{"_id":"5a6cc8d14f1c1b514a8b5dba","slug":"tornado-wandered-in-madarsa-on-yomi-zamhoria","type":"story","status":"publish","title_hn":"यौमे जम्हूरिया पर मदरसे में लहराया तिरंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यौमे जम्हूरिया पर मदरसे में लहराया तिरंगा
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:15 AM IST
विज्ञापन
मदरसा जामिया अरबिया, हथौरा में उलेमा और छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ लोग मदरसों पर जहां उंगलियां उठा रहे हैं, वहीं विख्यात मदरसों में यौमे जम्हूरिया (गणतंत्र दिवस) पर मुल्क की मोहब्बत के तराने गूंजे और राष्ट्रीय ध्वज लहराया गया। मौलानाओं ने तकरीर में हिंदुस्तान की आजादी में जान कुर्बान करने वालों को खिराजे अकीदत (श्रद्धांजलि) दी। जांबाजों में शामिल रहे उलेमाओं का भी जिक्र किया।
विज्ञापन
विश्व विख्यात मदरसा जामिया अरबिया हथौरा में शुक्रवार को सुबह यौमे जम्हूरिया धूमधाम से मनाया गया। मदरसा परिसर में सिर पर टोपी लगाए हजारों तलबा (छात्रों) ने तिरंगे के आगे कौमी तराने गाए। मौलाना मुफ्ती नजीब अहमद कासमी ने झंडा फहराया और जलसे की सदारत की।
विज्ञापन
कारी मोहम्मद इकराम ने कुरान की तिलावत से जलसे की शुरुआत की। कई छात्रों ने देश प्रेम का पैगाम देने वाले गीत गाए। मौलाना अतीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि 1857 की जंगे आजादी में क्रांतिकारियों में तमाम उलेमा भी शामिल थे। अंग्रेजों के खिलाफ जेहाद का फतवा सबसे पहले शाह अब्दुल अजीज मोहद्दिस (दिल्ली) ने जारी किया।
विज्ञापन
मौलाना ने नवाब सिराजुद्दौला, फतेह अली खां, टीपू सुल्तान, मौलाना मोहम्मद कासिम नानोतवी, मौलाना रशीद अहमद गंगोही, मौलाना जफर, मौलाना सैय्यद अहमद बरेलवी, मौलाना इस्माइल देलहवीं आदि का जिक्र किया। हिंदुस्तान की तरक्की और आजादी में मुस्लिमों की भागीदारी का जिक्र किया।
कहा कि मुल्क से मोहब्बत बिना जिंदगी हो ही नहीं सकती। जलसे का संचालन मौलाना मुसर्रत हुसैन ने किया। दुआ के साथ समापन हुआ। मुल्क की तरक्की की दुआ हुई। मौलाना अनीस साहब इलाहाबादी, मौलाना सैय्यद मोहम्मद अनस, अब्दुल रज्जाक समेत मदरसे के सभी शिक्षक और स्टाफ भी शरीक रहा।