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कहीं केंद्रों से बीएलओ तो कहीं मतदाता मिले गायब
Updated Sat, 01 Sep 2018 11:33 PM IST
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केंद्रों से बीएलओ तो कहीं मतदाता मिले गायब
बाराबंकी। मतदाता पुनरीक्षण का कार्य पहले दिन काफी सुस्त रहा। कहीं केंद्रों से बीएलओ गायब रहे तो कहीं जागरूकता के अभाव में मतदाता ही केंद्रों पर नहीं पहुंचे।
हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों ने दो माह तक पुनरीक्षण कार्य चलने का हवाला देते हुए बारिश को भी इसकी वजह माना है। पुनरीक्षण के पहले दिन आवेदनों की संख्या न के बराबर रही।
लोकसभा चुनाव को लेकर आयोग ने मतदाता सूची को पारदर्शी व त्रुटिहीन बनाने के लिए एक सितंबर से 31 अक्तूबर तक पुनरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। अभियान के पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
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कहीं बीएलओं गायब रहे तो कहीं जानकारी के अभाव के चलते मतदाता ही नहीं पहुुंचे। हालांकि शहरी क्षेत्र में एक-दो केंद्रों पर मतदाता सूची में नाम घटाने, बढ़ाने व संशोधित करने को लेकर लोग फॉर्म आदि लेते नजर आए।
जिले में कुल 2656 बूथ बनाए गए हैं। इतनी ही संख्या में बीएलओं को तैनात किया गया है। जिन पर पुनरीक्षण कार्य हो रहा है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीधर यादव ने बताया कि, दो माह तक पुनरीक्षण का कार्य होना है। बारिश व जलभराव के चलते पहले दिन कुछ केंद्रों पर हो सकता है कि बीएलओ नहीं पहुंच पाए हों। मगर अभी पर्याप्त समय है और कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
वर्तमान समय में जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 21 लाख 86 हजार 196 लोग मतदाता सूची में शामिल हैं। जिनमें 10 लाख 16 हजार 70 महिलाएं तो 11 लाख 70 हजार 60 पुरुष मतदाता हैं।
वहीं, 66 थर्ड जेंडर भी हैं। पुनरीक्षण के बाद एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष आयु पूरी करने वाले मतदाताओं के नाम शामिल होने के बाद इस संख्या में बढ़ोत्तरी होनी तय है।
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बाराबंकी। मतदाता पुनरीक्षण का कार्य पहले दिन काफी सुस्त रहा। कहीं केंद्रों से बीएलओ गायब रहे तो कहीं जागरूकता के अभाव में मतदाता ही केंद्रों पर नहीं पहुंचे।
हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों ने दो माह तक पुनरीक्षण कार्य चलने का हवाला देते हुए बारिश को भी इसकी वजह माना है। पुनरीक्षण के पहले दिन आवेदनों की संख्या न के बराबर रही।
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लोकसभा चुनाव को लेकर आयोग ने मतदाता सूची को पारदर्शी व त्रुटिहीन बनाने के लिए एक सितंबर से 31 अक्तूबर तक पुनरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। अभियान के पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
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कहीं बीएलओं गायब रहे तो कहीं जानकारी के अभाव के चलते मतदाता ही नहीं पहुुंचे। हालांकि शहरी क्षेत्र में एक-दो केंद्रों पर मतदाता सूची में नाम घटाने, बढ़ाने व संशोधित करने को लेकर लोग फॉर्म आदि लेते नजर आए।
जिले में कुल 2656 बूथ बनाए गए हैं। इतनी ही संख्या में बीएलओं को तैनात किया गया है। जिन पर पुनरीक्षण कार्य हो रहा है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीधर यादव ने बताया कि, दो माह तक पुनरीक्षण का कार्य होना है। बारिश व जलभराव के चलते पहले दिन कुछ केंद्रों पर हो सकता है कि बीएलओ नहीं पहुंच पाए हों। मगर अभी पर्याप्त समय है और कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
वर्तमान समय में जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 21 लाख 86 हजार 196 लोग मतदाता सूची में शामिल हैं। जिनमें 10 लाख 16 हजार 70 महिलाएं तो 11 लाख 70 हजार 60 पुरुष मतदाता हैं।
वहीं, 66 थर्ड जेंडर भी हैं। पुनरीक्षण के बाद एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष आयु पूरी करने वाले मतदाताओं के नाम शामिल होने के बाद इस संख्या में बढ़ोत्तरी होनी तय है।