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शिक्षामित्रों ने सड़क पर लगाया जाम

Wed, 26 Jul 2017 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Wed, 26 Jul 2017 10:49 PM IST
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Education students put hold on the road
जाम लगाते ‌श‌िक्षाम‌ित्र - फोटो : अमर उजाला
 सहायक अध्यापक के पद का समायोजन रद्द होने से गुस्साए शिक्षामित्रों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। काफी मानमनौव्वल के बाद शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व शिक्षामित्रों ने सुबह स्कूल का बहिष्कार किया जिसके कारण कई विद्यालयों में ताला लटकता रहा और बच्चे बिना पढ़े ही घर लौट गए। सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षामित्र राज्य सरकार से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने व शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्रों ने कई राहगीरों से अभद्रता व मारपीट की पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। इस दौरान कई महिला शिक्षामित्र नारेबाजी करते हुए बेहोश भी हो गई।            
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बुधवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने जिले भर से आए शिक्षकों के साथ बडे़ल स्थित एक मैरिज लॉन में बैठक की। जिलाध्यक्ष विनोद वर्मा व अन्य संघ के पदाधिकारियों के साथ बडे़ल से पैदल प्रदर्शन करते निकले शिक्षामित्र लखपेड़ाबाग चौराहे पर पहुंचकर हाईवे जाम कर दिया।  सूचना पाकर मौके पर एडीएम अनिल कुमार सिंह, एसडीएम सुशील प्रताप सिंह व सीओ सिटी श्वेता श्रीवास्तव ने पहुंचकर आक्रोशित शिक्षामित्रों को समझाने की कोशिश की।
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इस दौरान करीब दो घंटे तक लखनऊ-फैजाबाद मार्ग जाम रहा। मगर, शिक्षमित्र डीएम के आने पर ही प्रदर्शन खत्म करने व ज्ञापन देने की बात पर अड़े रहे। एडीएम के काफी समझाने के बाद शिक्षामित्र इस बात पर राजी हुए कि वह उनके साथ चलकर डीएम को ज्ञापन देंगे। मगर, पटेल तिराहे पर आकर एक बार फिर शिक्षामित्रों ने सड़क पर ही डेरा डाल कर डीएम के आने की मांग करने लगे। इससे पूर्व आक्रोशित शिक्षामित्रों ने कई राहगीरों से अभद्रता की तो सड़क के किनारे खड़े वाहनों का पलट दिया। मगर, पुलिस मूकदर्शक बनी सब देखती रही। हालात को बेकाबू देख शहर कोतवाली के अलावा देवा व महिला थाने के एसओ को भी बुलाया गया।
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उधर, नारेबाजी कर रहे कई महिला शिक्षामित्र बेहोश भी हुई जिसके बाद एडीएम ने फिर संघ के पदाधिकारियों से बात की और उन्हें कलेक्ट्रेट स्थित डीएम के कार्यालय पर लेकर पहुंचे। जहां पर पहले से मौजूद डीएम अखिलेश तिवारी व एसपी अनिल कुमार सिंह ने शिक्षामित्रों का ज्ञापन लिया और उसे शीघ्र प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजने का आश्वासन दिया।

इस दौरान डीएम ने समायोजित शिक्षकों से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करने व अपने प्रदर्शन के बीच कानून व्यवस्था हाथ में न लेने की अपील की। उधर, बुधवार को समायोजित शिक्षामित्रों के बैठक व प्रदर्शन में आने के बाद जिले भर में सैकड़ों विद्यालयों के ताले नहीं खुले। बच्चे स्कूल पहुंचे तो स्कूल में ताला बंद होने के कारण घर वापस लौट आए। हालांकि बाद में विद्यालय बंद होने की सूचना पर बीईओ ने अन्य विद्यालयों से शिक्षक भेजकर स्कूल खुलवाया मगर, तब तक बच्चे घर जा चुके थे।


शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द करने के मामले में श्री अवध एडवोकेटस वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष रितेश ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है जिसमें मांग की गई है कि इस मसले पर पुनर्विचार किया जाय। उन्होंने माननीय न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हए पिछली सरकार द्वारा वोट की राजनीति के लिए शिक्षामित्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। वहीं दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामधन की अध्यक्षता में शिक्षामित्रों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। 
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