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दरोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:02 AM IST
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लूट व मारपीट के मामले में आरोपी दरोगा के कोर्ट में न हाजिर होने पर एसीजेएम अजय विक्रम सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एसपी को पत्र भेजकर रामनगर थाने में तैनात दरोगा को कार्यमुक्त व गिरफ्तार करवाकर 21 अप्रैल को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
मालूम हो कि थाना मवई के ग्राम लखनीपुर निवासी जगदीश नरायन खरे ने वर्ष 1988 में दरोगा कपिल देव चौबे व एसपी मौर्या के खिलाफ लूट व मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह रिपोर्ट तत्कालीन कप्तान के आदेश पर दर्ज हुई थी।
मामले में विवेचना के बाद विवेचक द्वारा अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में भेजी गई। वादी पक्ष को सुनने के बाद 17 फरवरी 1994 को तत्कालीन न्यायिक अधिकारी ने अंतिम रिपोर्ट खारिज कर दी थी व दोनों आरोपियों को तलब कर लिया था।
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आरोपी दरोगा एसपी मौर्या ने अपनी जमानत करवा ली थी। परंतु दरोगा कपिलदेव चौबे फरार चल रहे थे। पत्रावली काफी पुरानी होने व दरोगा के हाजिर न आने पर विभिन्न अदालतों द्वारा कई बार प्रेसेज जारी किए गए। लेकिन दरोगा हाजिर नहीं हुए।
एसीजेएम ने एसपी को भेजे गए आदेश में कहा कि दरोगा कपिलदेव चौबे वर्तमान में रामनगर थाने में तैनात है, जानबूझ कर हाजिर हो रहा है। उन्होंने एसपी को उसे कार्यमुक्त कर 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
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मालूम हो कि थाना मवई के ग्राम लखनीपुर निवासी जगदीश नरायन खरे ने वर्ष 1988 में दरोगा कपिल देव चौबे व एसपी मौर्या के खिलाफ लूट व मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह रिपोर्ट तत्कालीन कप्तान के आदेश पर दर्ज हुई थी।
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मामले में विवेचना के बाद विवेचक द्वारा अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में भेजी गई। वादी पक्ष को सुनने के बाद 17 फरवरी 1994 को तत्कालीन न्यायिक अधिकारी ने अंतिम रिपोर्ट खारिज कर दी थी व दोनों आरोपियों को तलब कर लिया था।
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आरोपी दरोगा एसपी मौर्या ने अपनी जमानत करवा ली थी। परंतु दरोगा कपिलदेव चौबे फरार चल रहे थे। पत्रावली काफी पुरानी होने व दरोगा के हाजिर न आने पर विभिन्न अदालतों द्वारा कई बार प्रेसेज जारी किए गए। लेकिन दरोगा हाजिर नहीं हुए।
एसीजेएम ने एसपी को भेजे गए आदेश में कहा कि दरोगा कपिलदेव चौबे वर्तमान में रामनगर थाने में तैनात है, जानबूझ कर हाजिर हो रहा है। उन्होंने एसपी को उसे कार्यमुक्त कर 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।