फर्जी मंत्री की जमानत अर्जी खारिज
बाराबंकी। अहमदपुर टोल प्लाजा पर फायरिंग व जानलेवा हमले के आरोप में जेल भेजे गए आरोपी फर्जी मंत्री इकबाल की जमानत अर्जी शुक्रवार को प्रभारी सीजेएम ने खारिज कर दी। अपने आदेश में प्रभारी सीजेएम ने मामले को गंभीर व सत्र न्यायालय द्वारा परीक्षणीय बताते हुए जमानत अर्जी खारिज की है।
जैदपुर थाना क्षेत्र में अहमदपुर स्थित टोल प्लाजा पर बीते 8 जून को हुए विवाद के बाद पुलिस ने लखनऊ जिले के सराईमीर नक्खास निवासी व अपने को प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री कहलाने वाले इकबाल पुत्र अजमत अली समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले में दो आरोपी रिजवान व जोगिंदर सिंह को पुलिस पहले ही पकड़कर उनके पास से एक लाइसेंसी रिवाल्वर व एक रेंज रोवर कार बरामद कर चुकी है और दोनों जेल में हैं। पुलिस ने बुधवार शाम लखनऊ में आईआईएम रोड पर एक मेडिकल कालेज के पास से फर्जी मंत्री इकबाल को पकड़ा था। इकबाल के खिलाफ जानलेवा हमला, जान से मारने की धमकी, बलवा व 7 क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट समेत कई धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। टोल प्लाजा विवाद में आरोपी इकबाल को लखनऊ से पकड़ा गया है जबकि अभी उसके दो साथी फरार है। पुलिस ने आरोपी मंत्री को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। शुक्रवार को आरोपी इकबाल के अधिवक्ता ने जमानत की अर्जी प्रभारी सीजेएम संतोष कुमार की कोर्ट में दाखिल की थी। लेकिन प्रभारी सीजेएम ने अपराध को गंभीर व सत्र न्यायालय द्वारा परीक्षणीय बताते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।