फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   बेच डालीं सरकारी जमीनें, लेखपाल सस्पेंड

बेच डालीं सरकारी जमीनें, लेखपाल सस्पेंड

Wed, 03 Sep 2014 05:30 AM IST
Barabanki
Barabanki Updated Wed, 03 Sep 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। ग्राम समाज की जमीन को गांव के ही कुछ व्यक्तियों के नाम फर्जी तरीके से दर्ज करने के मामले में एसओसी (बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी) ने संबंधित लेखपाल को निलंबित कर दिया है। उन्होंने सहायक बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को फर्जीवाड़ा करने वाले लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान आरोपी लेखपाल ने अपनी गलती भी स्वीकार कर ली है।
विज्ञापन

चकबंदी अधिकारी कार्यालय मोहसंडी सूरतगंज में अपनी तैनाती के दौरान लेखपाल दुर्जन प्रसाद ने मरौचा ईश्वरीसिंह गांव के निवासी राजेन्द्र पुत्र प्रभू के नाम ग्राम समाज की करीब डेढ़ बीघा जमीन का फर्जी आकार पत्र 45 (बंदोबस्त) दिनांक रहित जारी कर दिया। इस आकार पत्र पर लेखपाल सुरेश सिंह और एक चकबंदी अधिकारी तथा कानूनगो के फर्जी हस्ताक्षर भी बना दिए गए। राजेन्द्र ने इस जमीन को सूरतगंज निवासी अब्दुल माजिद पुत्र मोहर्रम अली के हाथों दो लाख रुपये में बैनामा कर दिया। गांव के ही निवासी श्रीपति ने मामले की लिखित शिकायत चार जनवरी 2014 को जिलाधिकारी से की थी। जिलाधिकारी ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी जगदीप यादव को मामले की जांच कराने के आदेश दिए। एसओसी ने मामले की जांच सहायक बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी राकेश पांडेय को सौंपी। एएसओसी ने चार अगस्त 2014 को अपनी जांच रिपोर्ट एसओसी को सौंप दी। जांच में फर्जीवाडे़ की पुष्टि होने के बाद एसओसी ने लेखपाल दुर्जन प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसके खिलाफ अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश एएसओसी को दिए हैं।
विज्ञापन


फर्जीवाड़ा कर हथियाई जमीन पर लिया कर्ज
जांच के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ है कि अपनी तैनाती के दौरान लेखपाल दुर्जन प्रसाद ने मरौचा ईश्वरी सिंह गांव निवासी वीरेन्द्र पुत्र बरसाती के नाम भी ग्राम समाज की एक हेक्टेयर तथा इनकी पत्नी शशि के नाम भी कुछ जमीन करके आकार पत्र-45 फर्जी तरीके से जारी कर दिए थे। शशि के पति ने इसी भूमि पर जिला सहकारी बैंक से करीब 20 हजार रुपये का कर्ज भी ले रखा है। हालांकि जांच अधिकारी को संबंधित बैंक इस बात का कोई अभिलेख नहीं उपलब्ध करा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि लेखपाल दुर्जन प्रसाद ने फर्जी आकार पत्र-45 (बंदोबस्त) मरौचा ईश्वरसिंह गांव में कई लोगों ने नाम जारी किए थे। यहीं नहीं जांच के दौरान लेखपाल ने लिखित तौर पर अपनी गलती को स्वीकार भी किया है जिसमें उसने फर्जी तरीके से आकार पत्र जारी करने की बात कही है। जांच रिपोर्ट एसओसी को भेजी गई थी जिस पर उन्होंने लेखपाल को निलंबित कर दिया है और लेखपाल तथा भूमि बेचने वाले राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर शहर कोतवाली में दे दी गई है।
- राकेश पांडेय, सहायक बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed