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डॉक्टर को 51 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश
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बाराबंकी। मरीज के कान में मशीन लगाने में लापरवाही बरतने के मामले में स्थायी लोक अदालत अधिकरण सिविल कोर्ट ने इक्यावन हजार रूपये की क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश पारित किया है।
रामसनेहीघाट निवासी दिनेश चंद्र शुक्ला ने स्थायी लोक अदालत अधिकरण में दाखिल परिवाद में बताया कि उन्होंने नाक-कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश श्रीवास्तव की घोसियाना क्लीनिक में इलाज कराया था। डॉक्टर ने 26 हजार रुपये लेकर 25 दिसंबर, 2017 को कान में हियरिंग मशीन लगाई थी। इससे दिक्कत तो कम नहीं हुई उलटा तेज दर्द के अलावा नींद न आने की समस्या हो गई। कई बार डॉ. राकेश से शिकायत की पर सुनवाई नहीं हुई।
जिला अस्पताल में दिखाया तो मशीन हटाने की सलाह दी गई। इसके बाद स्थायी लोक अदालत अधिकरण में 31 जनवरी, 2018 को परिवाद दाखिल किया। सुनवाई के दौरान डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने कोई प्रतिवाद दाखिल नहीं किया। इस पर स्थायी लोक अदालत अधिकरण के अध्यक्ष श्याम सुंदर, सदस्य दिनेश पांडेय और डॉ. रश्मि रस्तोगी ने एक राय से चिकित्सक का लापरवाह मानते हुए 26 हजार रुपये मशीन के, दस हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न, दस हजार रुपये अन्य चिकित्सकों से उपचार व पांच हजार रुपये दवा के एक महीने के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया है।
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रामसनेहीघाट निवासी दिनेश चंद्र शुक्ला ने स्थायी लोक अदालत अधिकरण में दाखिल परिवाद में बताया कि उन्होंने नाक-कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश श्रीवास्तव की घोसियाना क्लीनिक में इलाज कराया था। डॉक्टर ने 26 हजार रुपये लेकर 25 दिसंबर, 2017 को कान में हियरिंग मशीन लगाई थी। इससे दिक्कत तो कम नहीं हुई उलटा तेज दर्द के अलावा नींद न आने की समस्या हो गई। कई बार डॉ. राकेश से शिकायत की पर सुनवाई नहीं हुई।
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जिला अस्पताल में दिखाया तो मशीन हटाने की सलाह दी गई। इसके बाद स्थायी लोक अदालत अधिकरण में 31 जनवरी, 2018 को परिवाद दाखिल किया। सुनवाई के दौरान डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने कोई प्रतिवाद दाखिल नहीं किया। इस पर स्थायी लोक अदालत अधिकरण के अध्यक्ष श्याम सुंदर, सदस्य दिनेश पांडेय और डॉ. रश्मि रस्तोगी ने एक राय से चिकित्सक का लापरवाह मानते हुए 26 हजार रुपये मशीन के, दस हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न, दस हजार रुपये अन्य चिकित्सकों से उपचार व पांच हजार रुपये दवा के एक महीने के अंदर भुगतान करने का आदेश दिया है।
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