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नवम्बर माह में हुई 4457 ऑनलाइन रजिस्ट्री
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:46 PM IST
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महज 20 मिनट में ई-रजिस्ट्री, धोखाधड़ी पर भी लगेगी लगाम
बाराबंकी। उप निबंधक कार्यालय में लोगों को धक्के खाने व भ्रष्टाचार से बचाने के लिए जिले में ऑनलाइन रजिस्ट्री की व्यवस्था दो नवंबर से ही शुरू हो गई थी। एक माह में जिले में 4457 ई-रजिस्ट्री हो चुकी हैं। पायलट प्रोजेक्ट में शामिल जिले में ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रेरणा-3 वर्जन से तो एक अक्तूबर से शुरू होनी थी। मगर, दस्तावेज नफीस, वकील, स्टांप वेंडर के 28 सितंबर से शुुरू हुए विरोध को लेकर ई-रजिस्ट्री बंद थी। डीएम व एडीएम ने अधिवक्ताओं से वार्ता की हर सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ऑनलाइन रजिस्ट्री शुुुरू हो सकी। शुरूआती दौर में जहां सर्वर की समस्या से लोगों को परेशानी हुई। वहीं, बंद रजिस्ट्री का कामकाज शुरू होने के बाद एकाएक उमड़ी भीड़ से भी लोगों को परेशानी हुई। मगर, एक माह के बाद अब मामला पटरी पर आ गया। रजिस्ट्री कार्यालय में भीड़ कम हो गई है और एक रजिस्ट्री कराने में महज 20 मिनट का समय बायोमीट्रिक व्यवस्था पर एड्रेस प्रूफ की जांच में लग रहा है।
मैनुअली रजिस्ट्री कराने में रिकार्ड नहीं होने के कारण एक ही जमीन की कई बार रजिस्ट्री होने से लोग फर्जीवाडे़ में फंस जाते थे। रजिस्ट्री के दस्तावेज नवीस व वकीलों के पास जाकर जेब ढीली करने से भी अब फुर्सत मिलेगी। मनमाने तरीके से जमीन बेचने पर अंकुश लगेगा। उधर, आनॅलाइन व्यवस्था होने के बाद जहां अब घर बैठे ही क्रय व विक्रय की जाने वाली भूमि की जानकारी ऑनलाइन की जा सकेगी। ई-स्टांप के साथ घर बैठे ही रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन कर फीस भी ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था है। इस प्रक्रिया के पूर्ण करने के बाद सिर्फ क्रेता-विक्रेता को बायोमीट्रिक परीक्षण के लिए रजिस्ट्री कार्यालय आना पडे़गा। ऐसे में समय की बचत के साथ ही कार्यालय के चक्कर लगाने से भी निजात मिल गई है। एक बार आने पर ही सभी कार्य पूर्ण हो जाते हैं। हालांकि अधिकांश लोग अभी भी फीस सीधे कार्यालय में ही जमा करते हैं। रजिस्ट्री मिलने के नाम पर वसूली भी की जाती है।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुुरेंद्र प्रताप सिंह बब्बन का कहना है कि, ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था से लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं। समय की बचत के साथ ही इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगा है। इस संबंध में लोगों को पूरी तरह से जानकारी होने पर पूरी तरह से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
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बाराबंकी। उप निबंधक कार्यालय में लोगों को धक्के खाने व भ्रष्टाचार से बचाने के लिए जिले में ऑनलाइन रजिस्ट्री की व्यवस्था दो नवंबर से ही शुरू हो गई थी। एक माह में जिले में 4457 ई-रजिस्ट्री हो चुकी हैं। पायलट प्रोजेक्ट में शामिल जिले में ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रेरणा-3 वर्जन से तो एक अक्तूबर से शुरू होनी थी। मगर, दस्तावेज नफीस, वकील, स्टांप वेंडर के 28 सितंबर से शुुरू हुए विरोध को लेकर ई-रजिस्ट्री बंद थी। डीएम व एडीएम ने अधिवक्ताओं से वार्ता की हर सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ऑनलाइन रजिस्ट्री शुुुरू हो सकी। शुरूआती दौर में जहां सर्वर की समस्या से लोगों को परेशानी हुई। वहीं, बंद रजिस्ट्री का कामकाज शुरू होने के बाद एकाएक उमड़ी भीड़ से भी लोगों को परेशानी हुई। मगर, एक माह के बाद अब मामला पटरी पर आ गया। रजिस्ट्री कार्यालय में भीड़ कम हो गई है और एक रजिस्ट्री कराने में महज 20 मिनट का समय बायोमीट्रिक व्यवस्था पर एड्रेस प्रूफ की जांच में लग रहा है।
मैनुअली रजिस्ट्री कराने में रिकार्ड नहीं होने के कारण एक ही जमीन की कई बार रजिस्ट्री होने से लोग फर्जीवाडे़ में फंस जाते थे। रजिस्ट्री के दस्तावेज नवीस व वकीलों के पास जाकर जेब ढीली करने से भी अब फुर्सत मिलेगी। मनमाने तरीके से जमीन बेचने पर अंकुश लगेगा। उधर, आनॅलाइन व्यवस्था होने के बाद जहां अब घर बैठे ही क्रय व विक्रय की जाने वाली भूमि की जानकारी ऑनलाइन की जा सकेगी। ई-स्टांप के साथ घर बैठे ही रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन कर फीस भी ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था है। इस प्रक्रिया के पूर्ण करने के बाद सिर्फ क्रेता-विक्रेता को बायोमीट्रिक परीक्षण के लिए रजिस्ट्री कार्यालय आना पडे़गा। ऐसे में समय की बचत के साथ ही कार्यालय के चक्कर लगाने से भी निजात मिल गई है। एक बार आने पर ही सभी कार्य पूर्ण हो जाते हैं। हालांकि अधिकांश लोग अभी भी फीस सीधे कार्यालय में ही जमा करते हैं। रजिस्ट्री मिलने के नाम पर वसूली भी की जाती है।
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जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुुरेंद्र प्रताप सिंह बब्बन का कहना है कि, ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था से लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं। समय की बचत के साथ ही इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगा है। इस संबंध में लोगों को पूरी तरह से जानकारी होने पर पूरी तरह से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
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