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Banda News: सड़कें रह गईं जर्जर चकाचक हो गए दफ्तर

Thu, 16 May 2024 01:04 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 May 2024 01:04 AM IST
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The roads remained in disrepair and the offices were in disrepair.
बांदा। सड़कों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य में पीडब्ल्यूडी की मनमानी सामने आई है। बिना काम के ही भुगतान कर दिया है। हैरत की बात तो यह है कि कई कामों में अनुबंध से कई गुना अधिक भुगतान कर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया है। ठेकेदारों की मानें तो उन्हें भुगतान का एक भाग अधिकारियों के दफ्तरों में टाइल्स लगवाने में भी खर्च करना पड़ा।
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शासन ने चुनाव के पहले फरवरी में पैचवर्क, मरम्मत, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण सहित 100 से अधिक संपर्क मार्गों के दुरुस्तीकरण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी थी। विभाग ने चुनाव से पहले इन्हें पूरा दिखाने के लिए जमकर मनमानी की। बिना काम के ही भुगतान कर दिया गया। यहां तक कि कई कार्यों में अनुबंध से कई गुना तक भुगतान कर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया है।
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कई कार्यों में व्यय परिवर्तन कर लाखों रुपये की अनियमितताएं की गई हैं। इस मामले में विभागीय अधिकारी कुछ भी बताने से कतरा रहे है। उधर, काफी कुरेदने बाद ठेकेदारों का कहना है कि अधिकारियों ने उनसे कार्यालय में टाइल्स लगवाने के साथ ही अन्य लाखों रुपये के पर्सनल कार्य कराए हैं। उस पैसे को भी सड़क निर्माण में समाहित किया गया है।
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केस-1

अनुबंध 2,85,191 का, भुगतान 23 लाख का

बबेरू-ओरन मार्ग के सुदृढ़ीकरण कार्य का अनुबंध 2,85,191 में हुआ था। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से नियम विरुद्ध तरीके से इसका भुगतान 23 लाख से अधिक का किया है।


केस-2

ढाई लाख से ज्यादा किया भुगतान

बांदा-बहराइच मार्ग पर रोड सेफ्टी के तहत पैचवर्क के लिए 5,23,303 रुपये का अनुबंध हुआ था। मार्च में कमीशनखोरी के चलते भुगतान 7,99,119 रुपये किया गया है।


केस-3

काम हुआ नहीं, कर दिया भुगतान

अतर्रा में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की बाउंड्रीवाल व गेट निर्माण के लिए 2,05,546 का अनुबंध हुआ था। काम हुआ नहीं और 6 लाख से अधिक का भुगतान हो गया।

वर्जन-

इसकी जानकारी नहीं है। रिकाॅर्ड देखने पर ही कुछ बता पाऊंगा। ऐसा हुआ तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।-तेज प्रताप सिंह

अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड-पीडब्ल्यूडी बांदा।
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