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मांगें न मानने पर राइस मिल बंद रखने की चेतावनी
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atarra photo rise milers
- फोटो : BANDA
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अतर्रा। विभिन्न समस्याओं को लेकर राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन बैनर तले जिलेभर के मिलर्स की बैठक हुई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं तो राइस मिल बंद रखी जाएंगी।
शहर के अतर्रा रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्ष यूसी मिश्रा, महामंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह व कोषाध्यक्ष अशोक कुमार अग्रहरि की मौजूदगी में बैठक की गई। इसमें राइस मिलर्स की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समस्याओं से निजात के लिए प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी। मंडल अध्यक्ष दिनेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 50 साल पुराना दराई दर 10 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाता है, जबकि मध्य प्रदेश में 250 रुपये और महाराष्ट्र में 150 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से राइस मिलर्स को दराई का मूल्य मिलता है।
इसके साथ ही सरकार प्रति वर्ष 65 प्रतिशत चावल लेती है। जबकि 58 प्रतिशत चावल तैयार हो पाता है। सात फीसदी चावल की भरपाई राइस मिलर्स को करना पड़ती है। जिलाध्यक्ष भुवनेश पांडेय ने कहा कि उपेक्षा के चलते दर्जनों राइस मिल बंद हो चुकी हैं। कई बंद होने की कगार पर हैं। दराई का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया तो राइस मिलर्स मिल बंद कर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे। बैठक में दिनेश उपाध्याय, आलोक शिवहरे, मनीष कुमार गुप्ता, शोभित त्रिवेदी, गणेश द्विवेदी, साहिल द्विवेदी, रामेश्वर कुशवाहा, जय, विजय आदि मिलर्स उपस्थित रहे।
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शहर के अतर्रा रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्ष यूसी मिश्रा, महामंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह व कोषाध्यक्ष अशोक कुमार अग्रहरि की मौजूदगी में बैठक की गई। इसमें राइस मिलर्स की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समस्याओं से निजात के लिए प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी। मंडल अध्यक्ष दिनेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 50 साल पुराना दराई दर 10 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाता है, जबकि मध्य प्रदेश में 250 रुपये और महाराष्ट्र में 150 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से राइस मिलर्स को दराई का मूल्य मिलता है।
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इसके साथ ही सरकार प्रति वर्ष 65 प्रतिशत चावल लेती है। जबकि 58 प्रतिशत चावल तैयार हो पाता है। सात फीसदी चावल की भरपाई राइस मिलर्स को करना पड़ती है। जिलाध्यक्ष भुवनेश पांडेय ने कहा कि उपेक्षा के चलते दर्जनों राइस मिल बंद हो चुकी हैं। कई बंद होने की कगार पर हैं। दराई का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया तो राइस मिलर्स मिल बंद कर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे। बैठक में दिनेश उपाध्याय, आलोक शिवहरे, मनीष कुमार गुप्ता, शोभित त्रिवेदी, गणेश द्विवेदी, साहिल द्विवेदी, रामेश्वर कुशवाहा, जय, विजय आदि मिलर्स उपस्थित रहे।
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