{"_id":"125-69216","slug":"Barabanki-69216-125","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं मिली एंबुलेंस, प्रसूता की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं मिली एंबुलेंस, प्रसूता की मौत
Barabanki
Updated Wed, 06 Nov 2013 05:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घुंघटेर (बाराबंकी)। समय से एंबुलेंस न मिलने की वजह से मंगलवार दोपहर सीएचसी में एक प्रसूता ने दम तोड़ दिया। मृतका के परिवारीजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने अगर समय रहते जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया होता तो प्रसूता की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि सोमवार रात जन्मी बच्ची बिल्कुल ठीक बताई जा रही है। क्षेत्र के पलिया मजरे भडखेरिया निवासी हीरालाल गौतम प्रसव पीड़ा पर पत्नी शांति देवी (25) को उपचार के लिए सोमवार को सीएचसी लेकर आया था। प्रसूता को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया और रात करीब साढे़ नौ बजे उसने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद से उसे रक्त स्राव शुरू हो गया। हीरालाल का आरोप है कि रात से लेकर सुबह तक रक्त स्राव होता रहा और इस दौरान कई बार डॉक्टरों से कहा भी गया लेकिन किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस के लिए पति ने संपर्क किया तो बताया गया कि एंबुलेंस मरीज छोड़ने गई है, वापस आने पर ही मिल सकेगी। इस दौरान परिवारीजन निजी वाहन की तलाश में लगे रहे। बाबागंज से एक वाहन किराए पर लेकर आए और प्रसूता को जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी में थे कि तब तक मौत हो गई। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ बताई जाती है।
मृतका के पति का आरोप है कि रात में ही यदि शांति को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया होता तो शायद उसे बचाया जा सकता था लेकिन डॉक्टरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
मृतका के पति का आरोप है कि रात में ही यदि शांति को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया होता तो शायद उसे बचाया जा सकता था लेकिन डॉक्टरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन