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Barabanki News: डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, तैयारियां तेज
Mon, 21 Sep 2026 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:17 AM IST
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बाराबंकी। जिले में डेंगू के मरीज मिलने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब तक आठ मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। शनिवार को आवास विकास की एक महिला की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इसके बाद परिजनों ने उसे लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
लगातार मरीज मिलने के बाद जिला अस्पताल में जिरियाटिक वार्ड को डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। यहां 10 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जिले की सभी 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर डेंगू मरीजों के लिए चार-चार बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि डेंगू से निपटने के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। विभाग मरीजों के उपचार और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है।
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मच्छर जनित बीमारी है डेंगू
डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है जो मानसून के मौसम में तेजी से फैलती है। यह एडीज इजिप्ती मच्छर के काटने से होता है। इसके लक्षणों को पहचानना और बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है। डेंगू बुखार के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य फ्लू जैसे होते हैं। इसमें अचानक तेज बुखार आना, सिरदर्द और मांसपेशियों में तेज दर्द शामिल है। कई बार आंखों के पीछे दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते भी दिखाई देते हैं। जी मिचलाना और उल्टी होना, प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटना भी इसके लक्षण हैं।
डेंगू से बचाव के तरीके
डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों के प्रजनन को रोकना जरूरी है। अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। शाम के समय घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। मच्छर भगाने वाले स्प्रे या क्रीम का उपयोग भी कर सकते हैं।
डेंगू मरीजाें के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। इसके लिए सभी सीएचसी पर चार-चार बेड आरक्षित किए गए हैं। रोग से निपटने के लिए विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। टीमें गांवों में जाकर लोगों को रोग के प्रति जागरुक भी कर रही हैं।
डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ
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लगातार मरीज मिलने के बाद जिला अस्पताल में जिरियाटिक वार्ड को डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। यहां 10 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जिले की सभी 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर डेंगू मरीजों के लिए चार-चार बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि डेंगू से निपटने के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। विभाग मरीजों के उपचार और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है।
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मच्छर जनित बीमारी है डेंगू
डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है जो मानसून के मौसम में तेजी से फैलती है। यह एडीज इजिप्ती मच्छर के काटने से होता है। इसके लक्षणों को पहचानना और बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है। डेंगू बुखार के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य फ्लू जैसे होते हैं। इसमें अचानक तेज बुखार आना, सिरदर्द और मांसपेशियों में तेज दर्द शामिल है। कई बार आंखों के पीछे दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते भी दिखाई देते हैं। जी मिचलाना और उल्टी होना, प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घटना भी इसके लक्षण हैं।
डेंगू से बचाव के तरीके
डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों के प्रजनन को रोकना जरूरी है। अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। शाम के समय घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। मच्छर भगाने वाले स्प्रे या क्रीम का उपयोग भी कर सकते हैं।
डेंगू मरीजाें के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड का वार्ड आरक्षित किया गया है। इसके लिए सभी सीएचसी पर चार-चार बेड आरक्षित किए गए हैं। रोग से निपटने के लिए विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। टीमें गांवों में जाकर लोगों को रोग के प्रति जागरुक भी कर रही हैं।
डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