्ष था। वह खाता था हिंदुस्तान में मगर पैसे का इंतजाम करता था पाकिस्तान के लिए। आखिरकार वहीं चला गया। ऐसे नवाबों के वंशज फिर से भारत में पैर जमाने की कोशिश में हैं, लेकिन उनकी संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित की जा चुकी हैं। अब वे देश की संपत्ति हैं। हिंदुस्तान के नागरिकों की संपत्ति।
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वंदे मातरम भारत की आजादी का यज्ञ मंत्र था। हमारे वीर क्रांतिकारी इस मंत्र को गाते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए। अगर इसका कोई विरोध करता है तो यह राष्ट्र का विरोध है। सीएम योगी मंगलवार को कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर कस्बे में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता यात्रा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरदार पटेल का जीवन देश की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक था। योगी ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को जब भारत का विभाजन हुआ, तो यह कांग्रेस की एक ऐतिहासिक भूल थी। उस समय की कांग्रेस सरकार ने रियासतों को खुली छूट दी थी कि वे चाहे तो पाकिस्तान में जाएं या स्वतंत्र रहें। ऐसे कठिन समय में सरदार पटेल ने अपने साहस और दूरदृष्टि से 560 रियासतों को भारत में मिलाकर एक भारत का निर्माण किया।
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कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सरदार पटेल प्रधानमंत्री बनें, क्योंकि आजादी के बाद जब राज्यों से राय मांगी गई थी, तब 15 में से 14 राज्यों ने पटेल का समर्थन किया था, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें प्रधानमंत्री बनने नहीं दिया। सीएम ने कहा कि आज यदि सरदार पटेल का सच्चा सम्मान हुआ है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है। गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर पीएम मोदी ने उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान का भी सच्चा सम्मान किया है। सरकार ने विदेश में स्थित वह भवन खरीदा है, जहां अंबेडकर जी पढ़ाई करते थे। अब उन सभी स्थलों को स्मारक में बदला जा रहा है ताकि नई पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके।
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महमूदाबाद के नवाब पर निशाना, बाेले-शत्रु संपत्ति अब भारत की
मुख्यमंत्री ने मंच से सीतापुर की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहीं से चार–पांच किमी दूर महमूदाबाद है, जहां का नवाब जिन्ना की पार्टी का कोषाध्यक्ष था। वह खाता था हिंदुस्तान में मगर पैसे का इंतजाम करता था पाकिस्तान के लिए। आखिरकार वहीं चला गया। ऐसे नवाबों के वंशज फिर से भारत में पैर जमाने की कोशिश में हैं, लेकिन उनकी संपत्तियां शत्रु संपत्ति घोषित की जा चुकी हैं। अब वे देश की संपत्ति हैं। हिंदुस्तान के नागरिकों की संपत्ति।