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सीएमओ दफ्तर में कर्मचारियों को भाकियू ने बनाया बंधक
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Wed, 29 Jun 2016 11:30 PM IST
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कमिश्नर का घेराव करते भाकियू कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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भाकियू ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय का घेराव कर यहां पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को बंधक बना लिया। भाकियू का कहना है कि अस्पतालों में डॉक्टर तैनात कर दिए गए हैं लेकिन कभी कोई चिकित्सक मिलता ही नहीं है। किसी भी अस्पताल में दवाएं नहीं हैं जिससे मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
वहीं भाकियू के प्रांतीय महासचिव के नेतृत्व में किसानों का दल गेस्ट हाउस में बैठक कर रहे कमिमश्नर का घेराव करने पहुंच गया। जिस पर कमिश्नर ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता की और मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया।
भाकियू कार्यकर्ता बुधवार को करीब दोपहर एक बजे से ही सीएमओ कार्यालय पहुंचने लगे। करीब डेढ़ बजे के आस-पास भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह भी पूरे लावलश्कर के साथ पहुंच गए। किसान नेता को सामने देख धरने पर बैठे किसान आक्रोशित हो गए और कार्यालय में कार्य कर रहे कर्मचारियों को उनके कक्ष में बंद कर दिया।
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किसान मांग कर रहे थे जब तक वार्ता नहीं हो जाएगी किसी भी कर्मचारी को घर नहीं जाने दिया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए मुकेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों अस्पताल खुले हैं इनमें डॉक्टर तैनात हैं लेकिन ये कब आते हैं और कब चले जाते हैं इसका कोई पता ही नहीं चलता है। मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं।
इसी बीच किसानों को जानकारी मिली की कमिश्नर फैजाबाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बैठक कर रहे हैं। इस पर प्रांतीय महासचिव की अगुवाई में किसान गेस्ट हाउस की ओर चल दिए और गेट पर गेस्ट हाउस का घेराव करते हुए मार्ग जाम कर दिया।
बात न बनती देख किसान मार्ग पर ही लेट गए। यह जानकारी कमिश्नर फैजाबाद को हुई तो उन्होंने किसानों के प्रतिनिधि दल को बुलाकर वार्ता की व मांगों का निराकरण कराए जाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा, अनुपम वर्मा, रिंकू वर्मा, शारदा बख्श, नौमीलाल, हरेराम पाल, रामानंद आदि मौजूद रहे।
भाकियू कार्यकर्ताओं के धरने की जानकारी पर कार्यालय पहुंचकर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता की गई। उनकी जो मांगें थीं उनमें एक मांग देवा पीएचसी पर तैनात दोनों एएनएम को निलंबित कर दिया गया है। शेष मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया गया है इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। किसानों द्वारा कर्मचारियों को कक्षों में बंद नहीं किया गया। -डॉ. सतीश चन्द्रा, सीएमओ
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वहीं भाकियू के प्रांतीय महासचिव के नेतृत्व में किसानों का दल गेस्ट हाउस में बैठक कर रहे कमिमश्नर का घेराव करने पहुंच गया। जिस पर कमिश्नर ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता की और मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया।
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भाकियू कार्यकर्ता बुधवार को करीब दोपहर एक बजे से ही सीएमओ कार्यालय पहुंचने लगे। करीब डेढ़ बजे के आस-पास भाकियू के प्रांतीय महासचिव मुकेश सिंह भी पूरे लावलश्कर के साथ पहुंच गए। किसान नेता को सामने देख धरने पर बैठे किसान आक्रोशित हो गए और कार्यालय में कार्य कर रहे कर्मचारियों को उनके कक्ष में बंद कर दिया।
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किसान मांग कर रहे थे जब तक वार्ता नहीं हो जाएगी किसी भी कर्मचारी को घर नहीं जाने दिया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए मुकेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों अस्पताल खुले हैं इनमें डॉक्टर तैनात हैं लेकिन ये कब आते हैं और कब चले जाते हैं इसका कोई पता ही नहीं चलता है। मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं।
इसी बीच किसानों को जानकारी मिली की कमिश्नर फैजाबाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बैठक कर रहे हैं। इस पर प्रांतीय महासचिव की अगुवाई में किसान गेस्ट हाउस की ओर चल दिए और गेट पर गेस्ट हाउस का घेराव करते हुए मार्ग जाम कर दिया।
बात न बनती देख किसान मार्ग पर ही लेट गए। यह जानकारी कमिश्नर फैजाबाद को हुई तो उन्होंने किसानों के प्रतिनिधि दल को बुलाकर वार्ता की व मांगों का निराकरण कराए जाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा, अनुपम वर्मा, रिंकू वर्मा, शारदा बख्श, नौमीलाल, हरेराम पाल, रामानंद आदि मौजूद रहे।
भाकियू कार्यकर्ताओं के धरने की जानकारी पर कार्यालय पहुंचकर किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर वार्ता की गई। उनकी जो मांगें थीं उनमें एक मांग देवा पीएचसी पर तैनात दोनों एएनएम को निलंबित कर दिया गया है। शेष मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया गया है इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। किसानों द्वारा कर्मचारियों को कक्षों में बंद नहीं किया गया। -डॉ. सतीश चन्द्रा, सीएमओ