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Barabanki News: क्रोएशिया के वैज्ञानिकों ने ली उन्नत खेती की जानकारी
Tue, 18 Jul 2023 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 18 Jul 2023 01:20 AM IST
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हैदरगढ़ (बाराबंकी)। कृषि विज्ञान केंद्र हैदरगढ़ में सोमवार को क्रोएशिया के जैग्रेब यूनिवर्सिटी के डीन इविक किसिक व उनकी टीम ने भ्रमण किया। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से चलाए जाने वाले विविध कार्यक्रमों की जानकारी ली। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों, पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा एवं अन्य क्षेत्रीय किसानों से वार्ता कर फसलों के उत्पादन पर चर्चा की। टीम के सदस्य आम व अन्य फसलों को देखकर उत्साहित नजर आए।
डीन इविक किसिक के साथ उनकी पत्नी मरीनका किसिक, वाइस डीन इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन क्रिसटीना केजाक, वाइस डीन ऑफ साइंस क्लैडिजा स्टैनको ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रिजेंद्र सिंह व उपकार के उप महानिदेशक प्रसार डॉ. संजीव कुमार शर्मा के साथ केंद्र पर संचालित एकीकृत खेती व फसल विविधीकरण, गोमूत्र से बीज शोधन के अलावा प्राकृतिक व आधुनिक संसाधनाें से उन्नत खेती की जानकारी ली। पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा ने मेंथा और केले की खेती से परिचय कराया।
किसानों से भेंटकर आम, लौकी, कद्दू, गन्ना व मोटे अनाज की प्रदर्शनी देखी। डीन ने सभागार में किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेती से अच्छा कोई कार्य नहीं है। किसान लोगों को जीवित रखने के लिए अनाज, दूध व अन्य वस्तुओं का उत्पादन करते हैं। उनकी टीम खेती में ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए आई है। कुलपति डॉ. ब्रिजेंद्र सिंह ने मेंथा, गन्ना, धान, गेंहू तथा औद्यानिक फसलोें की जानकारी दी।
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अपर निदेशक प्रसार डॉ. आरआर सिंह, केवीके अध्यक्ष डॉ. शैलेश सिंह ने विभिन्न कार्यक्रमों पर संक्षिप्त चर्चा की। संचालन कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. रूपन रघुवंशी ने किया। इस मौके पर एसडीएम सुमित आर महाजन, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अश्वनी सिंह, डॉ. समीर पांडेय, डॉ. विनय चौरसिया, डॉ. रिंकी चौहान, डॉ. एमवी सिंह मौजूद रहे।
महिलाओं को दी मिलेट्स किट
वैज्ञानिकों एवं डीन की पत्नी मरीनका किसिक ने तालाब में मछलियों को दाना खिलाया और बकरी व मुर्गी पालन कार्यक्रम को देखा। किसानाें के साथ एवं धान रोप रहीं युवतियों के साथ सेल्फी ली। हालांकि गर्मी व उमस के कारण विदेशी वैज्ञानिक कुछ परेशान जरूर नजर आए। समूह की महिलाओं को मोटे अनाज की मिनी किट वितरित की गई। वैज्ञानिकों को मिनी किट, स्मृति चिह्न अलावा किसानों की ओर से लाई गई विभिन्न वस्तुओं को भेंट दिया गया।
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डीन इविक किसिक के साथ उनकी पत्नी मरीनका किसिक, वाइस डीन इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन क्रिसटीना केजाक, वाइस डीन ऑफ साइंस क्लैडिजा स्टैनको ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रिजेंद्र सिंह व उपकार के उप महानिदेशक प्रसार डॉ. संजीव कुमार शर्मा के साथ केंद्र पर संचालित एकीकृत खेती व फसल विविधीकरण, गोमूत्र से बीज शोधन के अलावा प्राकृतिक व आधुनिक संसाधनाें से उन्नत खेती की जानकारी ली। पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा ने मेंथा और केले की खेती से परिचय कराया।
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किसानों से भेंटकर आम, लौकी, कद्दू, गन्ना व मोटे अनाज की प्रदर्शनी देखी। डीन ने सभागार में किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेती से अच्छा कोई कार्य नहीं है। किसान लोगों को जीवित रखने के लिए अनाज, दूध व अन्य वस्तुओं का उत्पादन करते हैं। उनकी टीम खेती में ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए आई है। कुलपति डॉ. ब्रिजेंद्र सिंह ने मेंथा, गन्ना, धान, गेंहू तथा औद्यानिक फसलोें की जानकारी दी।
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अपर निदेशक प्रसार डॉ. आरआर सिंह, केवीके अध्यक्ष डॉ. शैलेश सिंह ने विभिन्न कार्यक्रमों पर संक्षिप्त चर्चा की। संचालन कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. रूपन रघुवंशी ने किया। इस मौके पर एसडीएम सुमित आर महाजन, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अश्वनी सिंह, डॉ. समीर पांडेय, डॉ. विनय चौरसिया, डॉ. रिंकी चौहान, डॉ. एमवी सिंह मौजूद रहे।
महिलाओं को दी मिलेट्स किट
वैज्ञानिकों एवं डीन की पत्नी मरीनका किसिक ने तालाब में मछलियों को दाना खिलाया और बकरी व मुर्गी पालन कार्यक्रम को देखा। किसानाें के साथ एवं धान रोप रहीं युवतियों के साथ सेल्फी ली। हालांकि गर्मी व उमस के कारण विदेशी वैज्ञानिक कुछ परेशान जरूर नजर आए। समूह की महिलाओं को मोटे अनाज की मिनी किट वितरित की गई। वैज्ञानिकों को मिनी किट, स्मृति चिह्न अलावा किसानों की ओर से लाई गई विभिन्न वस्तुओं को भेंट दिया गया।