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वोटों की सौदागरी के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 16 Nov 2015 11:00 PM IST
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बांदा। पंचायत चुनाव में वोटों की सौदागरी के विरुद्ध
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गुलाबी गैंग ने मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन के बाद आयुक्त को ज्ञापन देकर
इस पर कड़ाई से रोक लगाने की मांग की है। किसान और सूखा के मुद्दों पर भी
ध्यान आकृष्ट कराया है।
सोमवार को गुलाबी गैंग कमांडर संपत पाल की अगुवाई में महिलाओं ने मंडल मुख्यालय में प्रदर्शन किया। स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट से आयुक्त आवास जाकर अपर आयुक्त (प्रशासन) उमाकांत त्रिपाठी को ज्ञापन दिया।
इसमें कहा गया कि पंचायत चुनाव में वोटों की खरीदारी लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था के लिए बेहद खतरा है। हाल ही हुए डीडीसी व बीडीसी चुनाव में दबंगों और पूंजीपतियों ने दारू, पैसा बांटकर या धौंस धमकी से वोट हथियाए।
ग्राम प्रधान चुनाव में भी यही चल रहा है। सत्तारूढ़ दल के लोग इसमें शामिल हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव मेें जमकर वोटों की सौदागरी हो रही है। निर्वाचन आयोग के नियमों का मजाक उड़ रहा है।
ज्ञापन में किसानों को दी गई आर्थिक मदद के चेकों की जांच, किसानों को बीज, पानी और बिजली, समाजवादी, विधवा व विकलांग पेंशन मेें बिचौलियों और दलालों की भूमिका खत्म कर हर पात्र को पेंशन की मंजूरी और बलकट और बटाईदार किसानों को भी मुआवजा व मदद दिए जाने की मांग की गई।
प्रदर्शन में आशा, रामश्री, राजाबाई, शिवकली, बिटइया देवी, सुभद्रा, सायराबानो, नीलम वर्मा, माया, अनीता, सूरजकली, मुन्नी यादव, सुमित्रा, सावित्री इत्यादि शामिल रहीं।
सोमवार को गुलाबी गैंग कमांडर संपत पाल की अगुवाई में महिलाओं ने मंडल मुख्यालय में प्रदर्शन किया। स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट से आयुक्त आवास जाकर अपर आयुक्त (प्रशासन) उमाकांत त्रिपाठी को ज्ञापन दिया।
इसमें कहा गया कि पंचायत चुनाव में वोटों की खरीदारी लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था के लिए बेहद खतरा है। हाल ही हुए डीडीसी व बीडीसी चुनाव में दबंगों और पूंजीपतियों ने दारू, पैसा बांटकर या धौंस धमकी से वोट हथियाए।
ग्राम प्रधान चुनाव में भी यही चल रहा है। सत्तारूढ़ दल के लोग इसमें शामिल हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव मेें जमकर वोटों की सौदागरी हो रही है। निर्वाचन आयोग के नियमों का मजाक उड़ रहा है।
ज्ञापन में किसानों को दी गई आर्थिक मदद के चेकों की जांच, किसानों को बीज, पानी और बिजली, समाजवादी, विधवा व विकलांग पेंशन मेें बिचौलियों और दलालों की भूमिका खत्म कर हर पात्र को पेंशन की मंजूरी और बलकट और बटाईदार किसानों को भी मुआवजा व मदद दिए जाने की मांग की गई।
प्रदर्शन में आशा, रामश्री, राजाबाई, शिवकली, बिटइया देवी, सुभद्रा, सायराबानो, नीलम वर्मा, माया, अनीता, सूरजकली, मुन्नी यादव, सुमित्रा, सावित्री इत्यादि शामिल रहीं।