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Banda News: बुलंद हौसलों से तीन शिक्षकों ने बदल दी स्कूलों की तस्वीर
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शिक्षक दिवस पर विशेष
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फोटो-33-सहायक अध्यापिका अंजना।
फोटो-34- विद्यालय में अभ्यास करतीं स्कूली छात्राएं।
फोटो-35- इंचार्ज प्रधानाध्यापक डॉ. नंदिनी चौहान।
फोटो-36- स्मार्ट क्लास में पढ़ातीं डॉ. नंदिनी।
फोटो-37- बच्चों के साथ सेल्फी लेते इंचार्ज प्रधानाध्यापक पवन कुमार सिंह।
फोटो-38- मुख्यमंत्री के समक्ष अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते सया विद्यालय के बच्चे। शिक्षक दिवस पर विशेष
-योग-जिम्नास्टिक में छात्राओं को प्रदेश स्तर तक पहुंचाया, किसी ने अपने वेतन से स्कूल संवारा
-विद्यालय को बेहतर बनाने से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक की तैयारी में जुटे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। सरकारी बेसिक शिक्षा की बदहाली अक्सर स्कूलों में कम छात्र संख्या और संसाधनों की कमी के रूप में दिखती है। हालांकि, इसी व्यवस्था के बीच कुछ शिक्षकों ने इन सीमाओं को चुनौती के रूप में लिया है। इन शिक्षकों ने विद्यालयों को केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि बच्चों की प्रतिभा निखारने और उनके सपनों को दिशा देने का केंद्र बनाने का संकल्प लिया। शिक्षक दिवस पर ऐसे ही तीन शिक्षकों के प्रयासों की कहानी पेश की गई है, जिन्होंने अपने वेतन का हिस्सा खर्च किया और विद्यालय समय के बाद भी बच्चों को पढ़ाया।
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अंजना ने छात्राओं को बनाया सशक्त
कनवारा। बड़ोखर ब्लॉक के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कनवारा की सहायक अध्यापिका अंजना ने छात्राओं के शारीरिक और मानसिक विकास पर जोर दिया। उनका मानना है कि सशक्त बालिकाएं ही सशक्त समाज की नींव रख सकती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने छात्राओं को योग और जिम्नास्टिक का प्रशिक्षण देना शुरू किया। सत्र 2024-25 और 2025-26 में छात्राओं ने प्रदेशीय खेलकूद प्रतियोगिता में चैंपियनशिप हासिल की। अंजना के मार्गदर्शन में छात्राओं ने इंस्पायर अवार्ड और आय आधारित परीक्षा में भी सफलता पाई। उन्होंने बेटियों को आर्थिक अनुशासन और स्वावलंबन सिखाने के लिए विद्यालय में चिल्ड्रेन बैंक की स्थापना कराई। (संवाद)
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प्रयासों से छात्राओं ने बनाई पहचान
अंजना के मार्गदर्शन में छात्राओं ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने योग और जिम्नास्टिक में प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लगातार दो सत्रों में प्रदेशीय खेल-कूद प्रतियोगिताओं में भी उन्हें सफलता मिली। छात्राओं ने इंस्पायर अवार्ड में उपलब्धि हासिल की। उन्होंने चिल्ड्रेन बैंक के माध्यम से बचत और स्वावलंबन की आदत भी विकसित की। इसके अतिरिक्त, विद्यालय को लगातार दो वर्ष से जनपद स्तरीय स्वच्छता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नंदिनी ने वेतन से संवारा ददरिया का विद्यालय
बड़ोखर ब्लॉक। बड़ोखर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय, ददरिया की प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ. नंदिनी चौहान ने विद्यालय को बंद होने से बचाया। एक समय विद्यालय में 50 से कम बच्चे थे और इसे बंद करने के निर्देश हुए थे। नंदिनी ने ग्रामीणों से संपर्क कर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय बंद होने से बच गया। 15 अगस्त 2020 को उन्होंने ग्रामीणों से विद्यालय की तस्वीर बदलने का वादा किया। इसके बाद उन्होंने अपनी तनख्वाह से विद्यालय में चित्रकारी कराई और चारदीवारी बनवाई। विद्यालय में रसोई वाटिका विकसित की गई, जहां सब्जियां और फूल उगाए जाते हैं। स्मार्ट कक्षा, हाथ धोने की व्यवस्था, निगरानी कैमरे, पंखे और रेफ्रिजरेटर जैसी सुविधाएं भी लगाई गईं। मां सरस्वती का मंदिर भी स्थापित कराया गया। विद्यालय में शराब की बोतलें फेंके जाने की समस्या थी, जिसे नंदिनी ने ग्रामीणों से बातचीत कर बंद कराया।
