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प्रसव के लिए वसूला जाता एक हजार रुपये
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2015 10:20 PM IST
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स्वास्थ्य राज्यमंत्री के औचक निरीक्षण में गुरुवार को नि:शुल्क प्रसव का शासन का दावा खोखला साबित हुआ। सीएचसी पर भर्ती महिला मरीजों ने राज्यमंत्री के सामने स्वास्थ्य कर्मियों पर प्रसव के लिए एक हजार रुपये तक वसूले जाने का आरोप लगाया। निरीक्षण के दौरान केंद्र की हकीकत से सामना होने पर नाराज मंत्री ने चिकित्सा कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई है।
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुधीर कुमार रावत ने सीएचसी त्रिवेदीगंज का औचक निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक केंद्र पर रुके मंत्री ने डॉक्टरों के आने का समय, दवा वितरण की स्थिति समेत मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत का जायजा लिया।
सुबह नौ बजे राज्यमंत्री ने केंद्र पर पहुंच कर सबसे पहले स्टाक रजिस्टर का अपने कब्जे में ले लिया तथा मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों का मोबाइल फोन बंद करा दिया था। सुबह केंद्र पर रात में इमरजेंसी के डॉक्टर सुबीर रहतोगी, फार्मासिस्ट ओबेदुल्ला, वार्ड बॉय पंकज धीमान व एएनएम ऊषा सिंह ही मौजूद मिली। स्टॉक रजिस्टर में बीते कई दिनों से दवा स्टाक व खर्च का विवरण इंट्री नहीं पाई गई तथा वहां मौजूद लोगों ने रैबीज का इंजेक्शन नहीं लगाए जाने की शिकायत की।
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इसके बाद मंत्री ने महिला वार्ड में प्रसव कक्ष व भर्ती वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान महिला मरीजों की शिकायतों ने शासन के नि:शुल्क प्रसव व बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के दावे की पोल खोल दी। वार्ड में भर्ती रानी का पुरवा गांव की पुष्पा पत्नी संजीत, बड़भित्ती गांव की राजरानी पत्नी रामसेवक, बरेहटा गांव की साधना पत्नी छोटेलाल व बरमाल गंज गांव की पुष्पा पत्नी अंशू ने स्टाफ नर्सों पर प्रसव के लिए एक हजार रुपया मांगने का आरोप लगाया है।
महिला मरीजों ने कहा कड़ाके की ठंड के बीच केंद्र से कंबल तक नहीं मिला है, दवांए बाहर से खरीद कर मंगाई गई है। इन आरोपों पर राज्य मंत्री के निजी सचिव ने स्टाफ नर्स अनुदिता, पूनम व सरोज शर्मा का नाम अपनी निरीक्षण बुक में दर्ज किया है।
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बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री सुधीर कुमार रावत ने सीएचसी त्रिवेदीगंज का औचक निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक केंद्र पर रुके मंत्री ने डॉक्टरों के आने का समय, दवा वितरण की स्थिति समेत मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत का जायजा लिया।
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सुबह नौ बजे राज्यमंत्री ने केंद्र पर पहुंच कर सबसे पहले स्टाक रजिस्टर का अपने कब्जे में ले लिया तथा मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों का मोबाइल फोन बंद करा दिया था। सुबह केंद्र पर रात में इमरजेंसी के डॉक्टर सुबीर रहतोगी, फार्मासिस्ट ओबेदुल्ला, वार्ड बॉय पंकज धीमान व एएनएम ऊषा सिंह ही मौजूद मिली। स्टॉक रजिस्टर में बीते कई दिनों से दवा स्टाक व खर्च का विवरण इंट्री नहीं पाई गई तथा वहां मौजूद लोगों ने रैबीज का इंजेक्शन नहीं लगाए जाने की शिकायत की।
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इसके बाद मंत्री ने महिला वार्ड में प्रसव कक्ष व भर्ती वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान महिला मरीजों की शिकायतों ने शासन के नि:शुल्क प्रसव व बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के दावे की पोल खोल दी। वार्ड में भर्ती रानी का पुरवा गांव की पुष्पा पत्नी संजीत, बड़भित्ती गांव की राजरानी पत्नी रामसेवक, बरेहटा गांव की साधना पत्नी छोटेलाल व बरमाल गंज गांव की पुष्पा पत्नी अंशू ने स्टाफ नर्सों पर प्रसव के लिए एक हजार रुपया मांगने का आरोप लगाया है।
महिला मरीजों ने कहा कड़ाके की ठंड के बीच केंद्र से कंबल तक नहीं मिला है, दवांए बाहर से खरीद कर मंगाई गई है। इन आरोपों पर राज्य मंत्री के निजी सचिव ने स्टाफ नर्स अनुदिता, पूनम व सरोज शर्मा का नाम अपनी निरीक्षण बुक में दर्ज किया है।