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कानूनगो, लेखपाल समेत चार पर केस दर्ज करने का आदेश
Barabanki
Updated Sun, 25 May 2014 05:31 AM IST
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बाराबंकी। भूमि पैमाइश की पत्रावली गायब करनेे व अवैधानिक रूप से दूसरी कूटरचित फाइल बनवाकर एसडीएम कोर्ट में दाखिल करने के एक मामले में सीजेएम ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। धोखाधड़ी व कूटरचना के इस मामले में कानूनगो, लेखपाल समेत चार को आरोपी बनाया गया है।
शहर के कटरा मोहल्ला निवासी अधिवक्ता लव त्रिपाठी ने सीजेएम शिवानी जायसवाल को दिए प्रार्थना पत्र मेें बताया था कि उनकी पैतृक भूमि गाटा संख्या 662 ग्राम सुल्तानपुर में स्थित है जिसकी पैमाइश के लिए उन्हाेंने एसडीएम न्यायालय में 20 दिसंबर 2013 को वाद दाखिल किया गया था। आरोप है कि पैमाइश फीस जमा करने के बाद भी कानूनगो रामअधार वर्मा, लेखपाल शिवाकांत द्विवेदी व मुंशी बबलू ने विपक्षी रूपेश सोनी को लाभ पहुंचाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। कई दिन बाद बताया गया कि पत्रावली कहीं गायब हो गई है। लव त्रिपाठी द्वारा 22 फरवरी व चार मार्च 2014 को इस संबंध में कार्रवाई के लिए उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बाद उपरोक्त राजस्व कर्मियों द्वारा कूटरचित पत्रावली बनाकर बगैर लव त्रिपाठी के हस्ताक्षर के एसडीएम न्यायालय मेें आख्या दे दी गई। मामले में तहसीलदार द्वारा जांच में पैमाइश पत्रावली गायब होने व दूसरी पत्रावली बनाकर आख्या भेजने की रिपोर्ट एसडीएम कोे साैंपी गई जबकि इस संबंध में एसडीएम को कानूनगो रामअधार वर्मा द्वारा न तो कोई सूचना दी गई ओर न ही दूसरी पत्रावली बनाने का आदेश एसडीएम द्वारा दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीजेएम शिवानी जायसवाल ने राजस्व कर्मियों कानूनगो रामअधार वर्मा, लेखपाल शिवाकांत द्विवेदी, कथित लेखपाल मुंशी बबलू व रूपेश सोनी के खिलाफ प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
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शहर के कटरा मोहल्ला निवासी अधिवक्ता लव त्रिपाठी ने सीजेएम शिवानी जायसवाल को दिए प्रार्थना पत्र मेें बताया था कि उनकी पैतृक भूमि गाटा संख्या 662 ग्राम सुल्तानपुर में स्थित है जिसकी पैमाइश के लिए उन्हाेंने एसडीएम न्यायालय में 20 दिसंबर 2013 को वाद दाखिल किया गया था। आरोप है कि पैमाइश फीस जमा करने के बाद भी कानूनगो रामअधार वर्मा, लेखपाल शिवाकांत द्विवेदी व मुंशी बबलू ने विपक्षी रूपेश सोनी को लाभ पहुंचाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। कई दिन बाद बताया गया कि पत्रावली कहीं गायब हो गई है। लव त्रिपाठी द्वारा 22 फरवरी व चार मार्च 2014 को इस संबंध में कार्रवाई के लिए उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बाद उपरोक्त राजस्व कर्मियों द्वारा कूटरचित पत्रावली बनाकर बगैर लव त्रिपाठी के हस्ताक्षर के एसडीएम न्यायालय मेें आख्या दे दी गई। मामले में तहसीलदार द्वारा जांच में पैमाइश पत्रावली गायब होने व दूसरी पत्रावली बनाकर आख्या भेजने की रिपोर्ट एसडीएम कोे साैंपी गई जबकि इस संबंध में एसडीएम को कानूनगो रामअधार वर्मा द्वारा न तो कोई सूचना दी गई ओर न ही दूसरी पत्रावली बनाने का आदेश एसडीएम द्वारा दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीजेएम शिवानी जायसवाल ने राजस्व कर्मियों कानूनगो रामअधार वर्मा, लेखपाल शिवाकांत द्विवेदी, कथित लेखपाल मुंशी बबलू व रूपेश सोनी के खिलाफ प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
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