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करेंसी के लिए बैंक के सामने प्रदर्शन, रोड जाम
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Mon, 28 Nov 2016 11:17 PM IST
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करेंसी के लिए बैंक के सामने प्रदर्शन, रोड जाम
- फोटो : अमर उजाला
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दो दिन के अवकाश के बाद खुले बैंकों में सोमवार को लोगों की भारी भीड़ रही। वहीं सुढ़ियामऊ स्थित ग्रामीण आर्यावर्त का ग्रामीणों ने डेढ़ घंटे तक ताला ही नहीं खुलने दिया। आरोप लगाया कि बैंक कर्मी आम आदमी को नहीं बड़े व्यापारियों को ही भुगतान कर रहे हैं।
शहर स्थित स्टेट बैँक के सामने लाइन लगने को लेकर हाथापाई की नौबत आ गई जिसके बाद कोतवाल ने पहुंचकर स्थित को संभाला। वहीं कई बैंकों में दोपहर के बाद कैश ही खत्म हो गया। बड्डूपुर में भी बैंक के सामने ग्रामीणों ने लखनऊ मार्ग जामकर काफी प्रदर्शन किया। इस तरह जिले में बैंकों में नकदी की कमी व अन्य दिक्कतों के चलते आम लोगों को बिना नकदी लौटना पड़ा है।
सात दिन तक नकदी का संकट और बैंक कर्मचारियों की मनमानी के कारण ग्रामीणों का सब्र टूट गया। सैकड़ों ग्रामीण सोमवार सुबह सुढ़ियामऊ स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक पहुंचे और जमकर हंगामा किया। ग्रामीण करीब डेढ़ घंटे तक बैंक घेरे रहे और उसका ताला नहीं खुलने दिया। सुढ़ियामऊ के पास स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक बिलखिया की शाखा पर सुबह पैसे निकालने के लिए बैंक खुलने से पहले ही सैकड़ों लोगाें की भीड़ लग गई थी। यहां मौजूद ग्रामीणोें ने बैंक अधिकारियों से पैसे देने को कहा लेकिन उनकी बात सुनी नहीं गई।
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जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और सुबह 10 बजे ही बैंक में ताला बंद कर दिया इस दौरान कुछ कर्मचारी बैंक के अंदर बंद रहे तो कुछ बाहर ही खड़े रहे। यहां ग्रामीण करीब साढ़े ग्यारह बजे तक प्रदर्शन करते रहे। जिसके बाद ब्रांच मैनेजर ने सभी को समझा बुझाकर दो दो हजार रुपये देने की बात कहकर किसी तरह से शांत कराया।
यहां के ग्रामीण कुलदीप, संतोष, रामखेलावन, अमित सर्वेश आदि ने कहा कि बीते सात दिनों से यहां बैंक मेें लोग आ रहे है लेकिन उन्हें पैसा न मिलने से सभी परेशान है। ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक आने वाले प्रभावशाली लोग अपना पैसा ले रहे है लेकिन आम आदमी की कोई नहीं सुन रहा है। वहीं बड्डूपुर स्थित आर्यावर्त ग्रामीण रीवा, सीवा की शाखा में सोमवार को पुराने व फटे नोट देने पर ग्रामीण भड़क गए।
बैंक आए ग्रामीण कतुरीकला निवासी मोहम्मद शरीफ, अनिल,पवन आदि ने जब बैंक मैनेजर ओम प्रकाश से फटे नोट बदलने की बात कही तो उन्होेंने मना कर दिया। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग जामकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद ब्रांच मैनेजर के समझाने पर लोग शांत हुए। इस दौरान मार्ग पर वाहनों का जाम लगा रहा।
घंटों लाइन लगाने के बाद भी नहीं मिल रहा पैसा
बैंक ऑफ इंडिया सिद्धौर में दिन भर लाइन में लगे रहने के बाद तीन बजे बैंक कर्मियों ने सबको वापस जाने को कहा तो लोगों ने जमकर हंगामा काटा। बिंदियामऊ निवासी रामविलाश ने बताया कि पत्नी बीमार है। पैसा निकालने के लिए तीन दिनों से लाइन में लगने के बाद वापस कर दिया जाता है आज जब लगभग तीन बजे लाइन में लगने के बाद नंबर आया तो कहा गया कि अब पैसा नहीं मिलेगा।
इसके अलावा आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कोठी में इसी गांव के मो. जाकिर पैसा निकालने गये थे जब उनका नंबर आया तो बैंक कर्मचारियों ने यह कहकर वापस कर दिया कि शनिवार को तुमको दो हजार दिया जा चुका है।
इसलिए आज तुम्हारे खाते से पैसा नहीं निकाला जा सकता है। जिसके चलते बिमारी व खाद बीज तथा अन्य जरूरी समाग्री खरीदने के लिए बैंक से पैसा न मिलने के कारण विवश होकर वापस जाना पड़ रहा है।
डाकघरों व एटीएम से भी नहीं मिल रही नकदी
जिले में बैंक व डाकघरों से नकदी न मिलने के चलते आम लोगोें की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। लगभग सभी डाकघरों में नकदी का सकंट बताकर ग्राहक वापस किए जा रहे है। वहीं विभिन्न बैंक शाखा में भी यही हाल है। सोमवार को तो दोपहर बाद ही ज्यादातर बैंकों ने नकदी खत्म होने की बात कह दी। वहीं एटीएम से पैसा न निकालने के चलते हर किसी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के स्टेट बैँक के सामने सुबह लाइन को लेकर हाथापाई की नौबत आ गई। सूचना पर पहुंचे शहर कोतवाल बीपी यादव ने स्थित को संभाला।
नकदी को थोड़ा संकट है। कोशिश की जा रही है कि सबको पैसा मिले। दो दिन अवकाश के कारण आज भीड़ ज्यादा थी। -अशोक मिश्रा, लीड बैंक मैनेजर
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शहर स्थित स्टेट बैँक के सामने लाइन लगने को लेकर हाथापाई की नौबत आ गई जिसके बाद कोतवाल ने पहुंचकर स्थित को संभाला। वहीं कई बैंकों में दोपहर के बाद कैश ही खत्म हो गया। बड्डूपुर में भी बैंक के सामने ग्रामीणों ने लखनऊ मार्ग जामकर काफी प्रदर्शन किया। इस तरह जिले में बैंकों में नकदी की कमी व अन्य दिक्कतों के चलते आम लोगों को बिना नकदी लौटना पड़ा है।
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सात दिन तक नकदी का संकट और बैंक कर्मचारियों की मनमानी के कारण ग्रामीणों का सब्र टूट गया। सैकड़ों ग्रामीण सोमवार सुबह सुढ़ियामऊ स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक पहुंचे और जमकर हंगामा किया। ग्रामीण करीब डेढ़ घंटे तक बैंक घेरे रहे और उसका ताला नहीं खुलने दिया। सुढ़ियामऊ के पास स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक बिलखिया की शाखा पर सुबह पैसे निकालने के लिए बैंक खुलने से पहले ही सैकड़ों लोगाें की भीड़ लग गई थी। यहां मौजूद ग्रामीणोें ने बैंक अधिकारियों से पैसे देने को कहा लेकिन उनकी बात सुनी नहीं गई।
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जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और सुबह 10 बजे ही बैंक में ताला बंद कर दिया इस दौरान कुछ कर्मचारी बैंक के अंदर बंद रहे तो कुछ बाहर ही खड़े रहे। यहां ग्रामीण करीब साढ़े ग्यारह बजे तक प्रदर्शन करते रहे। जिसके बाद ब्रांच मैनेजर ने सभी को समझा बुझाकर दो दो हजार रुपये देने की बात कहकर किसी तरह से शांत कराया।
यहां के ग्रामीण कुलदीप, संतोष, रामखेलावन, अमित सर्वेश आदि ने कहा कि बीते सात दिनों से यहां बैंक मेें लोग आ रहे है लेकिन उन्हें पैसा न मिलने से सभी परेशान है। ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक आने वाले प्रभावशाली लोग अपना पैसा ले रहे है लेकिन आम आदमी की कोई नहीं सुन रहा है। वहीं बड्डूपुर स्थित आर्यावर्त ग्रामीण रीवा, सीवा की शाखा में सोमवार को पुराने व फटे नोट देने पर ग्रामीण भड़क गए।
बैंक आए ग्रामीण कतुरीकला निवासी मोहम्मद शरीफ, अनिल,पवन आदि ने जब बैंक मैनेजर ओम प्रकाश से फटे नोट बदलने की बात कही तो उन्होेंने मना कर दिया। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग जामकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद ब्रांच मैनेजर के समझाने पर लोग शांत हुए। इस दौरान मार्ग पर वाहनों का जाम लगा रहा।
घंटों लाइन लगाने के बाद भी नहीं मिल रहा पैसा
बैंक ऑफ इंडिया सिद्धौर में दिन भर लाइन में लगे रहने के बाद तीन बजे बैंक कर्मियों ने सबको वापस जाने को कहा तो लोगों ने जमकर हंगामा काटा। बिंदियामऊ निवासी रामविलाश ने बताया कि पत्नी बीमार है। पैसा निकालने के लिए तीन दिनों से लाइन में लगने के बाद वापस कर दिया जाता है आज जब लगभग तीन बजे लाइन में लगने के बाद नंबर आया तो कहा गया कि अब पैसा नहीं मिलेगा।
इसके अलावा आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कोठी में इसी गांव के मो. जाकिर पैसा निकालने गये थे जब उनका नंबर आया तो बैंक कर्मचारियों ने यह कहकर वापस कर दिया कि शनिवार को तुमको दो हजार दिया जा चुका है।
इसलिए आज तुम्हारे खाते से पैसा नहीं निकाला जा सकता है। जिसके चलते बिमारी व खाद बीज तथा अन्य जरूरी समाग्री खरीदने के लिए बैंक से पैसा न मिलने के कारण विवश होकर वापस जाना पड़ रहा है।
डाकघरों व एटीएम से भी नहीं मिल रही नकदी
जिले में बैंक व डाकघरों से नकदी न मिलने के चलते आम लोगोें की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। लगभग सभी डाकघरों में नकदी का सकंट बताकर ग्राहक वापस किए जा रहे है। वहीं विभिन्न बैंक शाखा में भी यही हाल है। सोमवार को तो दोपहर बाद ही ज्यादातर बैंकों ने नकदी खत्म होने की बात कह दी। वहीं एटीएम से पैसा न निकालने के चलते हर किसी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के स्टेट बैँक के सामने सुबह लाइन को लेकर हाथापाई की नौबत आ गई। सूचना पर पहुंचे शहर कोतवाल बीपी यादव ने स्थित को संभाला।
नकदी को थोड़ा संकट है। कोशिश की जा रही है कि सबको पैसा मिले। दो दिन अवकाश के कारण आज भीड़ ज्यादा थी। -अशोक मिश्रा, लीड बैंक मैनेजर