{"_id":"69ea8e7f7590efa045058e91","slug":"digital-arrest-gangs-connection-to-barabanki-report-on-couple-barabanki-news-c-315-1-brp1006-165122-2026-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: डिजिटल अरेस्ट गिराेह का बाराबंकी से कनेक्शन, दंपती पर रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: डिजिटल अरेस्ट गिराेह का बाराबंकी से कनेक्शन, दंपती पर रिपोर्ट
Fri, 24 Apr 2026 02:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 24 Apr 2026 02:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाराबंकी। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले साइबर गिरोह का कनेक्शन बाराबंकी से जुड़ा है। ठगी की रकम शहर के एक युवक के खाते में आ रही थी। खाता एक दंपती खरीदकर इस्तेमाल कर रहे थे। साइबर थाने में बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक दिल्ली के लाजपत नगर निवासी व्यापारी राजीव जैन से 16 मार्च को और बिहार के औरंगाबाद जिले के मजराही मुफस्सिल से 21 मार्च को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की गई। रकम में से 39,999 और 55,000 रुपये बाराबंकी के एक खाते में ट्रांसफर किए गए। इन राज्यों की पुलिस ने साइबर क्राइम पोर्टल पर जानकारी साझा की, जिसके बाद बाराबंकी साइबर पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि जिस खाते में रकम आई, वह शहर के जिंहौली निवासी अली हसन के नाम पर है। पूछताछ में अली हसन ने बताया कि उसने अपना खाता कोठी क्षेत्र के उस्मानपुर गांव निवासी विपुल को पैसे लेकर प्रयोग के लिए दे दिया था। जांच में यह भी पता चला कि खाते में विपुल की पत्नी सरोज का मोबाइल नंबर लिंक है।
विज्ञापन
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस खाते के जरिए और कितने लोगों से ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है।
...................
सावधान रहें...133 म्यूल खातों की हो चुकी जांच
बाराबंकी में ऐसे खुलासे पहले भी हो चुके हैं। ऐसे ही करीब 133 म्यूल खातों की जांच के बाद रिपोर्ट भी दर्ज की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती। ऐसे मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक दिल्ली के लाजपत नगर निवासी व्यापारी राजीव जैन से 16 मार्च को और बिहार के औरंगाबाद जिले के मजराही मुफस्सिल से 21 मार्च को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की गई। रकम में से 39,999 और 55,000 रुपये बाराबंकी के एक खाते में ट्रांसफर किए गए। इन राज्यों की पुलिस ने साइबर क्राइम पोर्टल पर जानकारी साझा की, जिसके बाद बाराबंकी साइबर पुलिस ने जांच शुरू की।
विज्ञापन
जांच में सामने आया कि जिस खाते में रकम आई, वह शहर के जिंहौली निवासी अली हसन के नाम पर है। पूछताछ में अली हसन ने बताया कि उसने अपना खाता कोठी क्षेत्र के उस्मानपुर गांव निवासी विपुल को पैसे लेकर प्रयोग के लिए दे दिया था। जांच में यह भी पता चला कि खाते में विपुल की पत्नी सरोज का मोबाइल नंबर लिंक है।
विज्ञापन
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस खाते के जरिए और कितने लोगों से ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है।
...................
सावधान रहें...133 म्यूल खातों की हो चुकी जांच
बाराबंकी में ऐसे खुलासे पहले भी हो चुके हैं। ऐसे ही करीब 133 म्यूल खातों की जांच के बाद रिपोर्ट भी दर्ज की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती। ऐसे मामलों में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।