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टेपरा के पास फिर शुरू हुई कटान से दहशत
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सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में टेपरा गांव के निकट कटान करती घाघरा।
- फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। घाघरा का जलस्तर कम होने के साथ ही टेपरा गांव के निकट कटान फिर से तेज हो गई है। इससे तराई के लोगों में दहशत का माहौल है। यहां के लोगों का आरोप है कि कटान को रोकने का कार्य करने वाले अधिकारी और कर्मचारी एक हफ्ते पहले ही कार्य बंद कर यहां से चले गए थे इसके बाद से वह दोबारा लौट कर नहीं आए।
घाघरा नदी का पानी भले ही कम हो गया हो लेकिन टेपरा, गोबरहा और इटहुआ पश्चिम के पास वृहस्पतिवार से कटान फिर से तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि नदी का पानी यदि इसी तरह से कटान करता रहा तो बहुत जल्द ही यह उनके घरों को अपने आगोश में ले लेगा। इससे पहले भी नदी इन गांवों के करीब दो दर्जन से अधिक मकान को कटान की चपेट में ले चुकी है। जिससे इन घरों में रहने वाले लोग परिवारीजनों के साथ तटबंध पर एक तिरपाल के नीचे जीवन गुजार रहे हैं।
गांव के अकबाल सिंह, अगनु, भुस, गुरूदीन बताते हैं कि कटान को देखते हुए बचे घर भी तबाह हो जाएंगे। आरोप है कि बाढ़ खंड के अधिकारी जो कटान को रोकने का कार्य कर रहे थे वह एक हफ्ते से गायब हैं और कटान रोकने का कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। उधर राजस्व निरीक्षक लक्ष्मी नारायण त्रिवेदी ने करौनी, गोबरहा, इटहुआ पश्चिम और मल्हानपुरवा के 215 बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया।
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घाघरा नदी का पानी भले ही कम हो गया हो लेकिन टेपरा, गोबरहा और इटहुआ पश्चिम के पास वृहस्पतिवार से कटान फिर से तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि नदी का पानी यदि इसी तरह से कटान करता रहा तो बहुत जल्द ही यह उनके घरों को अपने आगोश में ले लेगा। इससे पहले भी नदी इन गांवों के करीब दो दर्जन से अधिक मकान को कटान की चपेट में ले चुकी है। जिससे इन घरों में रहने वाले लोग परिवारीजनों के साथ तटबंध पर एक तिरपाल के नीचे जीवन गुजार रहे हैं।
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गांव के अकबाल सिंह, अगनु, भुस, गुरूदीन बताते हैं कि कटान को देखते हुए बचे घर भी तबाह हो जाएंगे। आरोप है कि बाढ़ खंड के अधिकारी जो कटान को रोकने का कार्य कर रहे थे वह एक हफ्ते से गायब हैं और कटान रोकने का कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। एसडीएम सिरौलीगौसपुर को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। उधर राजस्व निरीक्षक लक्ष्मी नारायण त्रिवेदी ने करौनी, गोबरहा, इटहुआ पश्चिम और मल्हानपुरवा के 215 बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया।
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