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डेंगू से निपटने के इंतजाम ध्वस्त, मरीज पस्त
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बाराबंकी। जिले में एक माह से संक्रामक रोगों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू, मलेरिया और बुखार से अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है। प्रतिदिन सरकारी अस्पतालों में एक हजार मरीज देखे जा रहे हैं, जिनमें से 600 बुखार और डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीज शामिल हैं। डिप्टी सीएम से लेकर डीएम तक के निरीक्षण और निर्देश के बाद भी संक्रामक रोगों से निपटने के सारे इंतजाम ध्वस्त नजर आते हैं और मरीज पस्त होकर निजी अस्पतालों और डॉक्टरों के यहां जाने को मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद जिला मुख्यालय से लेकर नगर पंचायतों तक कहीं सफाई नहीं है। नालियां बजबजा रही हैं। कूड़े के ढेर लगे हैं, जिधर देखो एंटीलार्वा मिल जाएगा। फॉगिंग सिर्फ कागजों पर हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगर पालिका और नगर पंचायत अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ चुके हैं। ऐसे में संक्रामक रोगों पर रोकथाम सिर्फ भगवान भरोसे है।
एक माह पहले डेंगू से छह अक्टूबर को हुई जिले में पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग इलाज के लिए जागा जरूर, मगर जिस तरह बीमारी अपना प्रकोप बढ़ाती गई, उसके आगे उसकी तैयारियां बौनी साबित होती रहीं। अब तक डेंगू और उसके लक्षण वाले 20 लोगों की जान जा चुकी है और 500 से अधिक मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए शहरी और ग्रामीण स्तरों पर निपटने के लिए सफाई और स्वास्थ्य विभाग से मिलकर एंटीलार्वा का छिड़काव की जिम्मेेदारी होती है। सिलसिलेवार मौतों पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
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डीएम ने सभी एसडीएम से निरीक्षण कर रिपोर्ट मांगी। सभी के निरीक्षण में भीषण गंदगी और अव्यवस्था मिली थी। सुधार के निर्देश दिए गए, मगर ग्रामीण तो दूर शहरी क्षेत्रों में इसका असर कहीं दिखाई नहीं पड़ा। आज भी अमर उजाला ने नगर पालिका से लेकर कई पंचायतों में गंदगी के जो हालात देखे, उससे साफ हो गया कि ऐसी हालत में डेंगू को रोक पाना संभव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में डेंगू के बेड आरक्षित किए थे, वह सब फुल हैं।
जांच का आलम यह है कि प्रतिदिन सरकारी स्तर पर 600 मलेरिया और 100 डेंगू की जांचें हो रही हैं। इनमें 60 एलाइजा टेस्ट के लिए सैंपल भेजे जा रहे हैं। लापरवाही यहां तक है कि शनिवार को रामसनेहीघाट क्षेत्र के ककरहा गांव में सतेंद्र (32) की मौत हो गई थी, मगर रविवार शाम तक यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची, जबकि कई लोग बुखार से पीड़ित हैं।
17 मिले डेंगू और बुखार से पीड़ित
जिले में डेंगू और बुखार से पीड़ित लगातार मिल रहे हैं। रविवार को डेंगू और बुुखार से 17 लोग पीड़ित पाए गए। इनमें आवास विकास की सरस्वती, लखपेड़ाबाग की सुनीता, आकाश पांडेय, सर्वेश कुमार, विद्यावती, आलापुर की सायरा बानो, बाल विहार की मधु, नैनसी, बड़ेल की कंचन लता, रोहित कुमार, पीरबटावन की शमीमुल निशां समेत 17 लोगों में डेंगू और बुखार जैसे लक्षण पाए जाने पर परिजनों ने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया है।
शहर से लेकर नगर पंचायतों में पसरी गंदगी
शहर के दशहराबाग, हजाराबाग, विजयनगर, दयानंदनगर, लखपेड़ाबाग, आवास विकास कॉलोनी, पीरबटावन, अभय नगर सहित कई मोहल्लों में सड़क से लेकर खाली पड़े प्लाटों में कूड़ा और दूषित पानी में एंटीलार्वा पनप रहा है। इसी तरह दरियाबाद, सिद्धौर, फतेहपुर, देवा, जैदपुर, रामसनेहीघाट सहित कई नगर पंचायतों में गंदगी की भरमार है।
रोकथाम को चल रहा अभियान
डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सभी अधिकारी प्रतिदिन फील्ड में जाकर लोगों को रोग से बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं और शाम को अपनी रिपोर्ट भी दे रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। रोग पर रोकथाम के लिए प्रयास जारी हैं।