प्रयासों से छात्रों ने नाम रोशन किया
बंद होने की कगार से विद्यालय को बचाया। स्मार्ट क्लास और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं जुटाईं। किचन गार्डन से बच्चों को प्रकृति और पोषण से जोड़ा। बच्चों की इंस्पायर परीक्षा और खेलकूद में भागीदारी बढ़ी। छात्र मंडल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचे।
पवन ने छह साल रोज दो घंटे मुफ्त पढ़ाया
बिसंडा ब्लॉक के सया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक पवन कुमार सिंह एक जुलाई 2015 से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। पिछले छह वर्षों से वह गूगल मीट के माध्यम से शाम पांच से सात बजे तक निशुल्क ऑनलाइन कक्षाएं लेते हैं, साथ ही गर्मियों में ऑफलाइन भी पढ़ाते हैं। उनके मार्गदर्शन में तैयार बच्चे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी छात्रा प्रियंका पटेल का सैनिक स्कूल में और छात्र आर्यन यादव का अटल आवासीय विद्यालय में चयन हुआ। विद्यालय ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में नौ वर्षों में चार बार प्रथम, दो बार द्वितीय और तीन बार तृतीय स्थान प्राप्त किया। गणित ओलंपियाड-2025 में निशनशी पटेल बालिका वर्ग में प्रथम और किशन पटेल बालक वर्ग में तृतीय रहे, साथ ही निशनशी राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत अहमदाबाद की हवाई यात्रा पर भी गईं।
प्रयास से छात्राओं को नए अनुभव मिले
छह साल से प्रतिदिन दो घंटे अतिरिक्त निशुल्क पढ़ाई। विद्यार्थियों का सैनिक स्कूल और अटल आवासीय विद्यालय में चयन। बच्चों ने मुख्यमंत्री के सामने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में विद्यालय ने कई बार जिले में स्थान पाया। गणित ओलंपियाड में विद्यार्थियों ने उपलब्धि हासिल की। छात्राओं को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नए अनुभव मिले।
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फोटो-33-सहायक अध्यापिका अंजना।
फोटो-34- विद्यालय में अभ्यास करतीं स्कूली छात्राएं।
फोटो-35- इंचार्ज प्रधानाध्यापक डॉ. नंदिनी चौहान।
फोटो-36- स्मार्ट क्लास में पढ़ातीं डॉ. नंदिनी।
फोटो-37- बच्चों के साथ सेल्फी लेते इंचार्ज प्रधानाध्यापक पवन कुमार सिंह।
फोटो-38- मुख्यमंत्री के समक्ष अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते सया विद्यालय के बच्चे। शिक्षक दिवस पर विशेष
-योग-जिम्नास्टिक में छात्राओं को प्रदेश स्तर तक पहुंचाया, किसी ने अपने वेतन से स्कूल संवारा
-विद्यालय को बेहतर बनाने से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक की तैयारी में जुटे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। सरकारी बेसिक शिक्षा की बदहाली अक्सर स्कूलों में कम छात्र संख्या और संसाधनों की कमी के रूप में दिखती है। हालांकि, इसी व्यवस्था के बीच कुछ शिक्षकों ने इन सीमाओं को चुनौती के रूप में लिया है। इन शिक्षकों ने विद्यालयों को केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि बच्चों की प्रतिभा निखारने और उनके सपनों को दिशा देने का केंद्र बनाने का संकल्प लिया। शिक्षक दिवस पर ऐसे ही तीन शिक्षकों के प्रयासों की कहानी पेश की गई है, जिन्होंने अपने वेतन का हिस्सा खर्च किया और विद्यालय समय के बाद भी बच्चों को पढ़ाया।
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अंजना ने छात्राओं को बनाया सशक्त
