{"_id":"5dd97cc78ebc3e54aa6b24c1","slug":"fake-teacher-barabanki-news-lko493878575","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार शिक्षकों की बर्खास्तगी की सचिव को भेजी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार शिक्षकों की बर्खास्तगी की सचिव को भेजी रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। फर्जी शैक्षिक प्रमाण-पत्र के सहारे नौकरी कर रहे चार शिक्षकों की बर्खास्तगी की रिपोर्ट बीएसए ने सचिव बेसिक शिक्षा को भेज दी है। पिता-पुत्र समेत चारों शिक्षकों पर कार्रवाई पूरी हो गई है। हालांकि अभी इन शिक्षकों से रिकवरी की कार्रवाई बाकी है। बर्खास्त किए गए चार शिक्षकों में पिता-पुत्र जेल में बंद हैं।
जिले में फर्जी प्रमाण-पत्र के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के बेनकाब होने का सिलसिला एक वर्ष से चल रहा है। निलंबन की कार्रवाई के बाद जालसाज शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराए जाने के बाद हड़कंप मचा तो कई अध्यापकों ने स्कूल जाना बंद कर दिया। बीएसए ने काफी समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों की सूचना बीईओ से मांगी। इसमें मसौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चंदवारा में तैनात शिक्षिका नवनीता यादव, हैदरगढ़ के प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद के रविशंकर त्रिपाठी (असली नाम आदिशक्ति त्रिपाठी) व पूर्व माध्यमिक विद्यालय गेरांवा में तैनात पिता जयकृष्ण दूबे (असली नाम गिरजेश त्रिपाठी जो आदिशक्ति का पता है) तथा प्राथमिक विद्यालय गुलामाबाद में सुरेंद्र नाथ के नाम सामने आए।
कुशीनगर में तैनात एक बीईओ के शैक्षिक प्रमाण-पत्र पर नौकरी करने वाले सुरेंद्र नाथ, जयकृष्ण दूबे के प्रमाण-पत्र पर नाम बदलकर नौकरी करने वाले गिरजेश त्रिपाठी व रविशंकर त्रिपाठी के नाम से नौकरी करने वाले उसके बेटे आदिशक्ति त्रिपाठी तथा नवनीता यादव के खिलाफ काफी समय से कार्रवाई चल रही थी। एक पखबारा पहले एसटीएफ ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में बीएसए ने गत दिनों चारों शिक्षकों की बर्खास्तगी की रिपोर्ट सचिव बेसिक को भेजी है। हालांकि अभी इन शिक्षकों से प्राप्त किए गए वेतन की वसूली किया जाना शेष है।
विज्ञापन
वर्जन
दूसरों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र के सहारे नौकरी करने वाले पिता-पुत्र समेत चारों शिक्षकों की बर्खास्त की रिपोर्ट तीन दिन पहले सचिव बेसिक को भेजी गई है।
-वीपी सिंह, बीएसए
विज्ञापन
जिले में फर्जी प्रमाण-पत्र के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के बेनकाब होने का सिलसिला एक वर्ष से चल रहा है। निलंबन की कार्रवाई के बाद जालसाज शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराए जाने के बाद हड़कंप मचा तो कई अध्यापकों ने स्कूल जाना बंद कर दिया। बीएसए ने काफी समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों की सूचना बीईओ से मांगी। इसमें मसौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय चंदवारा में तैनात शिक्षिका नवनीता यादव, हैदरगढ़ के प्राथमिक विद्यालय मुस्तफाबाद के रविशंकर त्रिपाठी (असली नाम आदिशक्ति त्रिपाठी) व पूर्व माध्यमिक विद्यालय गेरांवा में तैनात पिता जयकृष्ण दूबे (असली नाम गिरजेश त्रिपाठी जो आदिशक्ति का पता है) तथा प्राथमिक विद्यालय गुलामाबाद में सुरेंद्र नाथ के नाम सामने आए।
विज्ञापन
कुशीनगर में तैनात एक बीईओ के शैक्षिक प्रमाण-पत्र पर नौकरी करने वाले सुरेंद्र नाथ, जयकृष्ण दूबे के प्रमाण-पत्र पर नाम बदलकर नौकरी करने वाले गिरजेश त्रिपाठी व रविशंकर त्रिपाठी के नाम से नौकरी करने वाले उसके बेटे आदिशक्ति त्रिपाठी तथा नवनीता यादव के खिलाफ काफी समय से कार्रवाई चल रही थी। एक पखबारा पहले एसटीएफ ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में बीएसए ने गत दिनों चारों शिक्षकों की बर्खास्तगी की रिपोर्ट सचिव बेसिक को भेजी है। हालांकि अभी इन शिक्षकों से प्राप्त किए गए वेतन की वसूली किया जाना शेष है।
विज्ञापन
वर्जन
दूसरों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र के सहारे नौकरी करने वाले पिता-पुत्र समेत चारों शिक्षकों की बर्खास्त की रिपोर्ट तीन दिन पहले सचिव बेसिक को भेजी गई है।
-वीपी सिंह, बीएसए