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भारत यात्रा महाकुंभ, सभी दें आहुति : सत्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:56 PM IST
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नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि शिक्षा और सुरक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है। समाज में बाल यौन शोषण, तस्करी और दुर्व्यवहार महामारी की तरह दबे पांव घुस रही है। इससे पीड़ित बच्चों के सिसकते बचपन को महसूस कर, उन्हें न्याय दिलाने के लिए सभी को जाति धर्म छोड़कर एक साथ आगे आना होगा। बचपन को सुरक्षित रखने के लिए भारत यात्रा जैसे महाकुंभ में अपनी आहुति देनी होगी। वे शनिवार को माती क्षेत्र के रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे ।
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उन्होंने कहा कि 18 साल की उम्र पूरी होने से पहले देश के 53 फीसदी बच्चे यौन शोषण का शिकार हो जाते हैं। इससे पीड़ित बच्चों की आवाज उठाने के बजाय समाज के ठेकेदार उनकी आवाज को यह कहकर दबा देते हैं कि समाज में बदनामी होगी। ऐसा घृणित कार्य करने वालों में ज्यादातर करीबी और रिश्तेदार ही शामिल होते हैं।
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उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों से वंचित हर बच्चा किसी हिंदू, मुस्लिम या अमीर-गरीब का नहीं, बल्कि देश की माटी का है। भेदभाव छोड़ हमें बच्चों का बचपन सुरक्षित करना होगा। भारत समाज सुधारकों, जगतगुरुओं का देश है। इसकी गरिमा बचाने के लिए भारत यात्रा में शामिल होकर ऐसा माहौल बनाना होगा ताकि गलत कार्य करने वालों के अंदर भय पैदा हो। तभी हमारा भारत सुरक्षित होगा।
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श्री सत्यार्थी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को मेक इंडिया सेफ इंडिया की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में आई महिला बाल एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा बच्चों के लिए नए कानून बनाकर बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार कदम उठा रही है। कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने कैलाश सत्यार्थी के साथ भारत यात्रा में हिस्सा लिया। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर पंकज अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, सुमेदा कैलाश आदि मौजूद रहे।
गुड़गांव के श्रीराम स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा स्नेहल धवन शिक्षण के साथ कैलाश सत्यार्थी के साथ ढाई साल से बच्चों के लिए कार्य कर रही हैं। नई दिल्ली में वर्ष दिसंबर 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति ने स्नेहल के इस कार्य की सराहना करते हुए 100 मिलियन फॉर 100 मिलियन बच्चों को हेल्प करने की तकनीक साझा की। इसके बाद छात्रा ने एक ऐप तैयार किया। इसके माध्यम से वह बच्चों की जरूरतों से लेकर उनकी सुरक्षा आसानी से कर रही हैं। शनिवार को स्नेहल के इस ऐप को लांच किया गया।