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Banda News: राज्यमंत्री ने गलती मानी, बिजली अफसर भी माने
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बांदा। कार्यालय में घुसकर विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता से अभद्रता और इंजीनियर समेत कर्मचारियों के साथ मारपीट का मसला आखिरकार सुलझ गया। कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में शनिवार देर रात जल शक्ति राज्यमंत्री, उनके पीआरओ समेत बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच एक घंटे तक चली गोपनीय बैठक के बाद राज्यमंत्री ने गलती मानी। कहा कि अब दोबारा अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाएगा। राज्यमंत्री के गलती मानने के बाद बिजली विभाग के अफसर भी मान गए।
चिल्ला रोड स्थित बिजली विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में बुधवार को की गई अभद्रता और मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस पर बिजली विभाग के अधिकारी जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद और उनके पीआरओ संजय निषाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर तक दे दी थी।
सूत्रों की मानें तो मामला मुख्यमंत्री स्तर तक भी पहुंच गया था। अभद्रता और मारपीट से नाराज बिजली अफसर व कर्मचारी किसी दशा में झुकने के लिए तैयार नहीं थे। शनिवार को प्रबंध निदेशक विद्युत अमित किशोर को इस मामले में दखल देना पड़ा। रात को सर्किट हाउस में प्रबंध निदेशक विद्युत, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी अंकुर अग्रवाल और राज्यमंत्री समेत बिजली अधिकारियों के साथ बैठक हुई, लेकिन उस समय इस मसले का हल नहीं निकल सका था।
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सर्किट हाउस में बैठक खत्म होने के बाद साढ़े आठ बजे बिजली विभाग के मुख्य अभियंता आरिफ अहमद, एक्सईएन स्टोर छोटेलाल, एसडीओ पुनीत शर्मा सहित कई अधिकारी कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे। राज्यमंत्री रामकेश निषाद, उनके पीआरओ संजय निषाद भी कुछ कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। वहां पर तकरीबन एक घंटे तक गोपनीय बैठक चली। इस दौरान राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने सार्वजनिक तौर पर बैठक के दौरान बिजली विभाग के अफसरों से गलती मानी। कहा कि दोबारा ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी। तब कहीं जाकर बिजली विभाग के अफसर माने और पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया।
ये है पूरा मामला
बुधवार की रात नौ बजे जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, उनके पीआरओ संजय निषाद सहित 15 कार्यकर्ता मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे थे। वहां सबके मोबाइल जमा करा लिए गए थे। राज्यमंत्री व पीआरओ समेत कार्यकर्ताओं ने पहले मुख्य अभियंता के साथ अभद्रता की थी। इसके बाद एक्सईएन छोटेलाल, पुनीत शर्मा एसडीओ, सहायक भंडारी शिशिर कुमार को बुलाकर पिटाई की गई थी। इस दौरान एक्सईएन को चोटें भी आई थीं। इस प्रकरण में बिजली विभाग के अधिकारियों ने दूसरे दिन लामबंदी की। आंदोलन के साथ ही हड़ताल तक करने का मन बिजली अधिकारियों ने बना लिया था।
पहली तहरीर में राज्यमंत्री, दूसरे में पीआरओ थे मुख्य आरोपी
चीफ अभियंता कार्यालय में राज्यमंत्री, पीआरओ भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा बिजली विभाग के अधिकारियों से अभद्रता और कर्मचारियों से मारपीट के मामले में पीड़ितों की ओर से नगर कोतवाली में तहरीर दी गई थी। पहली तहरीर में राज्यमंत्री को मुख्य आरोपी बनाया गया था, लेकिन बाद में तहरीर बदलवाई गई। गुरुवार को सभी बिजली अधिकारी एसपी आवास पहुंचे थे। वहां पर दूसरी तहरीर देते हुए पीड़ितों ने राज्यमंत्री का नाम हटाते हुए उनके पीआरओ संजय निषाद को आरोपी बनाया गया था। बिजली अधिकारी एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े हुए थे।
सीएम के दखल पर सरेंडर हुए राज्यमंत्री
