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बांदा : गृहस्वामी खुद तोड़ रहे हैं अपने आशियाने
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अतिक्रमण ढहाने के बाद बांदा-कालिंजर मार्ग पर खंडहर नजर आते मकान।
- फोटो : BANDA
नरैनी। फोरलेन सड़क निर्माण के लिए बांदा-कालिंजर मार्ग पर दर्जनों आलीशान और पक्के मकान धराशाई कर दिए गए। अपनी कमाई से खड़ी की गई इन इमारतों को गृहस्वामी खुद तोड़ रहे हैं।
अन्य इलाकों में जहां नवरात्र, दशहरा, दिवाली आदि की तैयारियों के लिए मकानों को रंगरोगन किया जा रहा है, वहीं कालिंजर मार्ग में आशियाना तोड़े जा रहे हैं। सड़क पर दोनों ओर दो किलोमीटर क्षेत्र में सिर्फ धूल और मलबा ही नजर आ रहा है।
पीडब्ल्यूडी की ओर से निर्माणाधीन कालिंजर फोरलेन सड़क पर मलबा ही मलबा दिखाई दे रहा है। जहां पहले बाजार लगता था, वहां अब धूल उड़ रही है। गृहस्वामी समेत परिवार के बच्चे-बूढ़े, महिलाएं सभी सड़क चौड़ीकरण सीमा पर आए चिह्नित घर के हिस्से को ढहाने में जुटे हैं।
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भवन मालिक भगवान रैकवार, रामबाबू, रामू, रामबहादुर त्रिपाठी, रमेश चौरसिया, पुष्पेंद्र सिंह राजपूत, प्रकाश पांडेय ने बताया कि उन्होंने विधायक राजकरन कबीर से फरियाद की थी कि त्योहारों तक उनके मकानों को न गिराने की मोहलत दे दी जाए, लेकिन कोई हल नहीं निकला। पैसा लगाकर या खुद मकान गिराना खल रहा है। दोबारा घर बनवाने में वर्षों लग जाएं।
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अन्य इलाकों में जहां नवरात्र, दशहरा, दिवाली आदि की तैयारियों के लिए मकानों को रंगरोगन किया जा रहा है, वहीं कालिंजर मार्ग में आशियाना तोड़े जा रहे हैं। सड़क पर दोनों ओर दो किलोमीटर क्षेत्र में सिर्फ धूल और मलबा ही नजर आ रहा है।
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पीडब्ल्यूडी की ओर से निर्माणाधीन कालिंजर फोरलेन सड़क पर मलबा ही मलबा दिखाई दे रहा है। जहां पहले बाजार लगता था, वहां अब धूल उड़ रही है। गृहस्वामी समेत परिवार के बच्चे-बूढ़े, महिलाएं सभी सड़क चौड़ीकरण सीमा पर आए चिह्नित घर के हिस्से को ढहाने में जुटे हैं।
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भवन मालिक भगवान रैकवार, रामबाबू, रामू, रामबहादुर त्रिपाठी, रमेश चौरसिया, पुष्पेंद्र सिंह राजपूत, प्रकाश पांडेय ने बताया कि उन्होंने विधायक राजकरन कबीर से फरियाद की थी कि त्योहारों तक उनके मकानों को न गिराने की मोहलत दे दी जाए, लेकिन कोई हल नहीं निकला। पैसा लगाकर या खुद मकान गिराना खल रहा है। दोबारा घर बनवाने में वर्षों लग जाएं।