{"_id":"6a9b0897019a097c0704024a","slug":"probation-granted-to-convict-in-fake-cd-cassette-case-banda-news-c-12-1-knp1100-1640107-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: नकली सीडी कैसेट मामले में दोषी को परिवीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: नकली सीडी कैसेट मामले में दोषी को परिवीक्षा
विज्ञापन
बांदा। नकली सीडी कैसेट के एक मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन शुभांशु दास ने दोषी राजू गुप्ता को परिवीक्षा का लाभ दिया है।
न्यायालय ने उसे तत्काल दंडित करने के बजाय एक वर्ष के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया। दोषी को 10 हजार रुपये का प्रतिकर भी अदा करना होगा।
यह मामला वर्ष 2007 का है। राजू गुप्ता को 4 जुलाई 2007 को बांदा के बलखंडीनाका स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसके कब्जे से नकली सीडी (कॉम्पैक्ट डिस्क) बरामद किए थे। राजू गुप्ता पर कॉपीराइट अधिनियम के तहत आरोप थे। न्यायालय में राजू ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए संस्वीकृति प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने उसकी संस्वीकृति को स्वेच्छा मानते हुए उसे दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष ने अधिकतम दंड की मांग की। बचाव पक्ष ने राजू की कमजोर आर्थिक स्थिति और पहली दोष सिद्धि के आधार पर परिवीक्षा पर रिहाई मांगी। सिविल जज शुभांशु दास ने राजू गुप्ता को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ प्रदान किया।
विज्ञापन
न्यायालय ने राजू गुप्ता को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के दो प्रतिभू प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उसे एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में शांति बनाए रखनी होगी, सदाचारी रहना होगा और जिला परिवीक्षा अधिकारी बांदा के पर्यवेक्षण में रहना होगा। उसे प्रत्येक माह की पंद्रह तारीख को जिला परिवीक्षा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य है। इस अवधि में उसे किसी भी प्रकार के आपराधिक कृत्य की पुनरावृत्ति नहीं करनी होगी।
-- -
बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार मामले में सुनवाई आज
बांदा। महोबा से बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार के भ्रष्टाचार निवारण मामले में पांच सितंबर को विशेष अदालत में सुनवाई होगी। उन पर क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं।
पाटीदार पर प्रतिमाह छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को रिश्वत मांगने का वीडियो जारी किया था। इसके बाद आठ सितंबर 2020 को उन्हें गोली लगी और 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी।
इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर पाटीदार व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई अब बांदा के भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में हो रही है। (संवाद)
विज्ञापन
न्यायालय ने उसे तत्काल दंडित करने के बजाय एक वर्ष के लिए सदाचरण की परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया। दोषी को 10 हजार रुपये का प्रतिकर भी अदा करना होगा।
यह मामला वर्ष 2007 का है। राजू गुप्ता को 4 जुलाई 2007 को बांदा के बलखंडीनाका स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसके कब्जे से नकली सीडी (कॉम्पैक्ट डिस्क) बरामद किए थे। राजू गुप्ता पर कॉपीराइट अधिनियम के तहत आरोप थे। न्यायालय में राजू ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए संस्वीकृति प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
न्यायालय ने उसकी संस्वीकृति को स्वेच्छा मानते हुए उसे दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष ने अधिकतम दंड की मांग की। बचाव पक्ष ने राजू की कमजोर आर्थिक स्थिति और पहली दोष सिद्धि के आधार पर परिवीक्षा पर रिहाई मांगी। सिविल जज शुभांशु दास ने राजू गुप्ता को परिवीक्षा अधिनियम का लाभ प्रदान किया।
विज्ञापन
न्यायालय ने राजू गुप्ता को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के दो प्रतिभू प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उसे एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में शांति बनाए रखनी होगी, सदाचारी रहना होगा और जिला परिवीक्षा अधिकारी बांदा के पर्यवेक्षण में रहना होगा। उसे प्रत्येक माह की पंद्रह तारीख को जिला परिवीक्षा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य है। इस अवधि में उसे किसी भी प्रकार के आपराधिक कृत्य की पुनरावृत्ति नहीं करनी होगी।
बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार मामले में सुनवाई आज
बांदा। महोबा से बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार के भ्रष्टाचार निवारण मामले में पांच सितंबर को विशेष अदालत में सुनवाई होगी। उन पर क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं।
पाटीदार पर प्रतिमाह छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को रिश्वत मांगने का वीडियो जारी किया था। इसके बाद आठ सितंबर 2020 को उन्हें गोली लगी और 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी।
इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर पाटीदार व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई अब बांदा के भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में हो रही है। (संवाद)