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260 प्री-एक्टिवेटेड सिम के साथ दो छात्रों को दबोचा
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:51 AM IST
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260 एक्टिवेटेड सिम के
साथ दो छात्रों को दबोचा
क्रासर
- आईडी चोरी कर दूसरों को महंगे दामों में बेचते थे सिम कार्ड
- टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस के साथ आरोपियों लगेगा गैंगेस्टर
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। दूसरे की आईडी चोरी कर महंगे दामों पर सिमकार्ड बेचने वाले रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस द्वारा पकड़े गए दो युवक विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों में एजेंट के तौर पर काम करते हुए कस्बों में स्टाल लगाकर गोरखधंधा करते थे। पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनके पास से 260 प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड व दो मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस टीम की इस कामयाबी पर एसपी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया है। पकड़े गए आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने के साथ टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारियों को नोटिस भेजने की भी बात कही गई है।
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि असंद्रा पुलिस व साइबर सेल की टीम ने फर्जी तरीके से सिम कार्ड बेचने वाले दो युवकों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी सालिम निवासी मोहल्ला दक्षिणी अंसारी कस्बा सिद्वौर व संदीप कुमार निवासी ग्राम रहीमपुर सेमरावा थाना कोठी है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों में एजेंट के तौर पर काम करने के साथ कस्बों में स्टाल लगाकर सिमकार्ड बेचते हैं। बताया गया कि आधार कार्ड से नंबर लिंक होने के चलते पहले की अपेक्षा अब फर्जी सिम आसानी से नहीं जारी होते हैं। इसके चलते स्टाल लगाकर सिम बेचने के दौरान जो व्यक्ति सिम खरीदने आता था उससे बायोमेट्रिक डिवाइस पर अतिरिक्त अंगूठा लगवाकर एक और सिम जारी कर लेते हैं। ये सिम पांच सौ से दो हजार रुपये में बेच देते हैं। एसपी ने बताया कि यह दोनों युवक इंटर प्रथम वर्ष की पढ़ाई भी कर रहे है।
बाक्स-
ऑनलाइन धोखाधड़ी में हो सकता इस्तेमाल
पुलिस ने जो फर्जी सिम बरामद किए है उनमें 203 एक्टिवेटेड सिम वोडाफोन के, 51 एक्टिवेटेड सिम एयरटेल, 4 एक्टिवेटेड सिम टाटा डोकोमो व दो एक्टिवेटेड सिम बीएसएनएल कंपनी के है। एएसपी अशोक शर्मा ने बताया कि पुलिस इन सभी कंपनी के अफसरों को नोटिस भेजकर जवाब तलब करेगी। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर जिले में सिम कार्ड बेंचने वाले दुकानदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है। एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने जो सिम कार्ड बरामद किए है उनका उपयोग असामजिक तत्वों द्वारा गंभीर, धोखाधड़ी , बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया में अफवाह फैलाना, ऑनलाइन धोखाधड़ी, महिलाओं को परेशान करनेमें काम आ सकता है।
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पुलिस टीम को पांच हजार का पुरस्कार
फर्जी सिमकार्ड बेचने का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में शामिल साइबर सेल के एसआई अनूप यादव, सिद्वौर चौकी प्रभारी लल्लन सिंह राठौर व सिपाही अंकित भूषण को एसपी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
साथ दो छात्रों को दबोचा
क्रासर
- आईडी चोरी कर दूसरों को महंगे दामों में बेचते थे सिम कार्ड
- टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस के साथ आरोपियों लगेगा गैंगेस्टर
अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी। दूसरे की आईडी चोरी कर महंगे दामों पर सिमकार्ड बेचने वाले रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस द्वारा पकड़े गए दो युवक विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों में एजेंट के तौर पर काम करते हुए कस्बों में स्टाल लगाकर गोरखधंधा करते थे। पुलिस ने दोनों छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनके पास से 260 प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड व दो मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस टीम की इस कामयाबी पर एसपी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया है। पकड़े गए आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने के साथ टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारियों को नोटिस भेजने की भी बात कही गई है।
एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि असंद्रा पुलिस व साइबर सेल की टीम ने फर्जी तरीके से सिम कार्ड बेचने वाले दो युवकों को पकड़ा है। पकड़े गए आरोपी सालिम निवासी मोहल्ला दक्षिणी अंसारी कस्बा सिद्वौर व संदीप कुमार निवासी ग्राम रहीमपुर सेमरावा थाना कोठी है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों में एजेंट के तौर पर काम करने के साथ कस्बों में स्टाल लगाकर सिमकार्ड बेचते हैं। बताया गया कि आधार कार्ड से नंबर लिंक होने के चलते पहले की अपेक्षा अब फर्जी सिम आसानी से नहीं जारी होते हैं। इसके चलते स्टाल लगाकर सिम बेचने के दौरान जो व्यक्ति सिम खरीदने आता था उससे बायोमेट्रिक डिवाइस पर अतिरिक्त अंगूठा लगवाकर एक और सिम जारी कर लेते हैं। ये सिम पांच सौ से दो हजार रुपये में बेच देते हैं। एसपी ने बताया कि यह दोनों युवक इंटर प्रथम वर्ष की पढ़ाई भी कर रहे है।
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ऑनलाइन धोखाधड़ी में हो सकता इस्तेमाल
पुलिस ने जो फर्जी सिम बरामद किए है उनमें 203 एक्टिवेटेड सिम वोडाफोन के, 51 एक्टिवेटेड सिम एयरटेल, 4 एक्टिवेटेड सिम टाटा डोकोमो व दो एक्टिवेटेड सिम बीएसएनएल कंपनी के है। एएसपी अशोक शर्मा ने बताया कि पुलिस इन सभी कंपनी के अफसरों को नोटिस भेजकर जवाब तलब करेगी। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर जिले में सिम कार्ड बेंचने वाले दुकानदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है। एसपी वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने जो सिम कार्ड बरामद किए है उनका उपयोग असामजिक तत्वों द्वारा गंभीर, धोखाधड़ी , बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया में अफवाह फैलाना, ऑनलाइन धोखाधड़ी, महिलाओं को परेशान करनेमें काम आ सकता है।
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पुलिस टीम को पांच हजार का पुरस्कार
फर्जी सिमकार्ड बेचने का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में शामिल साइबर सेल के एसआई अनूप यादव, सिद्वौर चौकी प्रभारी लल्लन सिंह राठौर व सिपाही अंकित भूषण को एसपी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।