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छह माह बाद कब्र से निकलवाया शव
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:46 PM IST
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कब्र से निकलवाया शव
- फोटो : अमर उजाला
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न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एक मामले में छह माह बाद हत्या व एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया है। एसडीएम रामसनेहीघाट व सीओ की मौजूदगी में शुक्रवार को शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम पूरेडलई निवासी सरजू देई पत्नी रमई ने आरोप लगाया था कि गांव के ही निवासी विजयपाल व निरहु उसके बेटे कल्लूराम (22) को नौकरी के लिए अजमेर (राजस्थान) जिले के किसी भट्ठे पर काम के लिए बुलाकर ले गए थे। उसके साथी बीते 8 अप्रैल 2016 की सुबह कल्लूराम का शव लेकर घर पहुंचे।
महिला ने जब मौत का कारण पूछा तो यह लोग बहाना बताकर मौके से चले गए। परिवारीजनों ने थाने पर पुत्र की हत्या किए जाने की शिकायत की लेकिन पुलिस ने दबाव बनाकर शव को दफन करवा दिया था। जिस पर परिवारीजनों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय में शिकायत की थी। पीड़ित परिवार को कहीं पर न्याय नहंीं मिला।
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जिस पर पीड़ित परिजनों ने न्यायालय की शरण ली थी। इसके बाद न्यायालय ने चार अगस्त को नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। जिस पर पुलिस 28 दिन बाद बीते 2 सितंबर को पुलिस ने विजयपाल व निरहु के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय ने शव का पोस्टर्माटम कराने का आदेश दिया था।
जिस पर शुक्रवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम रामसनेहीघाट एसपी सिंह व सीओ संतोष सिंह कि उपस्थिति में शव को कब्र से निकलवाया। मौके पर मौजूद प्रभारी थानाध्यक्ष हरिराम ने बताया कि मृतक के परिवारीजनों ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। उसी को लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी रामसनेहीघाट द्वारा की जा रही है।
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थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम पूरेडलई निवासी सरजू देई पत्नी रमई ने आरोप लगाया था कि गांव के ही निवासी विजयपाल व निरहु उसके बेटे कल्लूराम (22) को नौकरी के लिए अजमेर (राजस्थान) जिले के किसी भट्ठे पर काम के लिए बुलाकर ले गए थे। उसके साथी बीते 8 अप्रैल 2016 की सुबह कल्लूराम का शव लेकर घर पहुंचे।
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महिला ने जब मौत का कारण पूछा तो यह लोग बहाना बताकर मौके से चले गए। परिवारीजनों ने थाने पर पुत्र की हत्या किए जाने की शिकायत की लेकिन पुलिस ने दबाव बनाकर शव को दफन करवा दिया था। जिस पर परिवारीजनों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय में शिकायत की थी। पीड़ित परिवार को कहीं पर न्याय नहंीं मिला।
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जिस पर पीड़ित परिजनों ने न्यायालय की शरण ली थी। इसके बाद न्यायालय ने चार अगस्त को नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। जिस पर पुलिस 28 दिन बाद बीते 2 सितंबर को पुलिस ने विजयपाल व निरहु के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय ने शव का पोस्टर्माटम कराने का आदेश दिया था।
जिस पर शुक्रवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम रामसनेहीघाट एसपी सिंह व सीओ संतोष सिंह कि उपस्थिति में शव को कब्र से निकलवाया। मौके पर मौजूद प्रभारी थानाध्यक्ष हरिराम ने बताया कि मृतक के परिवारीजनों ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। उसी को लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी रामसनेहीघाट द्वारा की जा रही है।