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आम हड़ताल का दूसरे दिन भी दिखा असर, बंद रहे बैंक
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मांगों को लेकर कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार के साथ हड़ताल का असर बुधवार को दूसरे दिन भी देखने को मिला। बैंकों में जहां लेनदेन कुछ हद तक बंद रहा हैै, वहीं विभाग के कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी ताकत का एहसास कराया। गुरुवार को कार्यालयों में लोगों की भीड़ दिखने की संभावना है।
विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को भी हड़ताल का असर देखने को मिला। कर्मचारी संगठनों ने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। दो दिन की इस हड़ताल के चलते कई लोगों के कार्य पूरे न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पहले दिन की तरह ही दूसरे दिन भी सिंचाई विभाग, डाकघर, बैंक, आयकर, विद्युत और बीमा कंपनी के कार्यालय पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि पुरानी पेंशन की बहाली की जाए, सातवें वेतन आयोग की सभी संस्तुतियों को लागू करने आदि मांगें पूरी किए जाने की आवाज उठाई।
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ऑल इंडिया बैंक इम्प्लायज यूनियन के आह्वान पर बैंकों में तालाबंदी देखने को मिली। इनमें बैंक ऑफ बडौदा, यूनियन बैंक, ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया आदि की क्षेत्रीय शाखाओं में इसका खासा असर देखने को मिला।
बैंकों के चौकीदार यहां आने वाले लोगों को हड़ताल की सूचना बताकर लौटाते देखे गए। दो दिनों की बैंक हड़ताल से करीब 30 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
हड़ताल के दूसरे दिन भी संगठनों के बैनर तले कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्युत, आयकर, बीमा, डाकघर, सिंचाई आदि विभागों में कर्मचारियों की भीड़ देखने को मिली। आंगनबाड़ी बचाओ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने भी गन्ना कार्यालय परिसर में आवाज बुलंद की।
इस दौरान मोर्चा की प्रदेश महामंत्री नीलम पांडेय ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा हम लोगों की कई मांगें पूरी किए जाने का वादा किया गया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया।
एलडीएम अतुल सिंह ने बताया कि इन दो दिनों की आम हड़ताल से करीब तीस करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। हड़ताल के बाद गुरुवार को बैंकों में उपभोक्ताओं को भारी भीड़ होने की संभावना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कैश की पूरी उपलब्धता रहेगी।
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विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को भी हड़ताल का असर देखने को मिला। कर्मचारी संगठनों ने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। दो दिन की इस हड़ताल के चलते कई लोगों के कार्य पूरे न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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पहले दिन की तरह ही दूसरे दिन भी सिंचाई विभाग, डाकघर, बैंक, आयकर, विद्युत और बीमा कंपनी के कार्यालय पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि पुरानी पेंशन की बहाली की जाए, सातवें वेतन आयोग की सभी संस्तुतियों को लागू करने आदि मांगें पूरी किए जाने की आवाज उठाई।
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ऑल इंडिया बैंक इम्प्लायज यूनियन के आह्वान पर बैंकों में तालाबंदी देखने को मिली। इनमें बैंक ऑफ बडौदा, यूनियन बैंक, ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया आदि की क्षेत्रीय शाखाओं में इसका खासा असर देखने को मिला।
बैंकों के चौकीदार यहां आने वाले लोगों को हड़ताल की सूचना बताकर लौटाते देखे गए। दो दिनों की बैंक हड़ताल से करीब 30 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
हड़ताल के दूसरे दिन भी संगठनों के बैनर तले कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान विद्युत, आयकर, बीमा, डाकघर, सिंचाई आदि विभागों में कर्मचारियों की भीड़ देखने को मिली। आंगनबाड़ी बचाओ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने भी गन्ना कार्यालय परिसर में आवाज बुलंद की।
इस दौरान मोर्चा की प्रदेश महामंत्री नीलम पांडेय ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा हम लोगों की कई मांगें पूरी किए जाने का वादा किया गया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया।
एलडीएम अतुल सिंह ने बताया कि इन दो दिनों की आम हड़ताल से करीब तीस करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। हड़ताल के बाद गुरुवार को बैंकों में उपभोक्ताओं को भारी भीड़ होने की संभावना को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कैश की पूरी उपलब्धता रहेगी।