{"_id":"59bacb974f1c1b32688b4a1f","slug":"81505414039-barabanki-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभियान चलाकर मुक्त कराए गए आठ बाल श्रमिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभियान चलाकर मुक्त कराए गए आठ बाल श्रमिक
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आठ बाल श्रमिकों को कराया मुक्त
बाराबंकी। जिलाधिकारी के निर्देश पर श्रम परिवर्तन विभाग की टीम ने गुरुवार को ऑटोमोबाइल की दुकानों पर कार्य करने वाले आठ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। टीम ने सभी बाल श्रमिकों की आयु परीक्षण कर परिवारीजनों को सुपुर्द करते हुए प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी है। बाल श्रमिकों को चिन्हित करने के लिए डीएम अखिलेश तिवारी ने श्रम परिवर्तन अधिकारी, एसडीएम व एबीएसए की संयुक्त टीम गठित की है। यह टीम 20 सितंबर तक तहसीलवार छापेमारी कर बाल श्रमिकों को मुक्त कराएगी। गुरुवार को श्रम परिवर्तन अधिकारी शरद व पवन कुमार ने शहर के ऑटोमोबाइल की दुकानों पर छापेमारी कर यहां पर कार्य करने वाले बाल श्रमिकों को पकड़कर आयु परीक्षण के लिए सीएमओ कार्यालय भेज दिया। पकड़े गए बाल श्रमिकों में अकरम (14), नरेंद्र कुमार (15), अनिकेत (14), रहीम (16), जैद (12), सैफ (15) आदि शामिल हैं। टीम ने बताया कि बच्चों से पूछा गया तो पता चला कि सभी पढ़ाई छोड़ घरवालों के कहने पर कार्य कर रहे हैं। बच्चों की आयु परीक्षण करने के बाद इन सभी को परिवारीजनों को बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया। इन बच्चों को जहां से पकड़ा गया था, उस प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद बाल एवं किशोर विनियम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
जिन बाल श्रमिकों को पकड़ा गया है, उनकी आयु परीक्षण कराने के बाद उन्हें परिवारीजनों को सुपुर्द कर दोबारा ऐसा न करने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी।
- शरद कुमार, श्रम परिवर्तन अधिकारी
विज्ञापन
बाराबंकी। जिलाधिकारी के निर्देश पर श्रम परिवर्तन विभाग की टीम ने गुरुवार को ऑटोमोबाइल की दुकानों पर कार्य करने वाले आठ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। टीम ने सभी बाल श्रमिकों की आयु परीक्षण कर परिवारीजनों को सुपुर्द करते हुए प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी है। बाल श्रमिकों को चिन्हित करने के लिए डीएम अखिलेश तिवारी ने श्रम परिवर्तन अधिकारी, एसडीएम व एबीएसए की संयुक्त टीम गठित की है। यह टीम 20 सितंबर तक तहसीलवार छापेमारी कर बाल श्रमिकों को मुक्त कराएगी। गुरुवार को श्रम परिवर्तन अधिकारी शरद व पवन कुमार ने शहर के ऑटोमोबाइल की दुकानों पर छापेमारी कर यहां पर कार्य करने वाले बाल श्रमिकों को पकड़कर आयु परीक्षण के लिए सीएमओ कार्यालय भेज दिया। पकड़े गए बाल श्रमिकों में अकरम (14), नरेंद्र कुमार (15), अनिकेत (14), रहीम (16), जैद (12), सैफ (15) आदि शामिल हैं। टीम ने बताया कि बच्चों से पूछा गया तो पता चला कि सभी पढ़ाई छोड़ घरवालों के कहने पर कार्य कर रहे हैं। बच्चों की आयु परीक्षण करने के बाद इन सभी को परिवारीजनों को बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया। इन बच्चों को जहां से पकड़ा गया था, उस प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद बाल एवं किशोर विनियम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
जिन बाल श्रमिकों को पकड़ा गया है, उनकी आयु परीक्षण कराने के बाद उन्हें परिवारीजनों को सुपुर्द कर दोबारा ऐसा न करने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- शरद कुमार, श्रम परिवर्तन अधिकारी