विवेचना में पुलिस अधिकारी को लिखना होगा पीएनओ नंबर
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पुराने मुकदमों में विवेचक की तलाश अक्सर वादी और प्रतिवादी सहित अदालत के लिए भी परेशानी का सबब बन जाती है। खासा समय विवेचक की तलाश में ही बीत जाता है, लेकिन अब इस समस्या से निजात मिलेगी।
एक क्लिक पर मुकदमे के विवेचक का ब्योरा सामने आ जाएगा। यह भी पता चल जाएगा कि वर्तमान में वह कहां तैनात है। इसके लिए हरके विवेचक को विवेचना के अभिलेख में अपना पीएनओ (पुलिसकर्मी का पर्सनल नंबर) नंबर डालना अनिवार्य किया गया है।
पुराने मामलों में अदालत में गवाही और बयान आदि के लिए विवेचक की जरूरत होती है। अक्सर विवेचक तबादले पर जा चुके होते हैं। ऐसे में उनकी तैनाती स्थल का पता करने में समय व्यतीत होता है। मुकदमों के निस्तारण में भी समय लगता है।
इसके मद्देनजर यूपी पुलिस ने अब उत्तर प्रदेश पुलिस नॉमिनल रूल सिस्टम के तहत हरेक विवेचक को अपना पर्सनल आईडेंटिटी नंबर विवेचना में लिखना जरूरी कर दिया गया है। यह कंप्यूटर पर फीड रहेगा। जरूरत पड़ने पर पीएनओ नंबर की मदद से क्लिक करके विवेचक के बारे में पूरी जानकारी हासिल की जा सकेगी।
अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल ने बताया कि प्रदेश सरकार से मिले निर्देशों के बाद एसपी ने यहां भी यह सिस्टम लागू कर दिया है। हर विवेचक से कहा गया है कि विवेचना के अभिलेखों में अपना पीएनओ नंबर अवश्य लिखें।
उन्होंने बताया कि अक्सर किसी मामले में विवेचक चार्टशीट या फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करते हैं लेकिन इसी बीच उनका तबादला हो जाता है। तब उनका पता लगाने में मशक्कत करनी पड़ती है। अराजपत्रित अधिकारी से लेकर पुलिस के अन्य अफसरों तक को पीएनओ नंबर जारी कर दिए गए हैं।
पुलिस की वेबसाइट पर इसे देखा जा सकता है। एसपी ने विवेचना से संबंधित अभिलेखों में पीएनओ के साथ मोबाइल नंबर भी दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
9 अंकों का होगा नंबर, भर्ती में ही होगा जारी
पुराने पुलिस कर्मियों को भले ही न मिले हों पर अब नई भर्ती में पुलिस कर्मियों को तत्काल पीएनओ नंबर जारी होगा। पूर्व में कई वर्षों से यह व्यवस्था थी कि किसी थाने में तैनाती के बाद पीएनओ नंबर दिया जाता था।
अब भर्ती के समय ही यह नंबर मिल जाएगा। पूरे सेवा काल में यह नंबर काम करेगा। ऐसे में उस परेशानी से भी निजात मिलेगी जिसमें एक ही नाम के कई पुलिस कर्मी होने से दिक्कतें आती थीं। पीएनओ नंबर 9 अंकों का होगा। शुरू के दो अंक भर्ती वाले वर्ष के और अंत के तीन नंबर ट्रेनिंग के दौरान मिले ग्रेड के होंगे।