सूत्रों की मानें तो बिजली विभाग के मुख्य अभियंता से अभद्रता और अधिकारियों कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच गया था। सीएम के दखल देने के बाद ही बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक बांदा आए और डीएम-एसपी समेत बिजली अधिकारियों व राज्यमंत्री के साथ बैठक की। सीएम स्तर से दखल होने के बाद राज्यमंत्री रामकेश निषाद सरेंडर हो गए और बिजली विभाग के एक्सईएन छोटेलाल समेत सभी पीड़ितों व अधिकारियों से गलती मानी।
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चिल्ला रोड स्थित बिजली विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में बुधवार को की गई अभद्रता और मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस पर बिजली विभाग के अधिकारी जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद और उनके पीआरओ संजय निषाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर तक दे दी थी।
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सूत्रों की मानें तो मामला मुख्यमंत्री स्तर तक भी पहुंच गया था। अभद्रता और मारपीट से नाराज बिजली अफसर व कर्मचारी किसी दशा में झुकने के लिए तैयार नहीं थे। शनिवार को प्रबंध निदेशक विद्युत अमित किशोर को इस मामले में दखल देना पड़ा। रात को सर्किट हाउस में प्रबंध निदेशक विद्युत, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी अंकुर अग्रवाल और राज्यमंत्री समेत बिजली अधिकारियों के साथ बैठक हुई, लेकिन उस समय इस मसले का हल नहीं निकल सका था।
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सर्किट हाउस में बैठक खत्म होने के बाद साढ़े आठ बजे बिजली विभाग के मुख्य अभियंता आरिफ अहमद, एक्सईएन स्टोर छोटेलाल, एसडीओ पुनीत शर्मा सहित कई अधिकारी कृषि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंचे। राज्यमंत्री रामकेश निषाद, उनके पीआरओ संजय निषाद भी कुछ कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। वहां पर तकरीबन एक घंटे तक गोपनीय बैठक चली। इस दौरान राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने सार्वजनिक तौर पर बैठक के दौरान बिजली विभाग के अफसरों से गलती मानी। कहा कि दोबारा ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी। तब कहीं जाकर बिजली विभाग के अफसर माने और पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया।
ये है पूरा मामला
बुधवार की रात नौ बजे जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, उनके पीआरओ संजय निषाद सहित 15 कार्यकर्ता मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे थे। वहां सबके मोबाइल जमा करा लिए गए थे। राज्यमंत्री व पीआरओ समेत कार्यकर्ताओं ने पहले मुख्य अभियंता के साथ अभद्रता की थी। इसके बाद एक्सईएन छोटेलाल, पुनीत शर्मा एसडीओ, सहायक भंडारी शिशिर कुमार को बुलाकर पिटाई की गई थी। इस दौरान एक्सईएन को चोटें भी आई थीं। इस प्रकरण में बिजली विभाग के अधिकारियों ने दूसरे दिन लामबंदी की। आंदोलन के साथ ही हड़ताल तक करने का मन बिजली अधिकारियों ने बना लिया था।
पहली तहरीर में राज्यमंत्री, दूसरे में पीआरओ थे मुख्य आरोपी
चीफ अभियंता कार्यालय में राज्यमंत्री, पीआरओ भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा बिजली विभाग के अधिकारियों से अभद्रता और कर्मचारियों से मारपीट के मामले में पीड़ितों की ओर से नगर कोतवाली में तहरीर दी गई थी। पहली तहरीर में राज्यमंत्री को मुख्य आरोपी बनाया गया था, लेकिन बाद में तहरीर बदलवाई गई। गुरुवार को सभी बिजली अधिकारी एसपी आवास पहुंचे थे। वहां पर दूसरी तहरीर देते हुए पीड़ितों ने राज्यमंत्री का नाम हटाते हुए उनके पीआरओ संजय निषाद को आरोपी बनाया गया था। बिजली अधिकारी एफआईआर दर्ज कराने पर अड़े हुए थे।
सीएम के दखल पर सरेंडर हुए राज्यमंत्री
सूत्रों की मानें तो बिजली विभाग के मुख्य अभियंता से अभद्रता और अधिकारियों कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच गया था। सीएम के दखल देने के बाद ही बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक बांदा आए और डीएम-एसपी समेत बिजली अधिकारियों व राज्यमंत्री के साथ बैठक की। सीएम स्तर से दखल होने के बाद राज्यमंत्री रामकेश निषाद सरेंडर हो गए और बिजली विभाग के एक्सईएन छोटेलाल समेत सभी पीड़ितों व अधिकारियों से गलती मानी।