कनवारा। बड़ोखर ब्लॉक के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, कनवारा की सहायक अध्यापिका अंजना ने छात्राओं के शारीरिक और मानसिक विकास पर जोर दिया। उनका मानना है कि सशक्त बालिकाएं ही सशक्त समाज की नींव रख सकती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने छात्राओं को योग और जिम्नास्टिक का प्रशिक्षण देना शुरू किया। सत्र 2024-25 और 2025-26 में छात्राओं ने प्रदेशीय खेलकूद प्रतियोगिता में चैंपियनशिप हासिल की। अंजना के मार्गदर्शन में छात्राओं ने इंस्पायर अवार्ड और आय आधारित परीक्षा में भी सफलता पाई। उन्होंने बेटियों को आर्थिक अनुशासन और स्वावलंबन सिखाने के लिए विद्यालय में चिल्ड्रेन बैंक की स्थापना कराई। (संवाद)
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प्रयासों से छात्राओं ने बनाई पहचान
अंजना के मार्गदर्शन में छात्राओं ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने योग और जिम्नास्टिक में प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई। लगातार दो सत्रों में प्रदेशीय खेल-कूद प्रतियोगिताओं में भी उन्हें सफलता मिली। छात्राओं ने इंस्पायर अवार्ड में उपलब्धि हासिल की। उन्होंने चिल्ड्रेन बैंक के माध्यम से बचत और स्वावलंबन की आदत भी विकसित की। इसके अतिरिक्त, विद्यालय को लगातार दो वर्ष से जनपद स्तरीय स्वच्छता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नंदिनी ने वेतन से संवारा ददरिया का विद्यालय
बड़ोखर ब्लॉक। बड़ोखर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय, ददरिया की प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ. नंदिनी चौहान ने विद्यालय को बंद होने से बचाया। एक समय विद्यालय में 50 से कम बच्चे थे और इसे बंद करने के निर्देश हुए थे। नंदिनी ने ग्रामीणों से संपर्क कर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय बंद होने से बच गया। 15 अगस्त 2020 को उन्होंने ग्रामीणों से विद्यालय की तस्वीर बदलने का वादा किया। इसके बाद उन्होंने अपनी तनख्वाह से विद्यालय में चित्रकारी कराई और चारदीवारी बनवाई। विद्यालय में रसोई वाटिका विकसित की गई, जहां सब्जियां और फूल उगाए जाते हैं। स्मार्ट कक्षा, हाथ धोने की व्यवस्था, निगरानी कैमरे, पंखे और रेफ्रिजरेटर जैसी सुविधाएं भी लगाई गईं। मां सरस्वती का मंदिर भी स्थापित कराया गया। विद्यालय में शराब की बोतलें फेंके जाने की समस्या थी, जिसे नंदिनी ने ग्रामीणों से बातचीत कर बंद कराया।
प्रयासों से छात्रों ने नाम रोशन किया
बंद होने की कगार से विद्यालय को बचाया। स्मार्ट क्लास और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं जुटाईं। किचन गार्डन से बच्चों को प्रकृति और पोषण से जोड़ा। बच्चों की इंस्पायर परीक्षा और खेलकूद में भागीदारी बढ़ी। छात्र मंडल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचे।
पवन ने छह साल रोज दो घंटे मुफ्त पढ़ाया
बिसंडा ब्लॉक के सया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक पवन कुमार सिंह एक जुलाई 2015 से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। पिछले छह वर्षों से वह गूगल मीट के माध्यम से शाम पांच से सात बजे तक निशुल्क ऑनलाइन कक्षाएं लेते हैं, साथ ही गर्मियों में ऑफलाइन भी पढ़ाते हैं। उनके मार्गदर्शन में तैयार बच्चे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी छात्रा प्रियंका पटेल का सैनिक स्कूल में और छात्र आर्यन यादव का अटल आवासीय विद्यालय में चयन हुआ। विद्यालय ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में नौ वर्षों में चार बार प्रथम, दो बार द्वितीय और तीन बार तृतीय स्थान प्राप्त किया। गणित ओलंपियाड-2025 में निशनशी पटेल बालिका वर्ग में प्रथम और किशन पटेल बालक वर्ग में तृतीय रहे, साथ ही निशनशी राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत अहमदाबाद की हवाई यात्रा पर भी गईं।
प्रयास से छात्राओं को नए अनुभव मिले
छह साल से प्रतिदिन दो घंटे अतिरिक्त निशुल्क पढ़ाई। विद्यार्थियों का सैनिक स्कूल और अटल आवासीय विद्यालय में चयन। बच्चों ने मुख्यमंत्री के सामने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में विद्यालय ने कई बार जिले में स्थान पाया। गणित ओलंपियाड में विद्यार्थियों ने उपलब्धि हासिल की। छात्राओं को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नए अनुभव मिले।