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Banda News: तालाबों का आकार घटा तो किसानों को रास नहीं आई योजना
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महुआ गांव में खोदा गया पुराना खेत तालाब।-संवाद
बांदा। किसानों को भूमि संरक्षण विभाग की खेत तालाब योजना रास नहीं आ रही है। वजह कि शासन ने वृहद तालाबों के लक्ष्य को समाप्त कर सिर्फ लघु तालाब का ही लक्ष्य दिया है। लागत कम होने से किसान तालाब खुदवाने से कतरा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में खेत तालाब योजना में चित्रकूटधाम मंडल के जनपद बांदा व चित्रकूट को 1440 छोटे तालाबों का लक्ष्य दिया था, लेकिन 800 तालाब ही खुदे। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने दोनों जिलों को इतने ही तालाबों का लक्ष्य दिया है। उप कृषि निदेशक डा. अभय यादव का कहना है कि पिछले वित्तीय वर्ष से शासन ने तालाबों का आकार आधा से कम कर दिया गया है। लागत भी 1.05 लाख कर दी गई है। सरकार की मंशा है ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से लाभान्वित हों। पहले 35 फीट लंबे व 30 फीट चौड़े और तीन मीटर गहरे तालाब खोदे जाते थे। लागत 2.28 लाख थी। 50 फीसदी तक सब्सिडी भी दी जाती थी, जिसे खुदवाने के लिए आसानी से राजी हो जाता था।
अब किसान इतनी कम लागत का तालाब खुदवाने के लिए राजी नहीं हो रहा। चालू वित्तीय वर्ष में 300 तालाबों के लिए किसानों ने आवेदन किए है। हालांकि इनमें कई तालाब खुद रहे हैं। कच्चा काम शुरू हो गया है। भाकियू नेता मनरूप सिंह का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि खेत तालाब योजना के तहत खोदने वाले तालाबों का आकार व बजट पूर्ववत किया जाए। ताकि इस महंगाई में आसानी के साथ तालाब खुद सकें।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 में खेत तालाब योजना में चित्रकूटधाम मंडल के जनपद बांदा व चित्रकूट को 1440 छोटे तालाबों का लक्ष्य दिया था, लेकिन 800 तालाब ही खुदे। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने दोनों जिलों को इतने ही तालाबों का लक्ष्य दिया है। उप कृषि निदेशक डा. अभय यादव का कहना है कि पिछले वित्तीय वर्ष से शासन ने तालाबों का आकार आधा से कम कर दिया गया है। लागत भी 1.05 लाख कर दी गई है। सरकार की मंशा है ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से लाभान्वित हों। पहले 35 फीट लंबे व 30 फीट चौड़े और तीन मीटर गहरे तालाब खोदे जाते थे। लागत 2.28 लाख थी। 50 फीसदी तक सब्सिडी भी दी जाती थी, जिसे खुदवाने के लिए आसानी से राजी हो जाता था।
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अब किसान इतनी कम लागत का तालाब खुदवाने के लिए राजी नहीं हो रहा। चालू वित्तीय वर्ष में 300 तालाबों के लिए किसानों ने आवेदन किए है। हालांकि इनमें कई तालाब खुद रहे हैं। कच्चा काम शुरू हो गया है। भाकियू नेता मनरूप सिंह का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि खेत तालाब योजना के तहत खोदने वाले तालाबों का आकार व बजट पूर्ववत किया जाए। ताकि इस महंगाई में आसानी के साथ तालाब खुद सकें।
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