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Barabanki News: खंडहर हो चुकी नहर कॉलोनी का होगा कायाकल्प, 21.44 करोड़ मंजूर
Mon, 06 Jul 2026 01:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:36 AM IST
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बाराबंकी। कई दशकों से जर्जर अवस्था में पड़ी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की नहर कॉलोनी का अब पुनरुद्धार कराया जाएगा। प्रदेश शासन ने इसके लिए 21 करोड़ 44 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। साथ ही कार्य प्रारंभ कराने के लिए 30 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है।
जिला मुख्यालय के सिविल लाइन क्षेत्र में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के विभिन्न कार्यालय संचालित हैं। यहां अभियंता तथा बाढ़ कार्य खंड सहित विभागीय इकाइयों की स्थापना के साथ करीब 50 वर्ष पहले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए नहर कॉलोनी में आवास बनाए गए थे। समय के साथ इन आवासों का रखरखाव नहीं हो सका, जिससे अधिकांश भवन जर्जर हो गए और उनमें रहना बंद हो गया।
विभाग ने कॉलोनी की वर्तमान स्थिति का सर्वे कराने के बाद उसके पुनरुद्धार का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव पर विचार करने के बाद शासन ने परियोजना को मंजूरी दे दी है। संयुक्त सचिव राजीव कुमार वत्स के अनुसार 21 मई को इस संबंध में निर्णय लेते हुए परियोजना की 21 करोड़ 44 लाख रुपये की अनुमोदित लागत को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना पूरी होने के बाद वर्षों से खंडहर में तब्दील हो चुकी नहर कॉलोनी को नया स्वरूप मिलेगा और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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जिला मुख्यालय के सिविल लाइन क्षेत्र में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के विभिन्न कार्यालय संचालित हैं। यहां अभियंता तथा बाढ़ कार्य खंड सहित विभागीय इकाइयों की स्थापना के साथ करीब 50 वर्ष पहले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए नहर कॉलोनी में आवास बनाए गए थे। समय के साथ इन आवासों का रखरखाव नहीं हो सका, जिससे अधिकांश भवन जर्जर हो गए और उनमें रहना बंद हो गया।
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विभाग ने कॉलोनी की वर्तमान स्थिति का सर्वे कराने के बाद उसके पुनरुद्धार का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव पर विचार करने के बाद शासन ने परियोजना को मंजूरी दे दी है। संयुक्त सचिव राजीव कुमार वत्स के अनुसार 21 मई को इस संबंध में निर्णय लेते हुए परियोजना की 21 करोड़ 44 लाख रुपये की अनुमोदित लागत को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना पूरी होने के बाद वर्षों से खंडहर में तब्दील हो चुकी नहर कॉलोनी को नया स्वरूप मिलेगा और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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