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Banda News: आठ दशक बाद नहर की टेल तक पहुंचेगा पानी
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पैलानी (बांदा)। क्षेत्र के किसानों को अब सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा। सिंचाई विभाग ने नहर के जरिए टेल तक पानी पहुंचाने की तैयारी की है। अलोना गांव स्थित केन नदी में पंप कैनाल से करीब 30 किलोमीटर लंबी नहर की खोदाई व कायाकल्प कराया जा रहा है। विभागीय उदासीनता के चलते दशकों से यह नहर सूखी पड़ी थी। इस पर करीब 2.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अलोना गांव से ब्रिटिश शासनकाल में अलोना नहर की खोदाई की गई थी और केन नदी पर सिंचाई के लिए लिफ्ट परियोजना की मशीनें लगाई गई थीं, परंतु लाख कोशिशों के बाद आज तक इस नहर का पानी अलोना को छोड़कर अन्य गांवों के किसानों को नहीं मिल सका। धीरे-धीरे इस नहर का अस्तित्व ही मिट गया। आसपास के गांवों के लोगों ने नहर को अपने खेतों में मिला लिया। इसमें कभी टेल तक पानी नहीं पहुंचा। इस नहर का निर्माण होने के बाद करीब दो हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल खेतों की सिंचाई आसानी से हो सकेगी। नहर में खुदाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। यह कार्य करीब दो माह में पूरा करने की तैयारी है, जिससे किसानों को रबी फसल में सिंचाई का बेहतर लाभ मिल सके। वहीं किसानों का कहना है कि बिना पानी के अक्सर फसलें सूख जाती रही हैं, अब उनकी फसलें लहलहाएंगी और आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी।
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नहर किसानों के लिए बनेगी वरदान
-अलोना पंप कैनाल में करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, पर किसानों को इसका लाभ नहीं मिला। अब सिंचाई विभाग की मेहरबानी रही तो फसलें हरी-भरी होंगी और अच्छी पैदावार होगी।
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-सुमित कुमार सविता, किसान अलोना
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-आसपास के कई गांवों में किसान प्रकृति के भरोसे हैं। अब नहर में खुदाई का काम शुरू हो गया है तो किसानों में खुशी है। अभी न सही छह माह बाद तो उन्हें सिंचाई को आसानी से पानी मिलेगा।
-चतुर सिंह, किसान निवाईच गांव
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-अलोना में केन नहर के जीर्णोद्धार की परियोजना पर तेजी से कार्य कराया जा रहा है। यह जल्द पूर्ण कराई जाएगी। रजबहा के माध्यम से 30 किलोमीटर तक के किसानों को पर्याप्त सिंचाई का पानी मिलेगा।
-श्यामजी चौबे, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, बांदा
प्रदीप द्विवेदी
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अलोना गांव से ब्रिटिश शासनकाल में अलोना नहर की खोदाई की गई थी और केन नदी पर सिंचाई के लिए लिफ्ट परियोजना की मशीनें लगाई गई थीं, परंतु लाख कोशिशों के बाद आज तक इस नहर का पानी अलोना को छोड़कर अन्य गांवों के किसानों को नहीं मिल सका। धीरे-धीरे इस नहर का अस्तित्व ही मिट गया। आसपास के गांवों के लोगों ने नहर को अपने खेतों में मिला लिया। इसमें कभी टेल तक पानी नहीं पहुंचा। इस नहर का निर्माण होने के बाद करीब दो हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल खेतों की सिंचाई आसानी से हो सकेगी। नहर में खुदाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। यह कार्य करीब दो माह में पूरा करने की तैयारी है, जिससे किसानों को रबी फसल में सिंचाई का बेहतर लाभ मिल सके। वहीं किसानों का कहना है कि बिना पानी के अक्सर फसलें सूख जाती रही हैं, अब उनकी फसलें लहलहाएंगी और आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी।
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नहर किसानों के लिए बनेगी वरदान
-अलोना पंप कैनाल में करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, पर किसानों को इसका लाभ नहीं मिला। अब सिंचाई विभाग की मेहरबानी रही तो फसलें हरी-भरी होंगी और अच्छी पैदावार होगी।
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-सुमित कुमार सविता, किसान अलोना
-आसपास के कई गांवों में किसान प्रकृति के भरोसे हैं। अब नहर में खुदाई का काम शुरू हो गया है तो किसानों में खुशी है। अभी न सही छह माह बाद तो उन्हें सिंचाई को आसानी से पानी मिलेगा।
-चतुर सिंह, किसान निवाईच गांव
-अलोना में केन नहर के जीर्णोद्धार की परियोजना पर तेजी से कार्य कराया जा रहा है। यह जल्द पूर्ण कराई जाएगी। रजबहा के माध्यम से 30 किलोमीटर तक के किसानों को पर्याप्त सिंचाई का पानी मिलेगा।
-श्यामजी चौबे, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, बांदा
प्रदीप द्विवेदी