-डॉ. अवधेश कुमार, सीएमओ
बाक्स
नियमित कराई जा रही सफाई
शहर के प्रत्येक मोहल्ले की नियमित सफाई कराने के साथ ही फॉगिंग भी कराई जा रही है। इसको लेकर संबंधितों को निर्देश भी जारी किए गए है। लापरवाही पाए जाने सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-पवन कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद नवाबगंज
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद जिला मुख्यालय से लेकर नगर पंचायतों तक कहीं सफाई नहीं है। नालियां बजबजा रही हैं। कूड़े के ढेर लगे हैं, जिधर देखो एंटीलार्वा मिल जाएगा। फॉगिंग सिर्फ कागजों पर हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगर पालिका और नगर पंचायत अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ चुके हैं। ऐसे में संक्रामक रोगों पर रोकथाम सिर्फ भगवान भरोसे है।
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एक माह पहले डेंगू से छह अक्टूबर को हुई जिले में पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग इलाज के लिए जागा जरूर, मगर जिस तरह बीमारी अपना प्रकोप बढ़ाती गई, उसके आगे उसकी तैयारियां बौनी साबित होती रहीं। अब तक डेंगू और उसके लक्षण वाले 20 लोगों की जान जा चुकी है और 500 से अधिक मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए शहरी और ग्रामीण स्तरों पर निपटने के लिए सफाई और स्वास्थ्य विभाग से मिलकर एंटीलार्वा का छिड़काव की जिम्मेेदारी होती है। सिलसिलेवार मौतों पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
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डीएम ने सभी एसडीएम से निरीक्षण कर रिपोर्ट मांगी। सभी के निरीक्षण में भीषण गंदगी और अव्यवस्था मिली थी। सुधार के निर्देश दिए गए, मगर ग्रामीण तो दूर शहरी क्षेत्रों में इसका असर कहीं दिखाई नहीं पड़ा। आज भी अमर उजाला ने नगर पालिका से लेकर कई पंचायतों में गंदगी के जो हालात देखे, उससे साफ हो गया कि ऐसी हालत में डेंगू को रोक पाना संभव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में डेंगू के बेड आरक्षित किए थे, वह सब फुल हैं।
जांच का आलम यह है कि प्रतिदिन सरकारी स्तर पर 600 मलेरिया और 100 डेंगू की जांचें हो रही हैं। इनमें 60 एलाइजा टेस्ट के लिए सैंपल भेजे जा रहे हैं। लापरवाही यहां तक है कि शनिवार को रामसनेहीघाट क्षेत्र के ककरहा गांव में सतेंद्र (32) की मौत हो गई थी, मगर रविवार शाम तक यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची, जबकि कई लोग बुखार से पीड़ित हैं।
17 मिले डेंगू और बुखार से पीड़ित
जिले में डेंगू और बुखार से पीड़ित लगातार मिल रहे हैं। रविवार को डेंगू और बुुखार से 17 लोग पीड़ित पाए गए। इनमें आवास विकास की सरस्वती, लखपेड़ाबाग की सुनीता, आकाश पांडेय, सर्वेश कुमार, विद्यावती, आलापुर की सायरा बानो, बाल विहार की मधु, नैनसी, बड़ेल की कंचन लता, रोहित कुमार, पीरबटावन की शमीमुल निशां समेत 17 लोगों में डेंगू और बुखार जैसे लक्षण पाए जाने पर परिजनों ने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया है।
शहर से लेकर नगर पंचायतों में पसरी गंदगी
शहर के दशहराबाग, हजाराबाग, विजयनगर, दयानंदनगर, लखपेड़ाबाग, आवास विकास कॉलोनी, पीरबटावन, अभय नगर सहित कई मोहल्लों में सड़क से लेकर खाली पड़े प्लाटों में कूड़ा और दूषित पानी में एंटीलार्वा पनप रहा है। इसी तरह दरियाबाद, सिद्धौर, फतेहपुर, देवा, जैदपुर, रामसनेहीघाट सहित कई नगर पंचायतों में गंदगी की भरमार है।
रोकथाम को चल रहा अभियान
डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सभी अधिकारी प्रतिदिन फील्ड में जाकर लोगों को रोग से बचाव के प्रति जागरूक कर रहे हैं और शाम को अपनी रिपोर्ट भी दे रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। रोग पर रोकथाम के लिए प्रयास जारी हैं।
-डॉ. अवधेश कुमार, सीएमओ
बाक्स
नियमित कराई जा रही सफाई
शहर के प्रत्येक मोहल्ले की नियमित सफाई कराने के साथ ही फॉगिंग भी कराई जा रही है। इसको लेकर संबंधितों को निर्देश भी जारी किए गए है। लापरवाही पाए जाने सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-पवन कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद नवाबगंज