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बम-बम भोले के उद्घोष से गूंजें शिवालय
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The pagoda reverberates with the cry of Bam-Bam Bhole
- फोटो : BANDA
बांदा। ‘जय जय जय अनंत अविनाशी, करत कृपा सब के घटवासी’। सावन के तीसरे सोमवार को बारिश के बाद भी भक्तों का जोश कम नहीं हुआ। शिवालयों में सुबह से देर रात तक ओम नम: शिवाय (पंचाक्षर मंत्र) और शिव चालीसा की गूंज रही। शहर के कैलाशपुरी स्थित बांबेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने सबसे ज्यादा भीड़ रही।
20 फीट गहरी गुफा में भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। पुरोहितों के महामृत्युंजय जप की गूंज रही। गुफा में विराजमान शिवलिंग का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की होड़ रही। बेलपत्र, पुष्प, धतूरा आदि चढ़ाया गया। शाम को भव्य शृंगार हुआ। उधर, कालिंजर के नीलकंठेश्वर मंदिर सहित अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही।
बांबेश्वर मदिर के अलावा शिव सांईधाम मंदिर (कैलाशपुरी), महेश्वरी देवी, सिंहवाहिनी, काली देवी, मरही माता, पंचानन आश्रम (राजघाट रोड), संकट मोचन आदि शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की। दोपहर बाद जोरदार बारिश हुई। इसके बाद भी श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ। लोग बारिश में भीगते हुए मंदिर पहुंचे। उधर, कांवड़ियों का जत्था भी शिव गीतों की धुन में थिरकते हुए बांबेश्वर मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।
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नरैनी संवाद के अनुसार कालिंजर के नीलकंठेश्वर मंदिर में एमपी व यूपी सीमा से जुड़े गांवों के लोग मंदिर पहुंचकर पूजन अर्चन किया। दुर्ग का अवलोकन किया। अतर्रा संवाद के अनुसार गौराबाबा मंदिर सहित चूड़ी गली, बड़ी माता, छोटी माता, शारदा मंदिर, शनि मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजन किया।
बबेरू संवाद के अनुसार मां मढ़ी दाई मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों का जमावड़ा रहा। श्रद्धालुओं ने पूजन कर मन्नत मांगी। अरविंद कसौंधन, पुजारी मनोज पांडे, वैभव भारद्वाज, पिस्सू चतुर्वेदी, रोहित बाबा, सुनील, विजय सिंह, नंद बाबा, कुंवर सिंह, उदय सिंह, गोलू, सतीश मिश्रा, राजा मिश्रा, जय सिंह, सुरेश चौरसियां, सुनील सोनी, भोले, राजा आदि ने व्यवस्था संभाली।
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20 फीट गहरी गुफा में भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। पुरोहितों के महामृत्युंजय जप की गूंज रही। गुफा में विराजमान शिवलिंग का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की होड़ रही। बेलपत्र, पुष्प, धतूरा आदि चढ़ाया गया। शाम को भव्य शृंगार हुआ। उधर, कालिंजर के नीलकंठेश्वर मंदिर सहित अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही।
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बांबेश्वर मदिर के अलावा शिव सांईधाम मंदिर (कैलाशपुरी), महेश्वरी देवी, सिंहवाहिनी, काली देवी, मरही माता, पंचानन आश्रम (राजघाट रोड), संकट मोचन आदि शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की। दोपहर बाद जोरदार बारिश हुई। इसके बाद भी श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ। लोग बारिश में भीगते हुए मंदिर पहुंचे। उधर, कांवड़ियों का जत्था भी शिव गीतों की धुन में थिरकते हुए बांबेश्वर मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।
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नरैनी संवाद के अनुसार कालिंजर के नीलकंठेश्वर मंदिर में एमपी व यूपी सीमा से जुड़े गांवों के लोग मंदिर पहुंचकर पूजन अर्चन किया। दुर्ग का अवलोकन किया। अतर्रा संवाद के अनुसार गौराबाबा मंदिर सहित चूड़ी गली, बड़ी माता, छोटी माता, शारदा मंदिर, शनि मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजन किया।
बबेरू संवाद के अनुसार मां मढ़ी दाई मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों का जमावड़ा रहा। श्रद्धालुओं ने पूजन कर मन्नत मांगी। अरविंद कसौंधन, पुजारी मनोज पांडे, वैभव भारद्वाज, पिस्सू चतुर्वेदी, रोहित बाबा, सुनील, विजय सिंह, नंद बाबा, कुंवर सिंह, उदय सिंह, गोलू, सतीश मिश्रा, राजा मिश्रा, जय सिंह, सुरेश चौरसियां, सुनील सोनी, भोले, राजा आदि ने व्यवस्था संभाली।