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जमुरिया नाले की साफ-सफाई पर खर्च होंगे 40 लाख
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40 लाख से साफ होगा जमुरिया नाला
बाराबंकी। जमुरिया नाले की साफ-सफाई को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बरसात से पहले नाले को साफ किया जाना है। इसको लेकर कार्ययोजना बना ली गई है। इस पर करीब 40 लाख रुपये का खर्च आएगा। जिलाधिकारी से अनुमोदन मिलने के बाद प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है।
बरसात के दौरान अक्सर जमुरिया नाला उफना जाता है। नाले का गंदा पानी शहर के करीब आधा दर्जन मोहल्लों के घरों में भर जाता है। जिससे इन मोहल्लों के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। इसके अलावा विषैले जीव-जंतुओं का भी भय बना रहता है।
मगर इस समस्या से निजात मिलती दिख नहीं रही थी। शहरवासियों ने अपनी समस्या से जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी को अवगत कराया। जिस पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए बाढ़ खंड के अधिकारियों को इसका सर्वे कराकर स्टीमेट तैयार करने के आदेश दिए।
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अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड ने टीम बनाकर नाले का सर्वे कराया। जिसमें पाया गया कि नाला कई स्थानों पर गंदगी से पट गया है और सुचारु जलनिकासी नहीं होने की वजह से ये समस्या बनी हुई है।
टीम के सर्वे में पाया गया कि इस नाले की सफाई पर करीब 40 लाख रुपये खर्च आएगा। जिसका स्टीमेट बनाकर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के सामने रखा गया।
जिलाधिकारी ने अपनी अनुमति देते हुए स्वीकृति के लिए इसे शासन को भेजा है। शासन से अनुमति मिलते ही जमुरिया नाले की सफाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जमुरिया नाले की साफ-सफाई का प्रस्ताव बनाया गया है। नाले की सफाई पर करीब 40 लाख रुपये की धनराशि खर्च होगी।
प्रस्ताव पर जिलाधिकारी से अनुमोदन लेकर इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि बारिश से पहले ही इसकी स्वीकृति और धन शासन से मिल जाएगा।
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बाराबंकी। जमुरिया नाले की साफ-सफाई को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बरसात से पहले नाले को साफ किया जाना है। इसको लेकर कार्ययोजना बना ली गई है। इस पर करीब 40 लाख रुपये का खर्च आएगा। जिलाधिकारी से अनुमोदन मिलने के बाद प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है।
बरसात के दौरान अक्सर जमुरिया नाला उफना जाता है। नाले का गंदा पानी शहर के करीब आधा दर्जन मोहल्लों के घरों में भर जाता है। जिससे इन मोहल्लों के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। इसके अलावा विषैले जीव-जंतुओं का भी भय बना रहता है।
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मगर इस समस्या से निजात मिलती दिख नहीं रही थी। शहरवासियों ने अपनी समस्या से जिलाधिकारी उदयभानु त्रिपाठी को अवगत कराया। जिस पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए बाढ़ खंड के अधिकारियों को इसका सर्वे कराकर स्टीमेट तैयार करने के आदेश दिए।
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अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड ने टीम बनाकर नाले का सर्वे कराया। जिसमें पाया गया कि नाला कई स्थानों पर गंदगी से पट गया है और सुचारु जलनिकासी नहीं होने की वजह से ये समस्या बनी हुई है।
टीम के सर्वे में पाया गया कि इस नाले की सफाई पर करीब 40 लाख रुपये खर्च आएगा। जिसका स्टीमेट बनाकर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के सामने रखा गया।
जिलाधिकारी ने अपनी अनुमति देते हुए स्वीकृति के लिए इसे शासन को भेजा है। शासन से अनुमति मिलते ही जमुरिया नाले की सफाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष भारद्वाज ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जमुरिया नाले की साफ-सफाई का प्रस्ताव बनाया गया है। नाले की सफाई पर करीब 40 लाख रुपये की धनराशि खर्च होगी।
प्रस्ताव पर जिलाधिकारी से अनुमोदन लेकर इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि बारिश से पहले ही इसकी स्वीकृति और धन शासन से मिल जाएगा।