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इंसानियत फैलाने को आए पैगंबर
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 20 Dec 2015 11:06 PM IST
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बांदा। पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन की चल रही
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तैयारियों में जलसों का सिलसिला भी जारी है। शनिवार की रात हाथी खाना में
आयोजित जलसे में मुफ्ती मोहम्मद अनफासुल हसन चिश्ती (फफूंद) ने कहा कि इस
धरती पर पैगंबर की आमद शिर्क (अधर्म) मिटाने और इंसानियत फैलाने को हुई।
नबी के रास्ते पर चलने वाला आतंकवादी नहीं हो सकता। इस्लाम अमन और मोहब्बत का पैगाम देता है। मौलाना शफीकुद्दीन कादरी ने कहा कि महिलाओं को इस्लाम ने जो सम्मान और मुकाम दिया है और कहीं नहीं मिला। पैगंबरे इस्लाम ने बेटियों और औरतों पर जुल्म खत्म किया।
उन्हें समाज में इज्जत दी। जलसे की शुरुआत हाफिज कारी मुतीउर्रहमान ने तिलावत से की। मोहम्मद आफताब चिश्ती, मोहम्मद नजीब, मौलाना उस्मान अजहरी, मोहम्मद अफजाल कादरी ने नात पढ़ी।
संचालन दिलदार चिश्ती (राठ) ने किया। संरक्षक इमरान अली सहित मोहम्मद इमत्याज चिश्ती, वकार, नसीब, शहंशाह, नफीस, खालिक, अंसार और मेराज आदि मेजबान रहे।
नबी के रास्ते पर चलने वाला आतंकवादी नहीं हो सकता। इस्लाम अमन और मोहब्बत का पैगाम देता है। मौलाना शफीकुद्दीन कादरी ने कहा कि महिलाओं को इस्लाम ने जो सम्मान और मुकाम दिया है और कहीं नहीं मिला। पैगंबरे इस्लाम ने बेटियों और औरतों पर जुल्म खत्म किया।
उन्हें समाज में इज्जत दी। जलसे की शुरुआत हाफिज कारी मुतीउर्रहमान ने तिलावत से की। मोहम्मद आफताब चिश्ती, मोहम्मद नजीब, मौलाना उस्मान अजहरी, मोहम्मद अफजाल कादरी ने नात पढ़ी।
संचालन दिलदार चिश्ती (राठ) ने किया। संरक्षक इमरान अली सहित मोहम्मद इमत्याज चिश्ती, वकार, नसीब, शहंशाह, नफीस, खालिक, अंसार और मेराज आदि मेजबान रहे।