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Banda News: सीएम कहें या अध्यक्ष, बिजली उपभोक्ताओं को राहत नहीं

Wed, 15 Oct 2025 10:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 10:55 PM IST
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Whether it's the CM or the president, there's no relief for electricity consumers.
फोटो 02 - बिल दुरुस्त कराने को पीलीकोठी सब स्टेशन कैंप में उपभोक्ताओं की भीड़। संवाद (फाइल फोटो)
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फोटो 03 - बीती 10 अगस्त को सीएम के द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश। (फाइल)

- बिजली बिलों में लूट का खेल जारी, कर रहे मनमानी
- परीक्षण और वितरण खंड के बीच पिस रहे उपभोक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। मीटर खराब दर्शाकर बिजली उपभोक्ताओं पर मनमानी रीडिंग थोपी जा रही है। दुरुस्त करने के नाम पर सौदेबाजी होती है। पिछले दिनों एक संविदाकर्मी इन्हीं शिकायतों पर हटाया भी जा चुका है, लेकिन यह खेल अभी जारी है।
बिजली का बिल गलत देने और उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने वाले कर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश शासन ने 10 अगस्त को दिए गए थे। इसके तत्काल बाद बाद पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बीते बृहस्पतिवार को मातहतों को ऐसे मामलों में सख्ती के निर्देश जारी किए। जिले में ऐसे कई बिजली उपभोक्ताओं को अभी भी इन निर्देशों से कोई राहत नहीं मिली है। वह परेशान होकर बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
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उपभोक्ताओं ने बताया कि गलत रीडिंग का शिकायत कई बार की जा चुकी है। अगले में बढ़ा हुआ बिल समायोजित करने का आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया जाता है। अंधेरगर्दी और मनमानी का यह आलम है कि पूरी तरह जल गए मीटर में भी हजारों यूनिट रीडिंग दर्ज कर दी जाती है। उपभोक्ताओं की शिकायतों और विधानसभा में यह मुद्दे गूंजने के बाद भी वितरण खंड में किसी अभियंता या कर्मचारी में सुधार नहीं हुआ। विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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केस-1:
शहर के हुसैनगंज की वृद्ध महिला उपभोक्ता का घरेलू कनेक्शन मीटर पूरी तरह फुंक जाना दर्ज करके परीक्षण खंड लैब ने सीलिंग प्रमाण पत्र में 7586 यूनिट रीडिंग दर्ज कर दी। इसके बाद 31 हजार रुपये से ज्यादा का बिल भी जारी कर दिया गया। सीलिंग प्रमाण में उपभोक्ता के हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गए। यह मामला जनवरी से चल रहा है। वितरण और परीक्षण खंड एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। बिल दुरुस्त नहीं किया जा रहा।

केस -2 :
मर्दन नाका निवासी एफसीआई के दिवंगत कर्मी के घरेलू कनेक्शन में बीते माह सितंबर में एकमुश्त 10,343 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। लोड भी एक किलोवाट से बढ़ाकर तीन किलोवाट कर दिया। आर्थिक रूप से परेशान विधवा बिल दुरुस्त कराने के लिए विभाग के चक्कर लगा रही हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि इतना भारी भरकम बिल वह कहां से अदा कर पाएंगी, जबकि उनके यहां बिजली की इतनी ज्यादा खपत भी नहीं है।
वर्जन

एक्सईएन को रिपोर्ट का इंतजार
फुंके मीटर में हजारों यूनिट रीडिंग मामले में मीटर लैब विभाग से रिपोर्ट मांगी है। आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-राजीव रंजन, अधिशासी अभियंता (वितरण), बांदा

एसई ने एक्सईएन के पाले में डाली गेंद
किसी उपभोक्ता को गलत रीडिंग का बिल नहीं दिया जाएगा। शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। अधिक रीडिंग के मामले में अधिशासी अभियंता को कार्रवाई के लिए कहा है।-रविकांत, अधीक्षण अभियंता (वितरण), बांदा
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